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  "title": "मुंबई को पीछे छोड़कर हैदराबाद बना देश का नंबर-1 हाउसिंग मार्केट, 4.77 लाख करोड़ की हुई बिक्री",
  "summary": "साल 2021 से 2025 के बीच आवासीय संपत्तियों की बिक्री के मामले में हैदराबाद ने मुंबई को पछाड़कर पहला स्थान अपने नाम कर लिया है। इस अवधि में शहर में कुल 4,77,977 करोड़ रुपए के मकान बिके हैं।",
  "content": "देश के संपत्ति बाजार में एक अभूतपूर्व फेरबदल दर्ज किया गया है। पिछले पांच वर्षों के दौरान घरों की कुल बिक्री के आंकड़ों में दक्षिण भारत के इस प्रमुख महानगर ने देश की वित्तीय राजधानी को पीछे छोड़ दिया है। इस बड़ी कामयाबी के बाद यह शहर देश का सबसे बड़ा और सबसे अधिक मूल्य वाला आवासीय बाजार बन गया है।\n\nशीर्ष पर पहुंचा हैदराबाद का रियल एस्टेट\nआंकड़ों के विश्लेषण से जुड़ी संस्था CRE Matrix की रिपोर्ट बताती है कि 2021 से 2025 के इस दौर में हैदराबाद में कुल 4,77,977 करोड़ रुपए मूल्य के रिहायशी मकान बिके हैं। इसके मुकाबले मुंबई में इसी समय अवधि में कुल 4,51,811 करोड़ रुपए की संपत्तियां बिकीं और वह दूसरे स्थान पर आ गया। इस बदलाव ने देश के प्रॉपर्टी सेक्टर में एक नई बहस छेड़ दी है कि कैसे दक्षिण के इस शहर ने बाजी पलट दी है। इस बारे में रियल एस्टेट विशेषज्ञ डॉ. एहसान खान ने बताया कि देश के प्रमुख संपत्ति बाजारों में अब यह आईटी हब सबसे आगे निकल चुका है और बाकी शहरों की अगुवाई कर रहा है।\n\nदेश के प्रमुख पांच संपत्ति बाजार\nकुल बिक्री के लिहाज से देश के सबसे बड़े पांच शहरों की रैंकिंग में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। आंकड़ों के मुताबिक शीर्ष पांच बाजारों में इस महानगर ने सबको पीछे छोड़ते हुए बढ़त हासिल की है और बाकी शहर इसके पीछे खड़े नजर आते हैं।\n\nतेजी के पीछे क्या हैं मुख्य वजहें\nइस बड़े उछाल के पीछे कई ठोस कारण जिम्मेदार हैं। जानकारों के अनुसार शहर में खासकर महंगे और शानदार मकानों की मांग में जबरदस्त तेजी आई है। पश्चिमी हिस्से के प्रमुख इलाकों जैसे गाचीबोवली, हाईटेक सिटी, कोकापेट, मणिकोंडा और नल्लागंडला में बहुराष्ट्रीय कंपनियों और तकनीकी दफ्तरों के साथ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का लगातार विस्तार हुआ है। इससे वहां अच्छी कमाई करने वाले खरीदारों की संख्या में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बड़े आकार के फ्लैट, सुरक्षित परिसरों वाली कॉलोनियां और विला परियोजनाओं की वजह से कुल कारोबार का आंकड़ा इतनी ऊंचाई पर पहुंच गया है। इसके साथ ही बाहरी रिंग रोड, मजबूत परिवहन व्यवस्था और नए बुनियादी ढांचे के विकास ने इस क्षेत्र की रफ्तार को और तेज कर दिया है।\n\nइसका आप पर असर\nरियल एस्टेट बाजार में हुए इस बड़े बदलाव का असर देश भर के खरीदारों और निवेशकों पर सीधा पड़ता है।\n\n• भारत में: देश भर के संपत्ति खरीदारों के लिए यह संकेत है कि अब मेट्रो शहरों के अलावा टियर-1 तकनीकी केंद्रों में बड़े निवेश आ रहे हैं। इससे देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की कीमतों और विकास के पैटर्न्स पर असर पड़ेगा।\n• हैदराबाद में: स्थानीय निवासियों और घर खरीदारों के लिए इसका मतलब है कि गाचीबोवली और हाईटेक सिटी जैसे पश्चिमी इलाकों में संपत्तियों की कीमतें और अधिक मजबूत हो सकती हैं। उच्च आय वर्ग की मांग बढ़ने से शहर में प्रीमियम और लग्जरी मकानों की आपूर्ति तेज होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हैदराबाद ने किस शहर को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है?\nहैदराबाद ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है।\n\n2. यह रिपोर्ट किस संस्था ने जारी की है?\nयह रिपोर्ट रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म CRE Matrix द्वारा जारी की गई है।\n\n3. किस अवधि के आंकड़ों के आधार पर यह रैंकिंग दी गई है?\nयह आंकड़े साल 2021 से 2025 के बीच की अवधि के हैं।\n\n4. इस दौरान हैदराबाद में कुल कितने मूल्य की संपत्तियां बिकीं?\nइस अवधि में हैदराबाद में कुल 4,77,977 करोड़ रुपए मूल्य की रिहायशी संपत्तियां बिकीं।\n\n5. मुंबई में कुल कितने मूल्य की संपत्तियों की बिक्री दर्ज की गई?\nमुंबई में इसी अवधि के दौरान कुल 4,51,811 करोड़ रुपए की संपत्तियां बिकीं।\n\n6. किन इलाकों में आवासीय संपत्तियों की मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है?\nगाचीबोवली, हाईटेक सिटी, कोकापेट, मणिकोंडा और नल्लागंडला जैसे पश्चिमी इलाकों में मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-09-04",
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    "रियल एस्टेट",
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