# ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी ज़ोमैटो ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस और कैश ऑन डिलीवरी चार्ज

> फूड डिलीवरी ऐप ज़ोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल ने प्लेटफॉर्म फीस ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 कर दी है, जबकि कैश ऑन डिलीवरी चुनने वाले ग्राहकों को प्रति ऑर्डर ₹5 अतिरिक्त देने होंगे।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/nalaina-phuda-dilivari-knpani-zomato-ne-barhai-pletaphorma-phisa-aura-kaisha-na-dilivari-charja-31510 · **Language:** Hindi
**Tags:** ज़ोमैटो, इटरनल, ऑनलाइन फूड डिलीवरी, प्लेटफॉर्म फीस, कैश ऑन डिलीवरी, स्विगी

ऑनलाइन खाना मंगवाने वाले ग्राहकों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ज़ोमैटो की मूल कंपनी इटरनल ने अपने शुल्क ढांचे में संशोधन करते हुए ऑर्डर प्रक्रिया को महंगा कर दिया है। 6 महीनों के अंतराल के बाद कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी की है, जिसके तहत प्रति ऑर्डर शुल्क को ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 कर दिया गया है। इसके साथ ही कैश ऑन डिलीवरी (COD) का विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रति ऑर्डर ₹5 का नया अतिरिक्त चार्ज लागू कर दिया गया है।

## कैश ऑन डिलीवरी पर ₹5 का अतिरिक्त शुल्क
ज़ोमैटो से खाना ऑर्डर करते समय डिजिटल भुगतान के बजाय कैश ऑन डिलीवरी चुनने वाले ग्राहकों को अब पहले की तुलना में ₹5 अधिक चुकाने होंगे। कंपनी का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और नकद लेन-देन में होने वाले परिचालन खर्चों की भरपाई करना है। यह नया चार्ज पहले से ली जा रही डिलीवरी फीस और प्लेटफॉर्म फीस के अलावा होगा।

## प्लेटफॉर्म फीस में 19.2 फीसदी की बढ़ोतरी
ज़ोमैटो ने अपनी नियमित प्लेटफॉर्म फीस में ₹2.40 प्रति ऑर्डर की बढ़ोतरी की है। 19.2 फीसदी की इस वृद्धि के बाद अब हर ऑर्डर पर ग्राहकों को ₹14.90 प्लेटफॉर्म शुल्क देना होगा। पिछले 6 महीनों में प्लेटफॉर्म फीस में यह पहला बदलाव है। इस बढ़ोतरी से कंपनी की दैनिक आय में लगभग ₹48 लाख अतिरिक्त जोड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

## शेयर बाजार पर असर
प्लेटफॉर्म फीस और डिलीवरी से जुड़े शुल्कों में इस वृद्धि की खबर के बाद शेयर बाजार में ज़ोमैटो की मूल कंपनी इटरनल और प्रतिद्वंद्वी स्विगी के शेयरों में तेजी देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्रति ऑर्डर अतिरिक्त कमाई से कंपनियों के लाभ मार्जिन में सुधार होगा, जिसका सीधा फायदा टेक और फूड डिलीवरी स्टॉक्स को मिलता दिख रहा है।

## इसका आप पर असर
ज़ोमैटो और स्विगी जैसे ऐप्स से खाना मंगवाने वाले हर यूजर के लिए हर ऑर्डर अब महंगा हो गया है।

- **प्रति ऑर्डर खर्च:** हर ऑर्डर पर अब ₹12.50 के बजाय ₹14.90 प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। इससे हर भोजन ऑर्डर पर कम से कम ₹2.40 का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
- **कैश ऑन डिलीवरी उपयोगकर्ता:** यदि आप डिलीवरी के समय नकद भुगतान चुनते हैं तो ₹5 अतिरिक्त देने होंगे। नकद की जगह ऑनलाइन या यूपीआई भुगतान करके इस शुल्क से बचा जा सकता है।
- **मासिक बजट पर असर:** महीने में 10 से 15 बार ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले परिवारों को हर महीने ₹35 से ₹100 तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
- **शेयर बाजार के निवेशक:** इटरनल और टेक डिलीवरी क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए राजस्व वृद्धि से सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
ज़ोमैटो ने अपनी दैनिक आय और परिचालन लाभप्रदता बढ़ाने के लिए यह फीस बढ़ोतरी लागू की है। 6 महीनों तक शुल्क स्थिर रखने के बाद कंपनी ने प्लेटफॉर्म और नकद डिलीवरी शुल्क में यह संशोधन किया है।

- **राजस्व वृद्धि:** प्लेटफॉर्म फीस में ₹2.40 की वृद्धि से कंपनी को रोजाना लगभग ₹48 लाख की अतिरिक्त आय हासिल होने का अनुमान है।
- **नकद प्रबंधन लागत:** कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर्स में नकद संग्रह और हैंडलिंग की परिचालन लागत अधिक होती है, जिसे वसूलने के लिए ₹5 का नया चार्ज लगाया गया है।
- **डिजिटल भुगतान को बढ़ावा:** अतिरिक्त शुल्क लगाकर ग्राहकों को डिजिटल और यूपीआई भुगतान के विकल्पों की ओर स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. ज़ोमैटो की नई प्लेटफॉर्म फीस कितनी हो गई है?
ज़ोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 प्रति ऑर्डर कर दी है।

### 2. कैश ऑन डिलीवरी चुनने पर कितना अतिरिक्त चार्ज लगेगा?
कैश ऑन डिलीवरी चुनने वाले ग्राहकों को प्रति ऑर्डर ₹5 अतिरिक्त देने होंगे।

### 3. प्लेटफॉर्म फीस में कितने रुपये और कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है?
प्लेटफॉर्म फीस में ₹2.40 प्रति ऑर्डर यानी 19.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

### 4. प्लेटफॉर्म फीस बढ़ने से ज़ोमैटो को कितनी अतिरिक्त दैनिक कमाई होगी?
इस फीस बढ़ोतरी से कंपनी को रोजाना लगभग ₹48 लाख की अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है।

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