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  "type": "article",
  "title": "नरेला बना दिल्ली का नया घर बाजार, तीन महीने में बिके 1284 फ्लैट, 31 जुलाई तक चूकें नहीं मौका",
  "summary": "दिल्ली विकास प्राधिकरण ने अप्रैल से जून के बीच 1,284 फ्लैट बेचकर ₹1,020 करोड़ जुटाए, जिसमें अकेले नरेला की हिस्सेदारी करीब 90 फीसदी रही। सस्ते घर खरीदने की आखिरी तारीख अब 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई है।",
  "content": "राजधानी में किफायती घर का सपना देख रहे लोगों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने ऐसा मौका दिया कि खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। महज तीन महीने के भीतर प्राधिकरण ने दिल्ली में करीब 1,300 मकान बेच दिए और इससे उसकी झोली में 1,020 करोड़ रुपये आ गए। सबसे बड़ी बात यह रही कि नरेला अब राजधानी का सबसे बड़ा हाउसिंग केंद्र बनकर सामने आया है, जहां प्राधिकरण ने अपना सबसे बड़ा प्रोजेक्ट उतारा था और चालू वित्त वर्ष की पहली ही तिमाही में जबरदस्त बिक्री दर्ज की।\n\nआंकड़ों की मानें तो वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान आवासीय फ्लैटों की बिक्री ने रिकॉर्ड बनाया। इस अवधि में कुल 1,284 फ्लैट बिके और इनसे 1,020 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। यह कमाई पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 462 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 120 प्रतिशत ज्यादा है। इन 1,284 फ्लैटों में से अकेले 1,153 फ्लैट, यानी लगभग 90 फीसदी, सिर्फ नरेला में हाथोंहाथ बिक गए।\n\nनरेला की तरफ क्यों झुके खरीदार\nनरेला की तरफ लोगों का रुझान अचानक नहीं बढ़ा। UER-II और रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं की वजह से इस इलाके की कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो गई है। बस यही वजह रही कि प्राधिकरण भी यहां सबसे ज्यादा फ्लैट तैयार कर रहा है। बेहतर आवाजाही और आने वाले समय की संभावनाओं को देखते हुए खरीदारों ने इसी इलाके में निवेश करना और अपना आशियाना बसाना बेहतर समझा।\n\nकिस श्रेणी में कितने फ्लैट\nप्राधिकरण के इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग आय वर्ग के लिए फ्लैट बनाए गए थे। इनकी तस्वीर कुछ इस तरह रही\n\n• आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के लिए 336 फ्लैट बनाए गए।\n• कम आय वर्ग यानी LIG के लिए 322 फ्लैट तैयार किए गए।\n• मध्यम आय वर्ग यानी MIG में सबसे ज्यादा 435 फ्लैट बेचे गए, जो किसी भी श्रेणी में सबसे बड़ी बिक्री रही।\n• उच्च आय वर्ग यानी HIG में भी बीते तीन महीनों में 191 फ्लैट बिक गए।\n\nखास बात यह रही कि नरेला में EWS श्रेणी के फ्लैट लगभग पूरी तरह बिक गए, जिससे साफ है कि सस्ते घरों की मांग कितनी मजबूत है। ये सभी फ्लैट कर्मयोगी आवास योजना, नागरिक आवास योजना और टावरिंग हाइट्स, ईस्ट दिल्ली हब (कड़कड़डूमा) के तहत बनाए और बेचे गए हैं।\n\nअब भी नहीं गया है वक्त\nजो लोग इस मौके से चूक गए हैं, उनके लिए राहत की खबर है। इन आवास योजनाओं की आखिरी तारीख अब 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई है। यानी अब भी इनमें निवेश करने और अपना घर खरीदने का पूरा मौका बचा हुआ है।\n\nपिछले साल टूटा था बिक्री का रिकॉर्ड\nप्राधिकरण ने अपनी सभी आवास योजनाओं को पहले आओ, पहले पाओ (FCFS) के आधार पर बेचा है। इसकी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, इसलिए खरीदार घर बैठे ही आवेदन कर सकते हैं। सभी फ्लैट फ्रीहोल्ड और रेडी-टू-मूव हैं, यानी खरीदते ही उनमें रहा जा सकता है। इतना ही नहीं, खरीदारों के लिए सैंपल फ्लैट देखने की सुविधा भी रखी गई है। बीते वित्त वर्ष 2025-26 में तो रिकॉर्ड 11,764 फ्लैट बिके थे, जिनमें 90 प्रतिशत से ज्यादा किफायती आवास श्रेणी के थे।\n\nप्राधिकरण का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया, आसान होम लोन के विकल्प, हेल्पडेस्क, व्हाट्सएप चैटबॉट और पारदर्शी व्यवस्था की वजह से लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है, और यही भरोसा इस बंपर बिक्री की असली वजह बना।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: सरकारी प्राधिकरण के फ्रीहोल्ड और रेडी-टू-मूव फ्लैट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं, जिससे घर खरीदने का सुरक्षित और पारदर्शी विकल्प मिलता है।\n• दिल्ली में: नरेला में सस्ते EWS फ्लैट लगभग बिक चुके हैं, लेकिन 31 जुलाई 2026 तक बाकी योजनाओं में आवेदन कर किफायती घर पाने का मौका अब भी खुला है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डीडीए ने पहली तिमाही में कितने फ्लैट बेचे?\nवित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कुल 1,284 फ्लैट बिके और इनसे 1,020 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।\n\n2. सबसे ज्यादा फ्लैट किस इलाके में बिके?\n1,284 में से 1,153 फ्लैट यानी करीब 90 फीसदी अकेले नरेला में बिके, जो अब दिल्ली का सबसे बड़ा हाउसिंग हब बन गया है।\n\n3. सस्ते फ्लैट खरीदने की आखिरी तारीख क्या है?\nइन आवास योजनाओं की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई है, इसलिए अब भी आवेदन का मौका है।\n\n4. किस श्रेणी में सबसे ज्यादा फ्लैट बिके?\nमध्यम आय वर्ग यानी MIG में सबसे ज्यादा 435 फ्लैट बिके, जबकि EWS में 336, LIG में 322 और HIG में 191 फ्लैट बेचे गए।\n\n5. यह बिक्री पिछले साल के मुकाबले कितनी ज्यादा है?\nइस साल का 1,020 करोड़ रुपये का राजस्व पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 462 करोड़ रुपये से करीब 120 प्रतिशत ज्यादा है।\n\n6. फ्लैट कैसे और किस आधार पर बेचे जा रहे हैं?\nसभी फ्लैट पहले आओ, पहले पाओ (FCFS) के आधार पर पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से बेचे जा रहे हैं और ये फ्रीहोल्ड व रेडी-टू-मूव हैं।\n\n7. पिछले वित्त वर्ष में कितने फ्लैट बिके थे?\nवित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 11,764 फ्लैट बिके थे, जिनमें 90 प्रतिशत से ज्यादा किफायती आवास श्रेणी के थे।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-07-16",
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    "डीडीए फ्लैट",
    "नरेला हाउसिंग",
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    "दिल्ली विकास प्राधिकरण",
    "फ्लैट बिक्री"
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