नेपाल की आपदा में फंसे इंफोसिस के दिग्गज अधिकारी लक्ष गोपीसेट्टी, संपर्क टूटने से बढ़ी चिंता नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बीच इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रमुख लक्ष गोपीसेट्टी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय प्रभावित हुए हैं। हिमालयी देश नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच कॉर्पोरेट जगत से एक गंभीर खबर सामने आई है। देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के बड़े अधिकारी और उसकी सब्सिडियरी कंपनी के प्रमुख लक्ष गोपीसेट्टी से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। वह निजी यात्रा पर नेपाल गए हुए थे और अचानक आए सैलाब की चपेट में आने के बाद से उनका कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है। इस घटना के बाद उनके परिवार, मित्रों और कंपनी के भीतर गहरी चिंता का माहौल बन गया है। इंफोसिस ने दी आधिकारिक पुष्टि प्रबंधन ने इस स्थिति की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि लक्ष गोपीसेट्टी व्यक्तिगत दौरे पर वहां मौजूद थे। कंपनी की तरफ से जारी किए गए बयानों में कहा गया है कि इस वक्त उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना और किसी तरह उनका पता लगाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अधिकारी की तलाश और उनके बारे में पक्की जानकारी जुटाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कंपनी लगातार स्थानीय हालात पर नजर बनाए हुए है और हरसंभव संपर्क साधने में जुटी है। विदेश मंत्रालय के आंकड़े और राहत कार्य नेपाल और तिब्बत की सीमा से लगे हुए पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक आए पानी के रेले ने केवल स्थानीय नागरिकों की मुश्किलें नहीं बढ़ाईं, बल्कि वहां यात्रा कर रहे या रह रहे भारतीयों के लिए भी गंभीर संकट पैदा कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस संकट के बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे थे, जबकि सैकड़ों लोग चीन की सीमा की तरफ फंसे हुए थे। हालांकि राहत की बात यह है कि चीन की तरफ अटके हुए दर्जनों लोग सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच चुके हैं और उनमें से कई लोग राजधानी नई दिल्ली भी लौट आए हैं। भारत सरकार ने इस आपदा से निपटने के लिए नेपाल को हरसंभव सहायता देने का ऐलान किया है और प्रभावितों को निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। लक्ष गोपीसेट्टी का करियर और पेशेवर सफर लक्ष गोपीसेट्टी इंफोसिस की अनुषंगी इकाई इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रेसिडेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर कार्य कर रहे हैं। यह इकाई मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका के देशों जैसे अमेरिका और कनाडा के सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के लिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आधुनिक टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्रदान करती है। उनके पास टेक्नोलॉजी और बिजनेस के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का लंबा अनुभव है। उन्होंने अपने शानदार करियर के दौरान सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों के अलावा हेल्थकेयर, वित्तीय सेवाओं और मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई अहम क्षेत्रों में बड़े प्रोजेक्ट्स का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है। दिग्गज कंपनियों में निभा चुके हैं बड़ी भूमिकाएं इससे पहले वह इंफोसिस के भीतर ही ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने बिजनेस एप्लिकेशंस और डिजिटल वर्कस्पेस के कारोबार का विस्तार किया। इंफोसिस से जुड़ने से पहले वह एक्सेंचर में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे, जहां उन्होंने उत्तरी अमेरिका में स्वास्थ्य और लोक सेवाओं के वर्टिकल की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके अलावा उन्होंने अपने लंबे करियर में बेयरिंगपॉइंट, आईबीएम, पीडब्ल्यूसी और एचसीएल जैसी नामचीन कंपनियों में भी कई वरिष्ठ और महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उन्हें एक प्रबुद्ध विचारक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहने वाले व्यक्ति के रूप में भी जाना जाता है, जिनकी इस अचानक आई आपदा में स्थिति को लेकर हर कोई फिक्रमंद है। इसका आप पर असर नेपाल में आई आपदा और उससे जुड़े घटनाक्रम का असर सीमावर्ती यात्राओं और विदेश यात्रा करने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर सीधा पड़ता है। • भारत में: नेपाल जाने वाले पर्यटकों और वहां फंसे नागरिकों के परिजनों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे विदेश मंत्रालय और दूतावास स्तर पर हेल्पलाइन और सहायता गतिविधियों में तेजी आई है। • नेपाल में: अचानक आई बाढ़ के कारण परिवहन और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे राहत और बचाव अभियानों में बड़ी चुनौतियां आ रही हैं। सवाल-जवाब 1. लक्ष गोपीसेट्टी किस कंपनी में प्रमुख हैं? वह इंफोसिस की सब्सिडियरी कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रेसिडेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हैं। 2. वह नेपाल क्यों गए थे? वह एक निजी यात्रा पर नेपाल गए हुए थे। 3. विदेश मंत्रालय के अनुसार कितने भारतीय लापता बताए गए थे? विदेश मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार तक करीब 320 भारतीय नागरिक लापता बताए गए थे। 4. चीन की तरफ फंसे भारतीयों में से कितने लोग सुरक्षित नेपाल पहुंचे? चीन की ओर फंसे 153 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। https://trendkia.com/business/nepala-ki-apada-men-phnse-infosys-ke-diggaja-adhikari-lax-gopisetti-snparka-tutane-se-barhi-chinta-24032 TrendKia — Har trend, sabse pehle.