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  "title": "नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में बनकर तैयार अटल इनक्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप सपनों को मिलेगा 2 करोड़ का सहारा",
  "summary": "नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में आज शिक्षा मंत्री आशीष सूद अटल इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन करेंगे, जहां पहले साल के लिए 2 करोड़ रुपए का फंड मिला है और हर साल 50 से ज्यादा स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।",
  "content": "आइडिया तो बहुत लोगों के पास होता है, लेकिन उसे एक कामयाब कारोबार में बदलने का रास्ता हर किसी को नहीं सूझता। ठीक इसी मुश्किल को आसान करने के मकसद से नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में अटल इनक्यूबेशन सेंटर तैयार किया गया है। इसका उद्घाटन 18 जून यानी आज शिक्षा मंत्री आशीष सूद करेंगे। सेंटर की सारी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसे यूनिवर्सिटी के तीसरे फ्लोर पर बनाया गया है।\n\nलंबे इंतजार के बाद मिली मंजूरी\nसेंटर की निदेशक प्रेरणा गौड़ ने बातचीत में बताया कि NSUT के छात्र स्टार्टअप्स को लेकर पहले से ही काफी जागरूक रहे हैं। उन्हें यह अच्छी तरह मालूम होता है कि किसी स्टार्टअप को कैसे पंजीकृत कराना है और उसे कामयाबी तक कैसे पहुंचाना है। बीते 10 सालों से यहां हर छात्र के स्टार्टअप को आगे बढ़ने का मौका दिया जा रहा है। इसी सिलसिले को और मजबूती देने के लिए साल 2022 में अटल इन्नोवेशन मिशन के तहत यूनिवर्सिटी में अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की अनुमति मिल गई थी।\n\nपहले स्लॉट में मिले 2 करोड़ रुपए\nप्रेरणा गौड़ के मुताबिक साल 2025 के नवंबर में यूनिवर्सिटी में इस सेंटर को स्थापित करने की सारी अड़चनें दूर हो गई थीं, और इसी के बाद 18 जून को इसका उद्घाटन तय हुआ। फिलहाल पहले एक साल के लिए सेंटर को 2 करोड़ रुपए का फंड मिला है। उन्होंने बताया कि शुरुआती साल में पूरे दिल्ली एनसीआर के छात्रों को स्टार्टअप्स के प्रति जागरूक किया जाएगा और उन्हें ज्यादा से ज्यादा जानकारी दी जाएगी। इसके लिए कई तरह के कैंप भी लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्र इस मुहिम से जुड़ सकें।\n\nAI पर रहेगा खास फोकस\nनिदेशक ने बताया कि अटल इनक्यूबेशन सेंटर के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को काफी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि वक्त बदल चुका है और आजकल ज्यादातर स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ही आधारित हो रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सेंटर पूरी तरह हाईटेक होगा, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर इंटरनेट पर आधारित हर तरह के स्टार्टअप को नई पहचान दी जाएगी।\n\nहर साल 50 से ज्यादा स्टार्टअप्स का लक्ष्य\nप्रेरणा गौड़ ने बताया कि छात्रों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे अपने स्टार्टअप को और बेहतर तरीके से चला सकें। सेंटर ने हर साल 50 से ज्यादा स्टार्टअप्स को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि सरकार का पूरा ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ डेटा कलेक्शन और स्मार्ट सिस्टम पर है, ताकि देश की टेक्नोलॉजी को रफ्तार मिले और ज्यादा से ज्यादा स्टार्टअप्स खड़े हो सकें। उनके शब्दों में यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म साबित होगा जहां स्टार्टअप का सपना देखने वालों के हौसलों को पंख लगेंगे।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: सरकारी अटल इन्नोवेशन मिशन के तहत खुलने वाला यह सेंटर दिखाता है कि नए कारोबारियों के लिए फंडिंग और गाइडेंस का दायरा बढ़ रहा है, खासकर AI आधारित स्टार्टअप्स के लिए।\n• दिल्ली एनसीआर में: इलाके के छात्रों को मुफ्त कैंप, सुविधाएं और जागरूकता मिलेगी, जिससे अपने आइडिया को रजिस्टर्ड स्टार्टअप में बदलना आसान होगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अटल इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन कौन और कब करेगा?\nइसका उद्घाटन 18 जून को शिक्षा मंत्री आशीष सूद नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में करेंगे।\n\n2. सेंटर को कितना फंड मिला है?\nपहले एक साल के लिए फिलहाल 2 करोड़ रुपए का फंड मिला है।\n\n3. हर साल कितने स्टार्टअप्स को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य है?\nसेंटर ने हर साल 50 से ज्यादा स्टार्टअप्स को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।\n\n4. सेंटर बनाने की अनुमति कब मिली थी?\nसाल 2022 में अटल इन्नोवेशन मिशन के तहत अनुमति मिली थी और नवंबर 2025 में स्थापना के सारे रास्ते साफ हो गए।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-06-17",
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    "अटल इनक्यूबेशन सेंटर",
    "नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी",
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    "दिल्ली एनसीआर स्टार्टअप",
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