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  "type": "article",
  "title": "निजी बैंकों की पहली तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक सबसे आगे, यस बैंक का मुनाफा 34 फीसदी उछला",
  "summary": "चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का शुद्ध लाभ 16 फीसदी और यस बैंक का मुनाफा 34 फीसदी उछला, जबकि एचडीएफसी बैंक के नतीजे अनुमान से थोड़े कमजोर रहे और कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा 26 फीसदी बढ़ा।",
  "content": "देश के चार प्रमुख निजी बैंकों एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं और इस बार मुनाफे की दौड़ में आईसीआईसीआई बैंक सबसे आगे नजर आया। जहां देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, वहीं यस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए दमदार प्रदर्शन किया।\n\nएचडीएफसी बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 5 फीसदी बढ़कर ₹19,060 करोड़ रहा, जो बाजार की उम्मीद से थोड़ा कम है। दूसरी ओर आईसीआईसीआई बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ 16 फीसदी की छलांग के साथ ₹14,805 करोड़ पर पहुंच गया। यस बैंक का मुनाफा 34 फीसदी उछलकर ₹1,071 करोड़ के पार निकल गया, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मुनाफे में 26 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए इसे ₹4,123 करोड़ तक पहुंचा दिया।\n\nएचडीएफसी बैंक: मिला-जुला प्रदर्शन\nदेश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के लिए यह तिमाही लोन और एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर मिली-जुली रही। ब्याज से होने वाली कमाई यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में सालाना आधार पर 6.7 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई और यह बढ़कर ₹33,535.95 करोड़ पर पहुंच गई। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल एसेट्स का 3.26 फीसदी रहा। राहत की बात यह रही कि बैंक का ग्रॉस NPA पिछले साल के 1.40 फीसदी से सुधरकर 1.17 पर आ गया, जो एसेट क्वालिटी में मजबूती का संकेत है। हालांकि निवेशकों के लिए एक चिंता भी बनी हुई है, क्योंकि साल 2026 में अब तक एचडीएफसी बैंक का शेयर 17 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।\n\nआईसीआईसीआई बैंक: अनुमान से बेहतर नतीजे\nआईसीआईसीआई बैंक के पहली तिमाही के आंकड़े बाजार की उम्मीदों से बेहतर साबित हुए। बैंक की कुल आय 5 फीसदी से ज्यादा बढ़कर ₹54,246.84 करोड़ रही, जो जून 2025 तिमाही में ₹51,451.81 करोड़ थी। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 16 फीसदी की मजबूत बढ़त के साथ ₹14,805 करोड़ पर पहुंच गया। ब्याज से होने वाली इसकी आय भी सालाना आधार पर 12.7 फीसदी बढ़ी है। कर्ज और जमा (Deposits) दोनों मोर्चों पर बैंक ने 14 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ हासिल की है, जो इसके कारोबार के लगातार फैलने का सबूत है।\n\nयस बैंक: मुनाफे में 34 फीसदी की छलांग\nयस बैंक के लिए यह तिमाही मुनाफे और कोर इनकम दोनों लिहाज से बेहतर रही। बैंक का शुद्ध मुनाफा 34 फीसदी उछलकर ₹1,071 करोड़ के पार पहुंच गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹801 करोड़ था। बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी में भी सुधार किया है, जिसकी वजह से नेट NPA घटकर सिर्फ 0.2 फीसदी रह गया। तिमाही आधार पर बैंक के प्रोविजंस यानी डूबते कर्ज की आशंका में अलग रखी गई रकम में 100 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ और यह बढ़कर ₹394 करोड़ पर पहुंच गई। प्रोविजंस का बढ़ना इस बात का संकेत है कि बैंक ने संभावित खराब कर्ज से निपटने के लिए अपना सुरक्षित फंड बढ़ाया है। कर्ज देने के मामले में भी बैंक मजबूत रहा और उसके नेट एडवांस में सालाना आधार पर 18.4 फीसदी की बढ़त के साथ यह ₹2.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया।\n\nकोटक महिंद्रा बैंक: उम्मीद से ज्यादा मुनाफा\nकोटक महिंद्रा बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया। बैंक का मुनाफा 26 फीसदी बढ़कर ₹4,123 करोड़ रहा, जो बाजार के अनुमानों से काफी ज्यादा है। बैंक का ग्रॉस NPA भी सालाना आधार पर घटकर 1.18 फीसदी रह गया। हालांकि इसका नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले साल के 4.65 फीसदी से थोड़ा घटकर 4.53 फीसदी पर आ गया। जमा के मोर्चे पर बैंक ने अच्छी बढ़त दिखाई और उसका कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 14 फीसदी बढ़कर ₹5.59 लाख करोड़ पर पहुंच गया। वहीं चालू खाते की जमा राशि 15 फीसदी बढ़कर ₹78,107 करोड़ हो गई।\n\nकुल मिलाकर इस तिमाही में तीन बैंकों, आईसीआईसीआई, यस और कोटक महिंद्रा ने बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ा, जबकि एचडीएफसी बैंक के नतीजे अनुमान से थोड़े कमजोर रहे। मुनाफे की रफ्तार के लिहाज से यस बैंक की 34 फीसदी की छलांग सबसे तेज रही, वहीं आंकड़ों के आकार में आईसीआईसीआई बैंक सबसे बड़ा नाम बनकर उभरा।\n\nइसका आप पर असर\n• निवेशकों के लिए: आईसीआईसीआई, यस और कोटक महिंद्रा के बेहतर नतीजे इन बैंकों के शेयरों के लिए सकारात्मक संकेत हैं, जबकि 2026 में 17 फीसदी से ज्यादा गिर चुके एचडीएफसी बैंक के शेयर पर दबाव बना रह सकता है।\n• ग्राहकों के लिए: इन बैंकों की मजबूत एसेट क्वालिटी और घटता NPA दर्शाता है कि आपके पैसे और कर्ज देने वाली इन संस्थाओं की सेहत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इस तिमाही में किस बैंक के मुनाफे में सबसे तेज बढ़त हुई?\nयस बैंक के मुनाफे में सबसे तेज 34 फीसदी की बढ़त हुई, जो ₹1,071 करोड़ के पार पहुंच गया।\n\n2. एचडीएफसी बैंक का शुद्ध मुनाफा कितना रहा?\nएचडीएफसी बैंक का शुद्ध मुनाफा करीब 5 फीसदी बढ़कर ₹19,060 करोड़ रहा, जो बाजार के अनुमान से थोड़ा कम है।\n\n3. आईसीआईसीआई बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ कितना रहा?\nआईसीआईसीआई बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ 16 फीसदी बढ़कर ₹14,805 करोड़ रहा।\n\n4. कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा कितना बढ़ा?\nकोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफा 26 फीसदी बढ़कर ₹4,123 करोड़ रहा, जो बाजार के अनुमानों से काफी ज्यादा है।\n\n5. यस बैंक का नेट NPA अब कितना है?\nयस बैंक ने एसेट क्वालिटी में सुधार किया है और उसका नेट NPA घटकर सिर्फ 0.2 फीसदी रह गया है।\n\n6. 2026 में एचडीएफसी बैंक का शेयर कैसा रहा है?\nसाल 2026 में अब तक एचडीएफसी बैंक का शेयर 17 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-07-18",
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    "आईसीआईसीआई बैंक",
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