नोएडा व्यापार मेले में चमके कानपुर के कारोबारी, करोड़ों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात सौदे किए पक्के ग्रेटर नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश को सात हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल हुए, जिसमें कानपुर के उद्यमियों और महिला हस्तियों ने विदेशी खरीदारों से बड़े निर्यात ऑर्डर हासिल किए। हाल ही में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने राज्य के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में एक उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर के दौरान सजे इस विशाल व्यापारिक मेले के जरिए राज्य के औद्योगिक विकास को जबरदस्त गति मिली है। आयोजन के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश के लिए लगभग 7000 करोड़ रुपये मूल्य के विभिन्न निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इस प्रतिष्ठित आयोजन में औद्योगिक नगरी कानपुर के विनिर्माताओं का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा, जहां शहर के करीब 30 से 35 कारोबारियों ने लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये के सीधे व्यापारिक सौदे पक्के करने में सफलता हासिल की है। महिला उद्यमियों ने वैश्विक बाजार में बनाई अपनी पहचान इस व्यापारिक समागम का एक बेहद सुखद और प्रेरणादायक पहलू यह रहा कि इसमें महिला उद्यमियों ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। कानपुर शहर से ताल्लुक रखने वाली दो प्रमुख महिला उद्यमियों ने लाखों रुपये के विदेशी अनुबंध हासिल करके घरेलू उद्योगों की क्षमता का लोहा मनवाया है। इस व्यापार मेले से स्थानीय विनिर्माण को सुदूर देशों में विशिष्ट पहचान हासिल हुई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और विनिर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। चमड़ा उद्योग के क्षेत्र में कार्यरत कानपुर की उद्यमी प्रेरणा वर्मा ने इस मेले के जरिए अफ्रीकी महाद्वीप के देश घाना तक अपनी व्यावसायिक पहुंच स्थापित की है। घाना के एक प्रमुख आयातक ने उनके साथ लगभग 20 लाख रुपये के चमड़ा उत्पादों की आपूर्ति का करार किया है। प्रेरणा वर्मा ने मेले के अनुभव को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि यूपीआईटीएस जैसा आयोजन भारतीय उत्पादकों को विदेशी खरीदारों से सीधे तौर पर जोड़ता है, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाती है और नए व्यापारिक अवसर तलाशना आसान हो जाता है। इसी प्रकार मोटे अनाज के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में कार्यरत महिला उद्यमी संगीता सिंह के उत्पादों ने भी विदेशी खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा। संगीता सिंह मोटे अनाज से विविध प्रकार के कुकीज, पौष्टिक स्नैक्स और अन्य खाद्य सामग्री तैयार करती हैं। उन्हें दो अलग-अलग देशों के व्यापारिक प्रतिनिधियों से औसतन 25-25 लाख रुपये मूल्य के आपूर्ति ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि विदेशी खरीदारों के सामने अपने स्वदेशी उत्पादों को सीधे प्रस्तुत करने से वैश्विक स्तर पर निर्यात की व्यापक संभावनाएं खुली हैं और इससे साबित होता है कि पारंपरिक मोटे अनाज के खाद्य उत्पादों की मांग अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ रही है। लाखों दर्शक और सैकड़ों विदेशी प्रतिनिधि बने गवाह फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के उत्तर प्रदेश प्रमुख आलोक श्रीवास्तव ने इस आयोजन के व्यापक आयामों पर रोशनी डाली। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अंतरराष्ट्रीय मेले की मूल अवधारणा प्रदेश की सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम इकाइयों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से सीधे जोड़ना है। आयोजन के दौरान लगभग साढ़े तीन लाख घरेलू और बाहरी आगंतुक विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचे। इसके अतिरिक्त 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने भी प्रदर्शनी में भाग लेकर उत्पादों का बारीकी से मुआयना किया। आलोक श्रीवास्तव के अनुसार 7000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि आयोजन अपने उद्देश्यों में बेहद कामयाब रहा है और इससे स्थानीय उत्पादकों को नए विदेशी बाजारों में दस्तक देने का सुनहरा मंच मिला है। चार वर्षों में लगातार बढ़ा निर्यात और वैश्विक दायरा उत्तर प्रदेश के औद्योगिक उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच के आधिकारिक आंकड़े लगातार सकारात्मक रुझान दर्शा रहे हैं। चार वर्षों की अवधि में पंजीकृत निर्यातकों और उनके व्यापारिक विस्तार वाले देशों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2023 के दौरान प्रदेश के 1914 निर्यातकों ने दुनिया के 60 देशों तक अपनी व्यापारिक पहुंच बनाई थी। इसके अगले साल यानी वर्ष 2024 में प्रगति जारी रही और निर्यातकों की तादाद बढ़कर 2050 पहुंच गई, जबकि उनके व्यापार का विस्तार 70 देशों तक हो गया। औद्योगिक प्रगति का यह सिलसिला आगे भी बना रहा। वर्ष 2025 में 2250 निर्यातकों ने 75 अलग-अलग देशों में अपने उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की। वहीं उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के लिए निर्यातकों की संख्या बढ़कर 2500 होने और उनके कारोबारी दायरे का विस्तार 80 देशों तक पहुंचने का आंकड़ा सामने रखा गया है। यह आंकड़े यह साबित करते हैं कि कानपुर के प्रतिष्ठित चमड़ा उद्योग से लेकर आधुनिक मिलेट आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए भविष्य में वैश्विक स्तर पर असीम संभावनाएं मौजूद हैं, जहां छोटे विनिर्माता वैश्विक व्यापारिक मंचों के जरिए अपनी पहचान निरंतर मजबूत कर रहे हैं। इसका आप पर असर इस व्यापार मेले की सफलता से उत्तर प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र और स्थानीय कारोबारियों को प्रत्यक्ष विदेशी बाजार का बड़ा संबल मिला है। • उत्तर प्रदेश में: राज्य भर की छोटी इकाइयों को बिचौलियों के बिना सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ने का मौका मिला है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि होगी। 7000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आने से संबंधित औद्योगिक पार्कों और विनिर्माण केंद्रों में आगामी महीनों में बुनियादी ढांचे का विस्तार देखने को मिलेगा। • कानपुर में: शहर के चमड़ा और खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के लिए सीधे घाना और अन्य विदेशी मुल्कों तक सामान भेजने के नए निर्यात मार्ग खुल गए हैं। 20 से 25 करोड़ रुपये के सौदे मिलने से स्थानीय कार्यशालाओं में उत्पादन गतिविधियों में तेजी आएगी और छोटे कारीगरों के लिए काम के बेहतर अवसर तैयार होंगे। • महिला उद्यमियों के लिए: स्थानीय महिला कारोबारी अब सीधे वैश्विक व्यापारिक मंचों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं। इससे स्वरोजगार शुरू करने वाली अन्य महिलाओं को भी अपने घरेलू उत्पादों को वैश्विक स्तर पर ले जाने की प्रेरणा और अवसर मिलेंगे। • मिलेट उत्पादकों के लिए: पारंपरिक मोटे अनाजों से बने स्नैक्स और कुकीज की विदेशी बाजारों में मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे मिलेट की खेती करने वाले क्षेत्रीय किसानों और प्रसंस्करण इकाइयों दोनों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलना तय होगा। ऐसा क्यों हुआ उत्तर प्रदेश सरकार और निर्यात संवर्धन संस्थाओं ने राज्य के उत्पादों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जोड़ने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा में इस बहुस्तरीय व्यापार मेले का आयोजन किया था। • प्रत्यक्ष बाजार का अभाव: स्थानीय छोटे विनिर्माताओं और हस्तशिल्पियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचने के लिए हमेशा बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे उनका मुनाफा घट जाता था। सरकार ने इस बाधा को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो का मंच तैयार किया ताकि उद्यमी सीधे विदेशी कंपनियों से बातचीत कर सकें। • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का विस्तार: फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के प्रयासों से 600 विदेशी खरीदारों को सम्मेलन में आमंत्रित किया गया। इस व्यवस्था ने दुनिया भर के आयातकों को कानपुर के प्रसिद्ध चमड़ा उद्योग और मोटे अनाज से बने नवीन खाद्य उत्पादों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने की सुविधा दी। • वर्ष दर वर्ष बढ़ती सहभागिता: आंकड़ों के अनुसार 2023 से 2026 के बीच राज्य के निर्यातकों की संख्या 1914 से बढ़कर 2500 तक पहुंची है, जो यह साबित करता है कि विदेशी बाजारों में उत्तर प्रदेश के विनिर्माण की निरंतर मांग बनी हुई है। सवाल-जवाब 1. उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन कहां और कब हुआ? यह विशाल ट्रेड शो ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर के दौरान आयोजित किया गया था। 2. इस ट्रेड शो के दौरान उत्तर प्रदेश को कुल कितने निवेश प्रस्ताव मिले? इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान राज्य को कुल मिलाकर करीब 7000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। 3. कानपुर के उद्यमियों को कुल कितने रुपये के व्यापारिक ऑर्डर मिले हैं? कानपुर के लगभग 30 से 35 उद्यमियों को करीब 20 से 25 करोड़ रुपये के व्यापारिक ऑर्डर हासिल हुए हैं। 4. कानपुर की महिला उद्यमी प्रेरणा वर्मा को किस देश से ऑर्डर मिला है? प्रेरणा वर्मा को अफ्रीकी देश घाना के एक कारोबारी से लगभग 20 लाख रुपये के चमड़ा उत्पादों का ऑर्डर मिला है। 5. संगीता सिंह को किन उत्पादों के लिए और कितने ऑर्डर हासिल हुए? मोटे अनाज से बने कुकीज और स्नैक्स के लिए संगीता सिंह को दो देशों से औसतन 25-25 लाख रुपये के ऑर्डर मिले हैं। 6. मेले में कितने आगंतुक और अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल हुए थे? इस आयोजन में लगभग साढ़े तीन लाख आगंतुक पहुंचे और 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने इसमें भाग लिया। https://trendkia.com/business/noida-vyapara-mele-men-chamake-kanpur-ke-karobari-karoron-ke-antararashtriya-niryata-saude-kie-pakke-51151 TrendKia — Har trend, sabse pehle.