# ओडिशा में ₹1 लाख करोड़ का एल्युमीनियम प्लांट, अदाणी ग्रुप की नई तैयारी से वेदांता और हिंडाल्को की मुश्किलें बढ़ेंगी

> अदाणी ग्रुप और अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी करीब 11.5 अरब डॉलर लगाकर ओडिशा में विशाल एल्युमीनियम प्लांट लगाने की तैयारी में हैं, जिससे वेदांता और हिंडाल्को को सीधी टक्कर मिलेगी।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-07-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/odisha-men-1-lakha-karora-ka-elyuminiyama-planta-adani-grupa-ki-nai-taiyari-se-vedanta-aura-hindalco-ki-mushkilen-barhengi-4062 · **Language:** Hindi
**Tags:** अदाणी ग्रुप, एल्युमीनियम प्लांट, ओडिशा निवेश, वेदांता, हिंडाल्को, गौतम अदाणी, इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी

देश के जाने-माने उद्योगपति गौतम अदाणी अब एल्युमीनियम कारोबार में उतरने की बड़ी तैयारी कर रहे हैं। अदाणी ग्रुप और अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) मिलकर ओडिशा में एक बड़ा एल्युमीनियम प्लांट खड़ा करना चाहते हैं। दोनों इसमें करीब 11.5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹1 लाख करोड़ लगाने की योजना बना रहे हैं। अगर यह प्रोजेक्ट जमीन पर उतरता है तो एल्युमीनियम बाजार में इसका सीधा सामना वेदांता और हिंडाल्को जैसी दिग्गज कंपनियों से होगा।

 प्रस्तावित प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 20 लाख टन (2 मिलियन टन) से ज्यादा रखी जाएगी। यह एक इंटीग्रेटेड यूनिट होगी, जिसमें एल्युमीनियम की रिफाइनिंग और स्मेल्टिंग, दोनों काम एक ही जगह होंगे। इतना ही नहीं, प्रोजेक्ट के साथ एक कैप्टिव पावर प्लांट भी लगाया जाएगा ताकि उत्पादन के लिए जरूरी बिजली की कमी न रहे और सप्लाई आसानी से बनी रहे।

 

## वेदांता और हिंडाल्को की राह होगी कठिन
 फिलहाल भारत के एल्युमीनियम बाजार पर वेदांता एल्युमीनियम और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज की मजबूत पकड़ है। अदाणी ग्रुप के इस सेक्टर में कदम रखते ही मुकाबला और कड़ा हो जाएगा। अनुमान है कि यह नया प्लांट चालू होने के बाद भारत की कुल एल्युमीनियम उत्पादन क्षमता में करीब 50 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है।

 

## ओडिशा ही क्यों चुना गया
 इस प्रोजेक्ट के लिए ओडिशा को चुनने की खास वजह है। देश का करीब 60 प्रतिशत बॉक्साइट भंडार इसी राज्य में मौजूद है, जो एल्युमीनियम बनाने का मुख्य कच्चा माल है। इसके अलावा अदाणी ग्रुप का अपना धामरा पोर्ट भी यहीं है, जिससे कच्चे माल की आवक और तैयार माल का निर्यात दोनों आसान हो जाएंगे। इसका सीधा फायदा यह होगा कि परियोजना की लॉजिस्टिक्स लागत भी कम बनी रहेगी।

 

## तेजी से बढ़ रही है एल्युमीनियम की मांग
 भारत अभी चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक देश है। पिछले साल यहां करीब 4.2 मिलियन टन एल्युमीनियम बना, जबकि घरेलू खपत 5.5 मिलियन टन रही। बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रेलवे और निर्माण क्षेत्र को देखते हुए आने वाले सालों में मांग और तेज होगी। अनुमान है कि यह मांग साल 2030 तक 8.5 मिलियन टन, 2040 तक 18 मिलियन टन और 2047 तक 28 मिलियन टन तक पहुंच सकती है।

 

## मेटल सेक्टर में मजबूत होती अदाणी की पकड़
 मेटल कारोबार में अदाणी ग्रुप का यह दूसरा बड़ा दांव होगा। इससे पहले कंपनी गुजरात में कॉपर स्मेल्टर की शुरुआत कर चुकी है। माना जा रहा है कि ग्रुप अपने ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार के लिए कच्चे माल की लगातार और स्थिर सप्लाई पक्की करने की रणनीति पर काम कर रहा है। अगर इस मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती है, तो भारत के एल्युमीनियम उद्योग में प्रतिस्पर्धा का बिल्कुल नया दौर शुरू हो सकता है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** बड़ा नया प्लांट देश की एल्युमीनियम क्षमता करीब 50% बढ़ा सकता है, जिससे आगे चलकर घरेलू सप्लाई मजबूत होगी और मेटल पर निर्भर उद्योगों को फायदा मिल सकता है।
- **ओडिशा में:** ₹1 लाख करोड़ का यह प्रोजेक्ट राज्य में नए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का बड़ा जरिया बन सकता है, खासकर धामरा पोर्ट के आसपास के इलाकों में।

## सवाल-जवाब

### 1. अदाणी ग्रुप ओडिशा में कितने का निवेश कर रहा है?
अदाणी ग्रुप और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी मिलकर करीब 11.5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹1 लाख करोड़ का निवेश करने की योजना बना रहे हैं।

### 2. इस प्रोजेक्ट में अदाणी ग्रुप का पार्टनर कौन है?
इस प्रोजेक्ट में अदाणी ग्रुप का पार्टनर अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) है।

### 3. प्रस्तावित प्लांट की उत्पादन क्षमता कितनी होगी?
प्रस्तावित प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 20 लाख टन (2 मिलियन टन) से ज्यादा होगी।

### 4. प्रोजेक्ट के लिए ओडिशा को क्यों चुना गया?
देश का करीब 60% बॉक्साइट भंडार ओडिशा में है और अदाणी ग्रुप का धामरा पोर्ट भी यहीं है, जिससे कच्चे माल और निर्यात की लॉजिस्टिक्स आसान हो जाती है।

### 5. इस प्लांट से किन कंपनियों को टक्कर मिलेगी?
इस प्लांट से भारत के एल्युमीनियम बाजार की दिग्गज कंपनियों वेदांता एल्युमीनियम और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को सीधी टक्कर मिलेगी।

### 6. भारत में एल्युमीनियम की मांग कितनी बढ़ने का अनुमान है?
मांग साल 2030 तक 8.5 मिलियन टन, 2040 तक 18 मिलियन टन और 2047 तक 28 मिलियन टन तक पहुंच सकती है।

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