ओडिशा की सुभद्रा योजना से महिलाओं को मिली आर्थिक मजबूती, खाते में पहुंचे दस हजार रुपये ओडिशा सरकार की सुभद्रा योजना के तहत एक करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में हर साल दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है और इसके लिए सरकार ने बजट का बड़ा हिस्सा आरक्षित किया है। देशभर में महिलाओं के कल्याण और वित्तीय उत्थान के लिए विभिन्न सरकारों द्वारा कई तरह की पहल की जा रही हैं। इनमें कुछ योजनाएं ऐसी हैं जो सीधे तौर पर महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक मदद पहुंचाकर उन्हें मजबूत बनाती हैं। ऐसी ही एक प्रमुख पहल ओडिशा में चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर करना है। इस योजना के माध्यम से पत्र महिलाओं को सीधे आर्थिक लाभ मिल रहा है, जिससे वे अपने छोटे-मोटे कारोबार और जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। रक्षाबंधन पर जारी हुई पांचवीं किस्त ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राज्य की महिलाओं के लिए इस योजना की पांचवीं किस्त जारी की। इस विशेष मौके पर राज्य की एक करोड़ तीन लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में पांच हजार रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेजी गई। सरकार ने इस किस्त के वितरण पर पांच हजार एक सौ त्रेसठ करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की है। अकेले नयागढ़ जिले की बात करें तो वहां की दो लाख तैंतीस हजार से ज्यादा महिलाओं को एक सौ सोलह करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांटी गई है। सरकार का यह प्रयास महिलाओं को त्योहार के मौके पर एक बड़ी आर्थिक राहत देने का काम कर रहा है। महिला सशक्तिकरण का जरिया और बजट प्रावधान राज्य के मुख्यमंत्री का कहना है कि यह पहल केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को समाज में मजबूत बनाने का एक बड़ा माध्यम है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने की ताकत देना और उन्हें आर्थिक, सामाजिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए ओडिशा सरकार ने इस योजना पर हर साल ग्यारह हजार करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। इसके अलावा राज्य के इस वर्ष के कुल तीन लाख दस हजार करोड़ रुपये के बजट में से एक लाख बाईस हजार करोड़ रुपये यानी करीब चालीस फीसदी हिस्सा महिलाओं के कल्याण पर खर्च किया जा रहा है, जो कि अब तक का सबसे बड़ा बजटीय प्रावधान है। हर साल मिलने वाली राशि और उसका सदुपयोग इस योजना के तहत राज्य की प्रत्येक पात्र महिला को पांच साल की अवधि में कुल पचास हजार रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि हर साल पांच-पांच हजार रुपये की दो किस्तों में यानी हर छह महीने पर सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है। आंकड़ों के अनुसार लगभग अस्सी फीसदी महिलाओं ने इस पैसे का उपयोग अपनी दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा के लिए किया है। इसके अलावा पच्चीस फीसदी से अधिक महिलाओं ने इस मदद की बदौलत खुद का रोजगार शुरू किया है, जिनमें सिलाई, डेयरी, बुनाई, स्टेशनरी की दुकानें और सब्जी की खेती जैसे काम शामिल हैं। इसके साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है और हजारों लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कौन महिलाएं हैं पात्र और कैसे करें आवेदन इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ तय नियम बनाए गए हैं। इसके तहत वे महिलाएं ही पात्र मानी जाती हैं जो किसी प्रकार की नौकरी में नहीं हैं और न ही किसी पेंशन का लाभ ले रही हैं। जो महिलाएं सरकारी सामाजिक सुरक्षा या आर्थिक सहायता के दायरे में आती हैं, वे इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के लिए सरकार ने आधिकारिक पोर्टल शुरू किया है, जबकि ऑफलाइन आवेदन के लिए फॉर्म आंगनवाड़ी केंद्रों, ब्लॉक कार्यालयों तथा शहरी निकाय कार्यालयों से प्राप्त किए जा सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी दस्तावेज होना आवश्यक है। इसका आप पर असर सुभद्रा योजना का सीधा असर महिलाओं की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है, जिससे उन्हें हर साल निश्चित वित्तीय सहायता मिल रही है। • भारत में: देश की अन्य महिलाओं के लिए भी इस तरह की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजनाएं आर्थिक सुरक्षा का एक बड़ा मॉडल बन रही हैं। • ओडिशा में: राज्य की एक करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं को हर साल दस हजार रुपये मिलने से छोटे स्वरोजगार और घरेलू जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं। सवाल-जवाब 1. सुभद्रा योजना के तहत महिलाओं को कितनी राशि मिलती है? इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर साल दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो पांच साल में कुल पचास हजार रुपये होती है। 2. एक साल में कितनी किस्तें दी जाती हैं? हर साल पांच-पांच हजार रुपये की दो किस्तें यानी हर छह महीने पर एक किस्त सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। 3. इस योजना का लाभ किसे मिलता है? यह लाभ केवल उन महिलाओं को मिलता है जो नौकरीपेशा नहीं हैं और न ही पेंशन प्राप्त करती हैं। 4. आवेदन करने के लिए क्या प्रक्रिया है? महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल के जरिए या आंगनवाड़ी केंद्रों और ब्लॉक कार्यालयों से ऑफलाइन फॉर्म लेकर आवेदन कर सकती हैं। प्रेरणा और सबक इस योजना के माध्यम से महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि छोटी सी वित्तीय मदद भी बड़े बदलाव की नींव रख सकती है। • स्वरोजगार की शुरुआत: आर्थिक सहायता मिलने पर महिलाओं ने सिलाई, डेयरी और कृषि जैसे छोटे कारोबार खुद शुरू किए। • दीर्घकालिक सोच: अधिकांश लाभार्थियों ने इस राशि का उपयोग केवल खर्च करने के बजाय अपनी भविष्य की सुरक्षा और विकास में लगाया। https://trendkia.com/business/odisha-subhadra-scheme-empowers-millions-of-women-with-direct-financial-support-24212 TrendKia — Har trend, sabse pehle.