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  "type": "article",
  "title": "ओणम त्योहार पर केरल में छप्परफाड़ शराब बिक्री, 8 दिनों में राजस्व 771 करोड़ रुपये के पार पहुंचा",
  "summary": "केरल में आठ दिनों के ओणम उत्सव के दौरान शराब की बिक्री 10.94 प्रतिशत बढ़कर 771.29 करोड़ रुपये दर्ज की गई, हालांकि राज्य के पेय निगम बेवको को घाटा सहना पड़ा है।",
  "content": "केरल के सबसे बड़े त्योहार ओणम के दौरान राज्य में शराब की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आबकारी विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आठ दिनों के मुख्य उत्सव अवधि के दौरान राज्यभर की सरकारी दुकानों से कुल 771.29 करोड़ रुपये की शराब बेची गई। यह बिक्री पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज 694.96 करोड़ रुपये के मुकाबले 10.94 प्रतिशत अधिक है। त्योहार की खुशी और छुट्टियों के चलते केरल स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन यानी बेवको के आउटलेट्स पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी।\n\nशुरुआती दिनों की गति और बिक्री का दैनिक ब्योरा\nओणम सीजन की शुरुआत से ही शराब की दुकानों पर बिक्री में तेजी देखी जाने लगी थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त से 20 अगस्त के बीच बेवको के आउटलेट्स ने 232.99 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की। पिछले साल इसी तीन दिनों की अवधि में 209.89 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी, जो इस बार 23.1 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष बढ़ोतरी को दर्शाती है।\n\nतिरुओणम से ठीक एक दिन पहले मनाए जाने वाले उथराडम के दिन बिक्री अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। केवल उथराडम के दिन ही राज्यभर की दुकानों से 126.31 करोड़ रुपये की शराब बिकी। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले साल के उथराडम के दिन हुई 137.64 करोड़ रुपये की बिक्री से थोड़ा कम रहा, लेकिन यह पूरे सीजन के दौरान सबसे अधिक बिक्री वाले दिनों में से एक बना रहा।\n\nराज्य के खजाने की निर्भरता और वार्षिक राजस्व वृद्धि\nओणम के शुरुआती आठ दिनों में बिक्री में आया यह उछाल राज्य की आबकारी कमाई का बड़ा हिस्सा है। बेवको के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संस्थान की कुल बिक्री 21,130.78 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस विशाल कारोबार में से 18,675.71 करोड़ रुपये का सीधा योगदान राज्य के सरकारी खजाने में दिया गया।\n\nयह योगदान वित्तीय वर्ष 2024-25 के मुकाबले काफी अधिक है, जब बेवको ने राज्य के खजाने में 17,221.15 करोड़ रुपये दिए थे। ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि केरल की राज्य व्यवस्था और सार्वजनिक राजस्व प्रणाली शराब से मिलने वाले करों और राज्य नियंत्रित पेय वितरण पर कितनी गहराई से निर्भर है।\n\nरिकॉर्ड कारोबार के बीच बेवको का वित्तीय संकट\nहजारों करोड़ रुपये का कारोबार करने और राज्य सरकार को भारी राजस्व देने के बावजूद बेवको खुद वित्तीय घाटे का सामना कर रहा है। वर्ष 2025 में बेवको को 180 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज करना पड़ा। इस वित्तीय नुकसान का मुख्य कारण शराब पर लगने वाली गैलनेज फीस में की गई अप्रत्याशित बढ़ोतरी थी।\n\nराज्य सरकार ने गैलनेज फीस को 5 पैसे से बढ़ाकर सीधे 10 रुपये प्रति गैलन कर दिया था। फीस में इस भारी वृद्धि ने निगम के वित्तीय बोझ को अत्यधिक बढ़ा दिया, जिसके कारण दुकानों पर रिकॉर्ड बिक्री के बावजूद बेवको का शुद्ध लाभ घाटे में बदल गया।\n\nऑपरेशन तूफान और वैध शराब की ओर झुकाव\nओणम पर शराब की रिकॉर्ड बिक्री ने राज्य में चल रहे नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान 'ऑपरेशन तूफान' पर नई बहस छेड़ दी है। केरल में अवैध मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए ऑपरेशन तूफान को बड़े पैमाने पर लागू किया गया है।\n\nस्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि शराब की बिक्री में यह उछाल प्रतिस्थापन प्रभाव यानी सब्स्टिट्यूशन इफेक्ट का नतीजा हो सकता है। पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों पर कड़ा शिकंजा कसने के कारण कई लोग अवैध ड्रग्स से दूरी बनाकर कानूनी रूप से उपलब्ध शराब की ओर रुख कर रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nकेरल में ओणम के दौरान शराब बिक्री में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी से राज्य के राजस्व, जन-नीतियों और आबकारी शुल्क संरचना पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।\n\n• भारत में: अन्य राज्य सरकारें आबकारी राजस्व और नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियानों के बीच संबंधों का अध्ययन कर सकती हैं। इससे राष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थ नियंत्रण नीतियों पर नए सिरे से विचार हो सकता है।\n• केरल में: राज्य सरकार को बेवको के 180 करोड़ रुपये के घाटे को दूर करने के लिए गैलनेज फीस की समीक्षा करनी पड़ सकती है। इससे आने वाले समय में शराब की खुदरा कीमतों और लाइसेंस नीतियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।\n• उपभोक्ताओं के लिए: आबकारी शुल्क संरचना में बदलाव होने पर शराब की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। ग्राहकों को सरकारी आउटलेट्स पर मिलने वाली दरों पर नजर रखनी होगी।\n• कानून व्यवस्था के लिए: ऑपरेशन तूफान के कारण अवैध ड्रग्स पर रोक लगने से शराब की मांग बनी रहेगी। पुलिस प्रशासन नशीली दवाओं और शराब दोनों की बिक्री पर निगरानी बढ़ा सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ओणम 2026 के दौरान केरल में कितनी शराब बिकी?\nओणम के आठ दिनों के मुख्य उत्सव के दौरान बेवको आउटलेट्स के माध्यम से कुल 771.29 करोड़ रुपये की शराब बेची गई।\n\n2. इस साल की बिक्री पिछले साल से कितनी अधिक थी?\nइस वर्ष की बिक्री पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज 694.96 करोड़ रुपये की तुलना में 10.94 प्रतिशत अधिक रही।\n\n3. उथराडम के दिन कुल कितनी बिक्री दर्ज की गई?\nउथराडम के दिन 126.31 करोड़ रुपये की शराब बिकी, जो पिछले साल के इसी दिन हुई 137.64 करोड़ रुपये की बिक्री से थोड़ी कम है।\n\n4. भारी बिक्री के बावजूद बेवको को घाटा क्यों हुआ?\nगैलनेज फीस को 5 पैसे से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति गैलन किए जाने के कारण बेवको को वर्ष 2025 में 180 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।\n\n5. ऑपरेशन तूफान का शराब बिक्री पर क्या असर पड़ा?\nऑपरेशन तूफान के तहत नशीले पदार्थों पर कड़े शिकंजे के कारण लोगों में अवैध ड्रग्स छोड़कर कानूनी शराब खरीदने का रुझान बढ़ा है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-08-27",
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