धान कटाई का समय: खेतों में बढ़ रहा है सांपों का खतरा, इन आसान तरीकों से बचाएं अपनी जान धान की कटाई के मौसम में खेतों में नमी और घने पौधों के कारण सांपों का खतरा काफी बढ़ जाता है। किसान कुछ आसान सावधानियां और उपाय अपनाकर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। धान की कटाई का सीजन शुरू होते ही खेतों में किसानों के लिए सांप और अन्य जहरीले जीवों के निकलने का जोखिम काफी बढ़ जाता है। इस दौरान जरा सी भी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए खेतों में उतरने वाले अन्नदाताओं के लिए पूरी सतर्कता बरतना अनिवार्य है। हाथ से फसल काटने के दौरान या फिर हार्वेस्टर से कटाई के बाद खेत के किनारों पर बचे हुए पौधों को हाथ लगाने से पहले लाठी या डंडे की मदद से उन्हें अच्छी तरह हिला लेना चाहिए। इसके साथ ही कटाई का कार्य शुरू करने से पहले खेत की सीमाओं पर कार्बोफ्यूरान 3% कीटनाशक का छिड़काव करना बेहद असरदार साबित होता है, जिसकी तेज महक से जहरीले जीव खुद-ब-खुद दूर भाग जाते हैं। खेती-किसानी से जुड़े जानकारों और प्रगतिशील युवा किसानों का कहना है कि धान के घने पौधों और उनमें मौजूद नमी के कारण सांपों और अन्य विषैले जीवों को छिपने के लिए अनुकूल माहौल मिल जाता है। फसल समेटने की जल्दी में जब किसान बिना किसी एहतियात के हाथ से कटाई शुरू कर देते हैं, तो दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना तक बढ़ जाती है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि कटाई शुरू करने से पहले खेत में थोड़ा शोर मचाया जाए और डंडे से पौधों को हिलाया जाए, ताकि कोई भी छिपा हुआ जीव चेतावनी पाकर सुरक्षित दूरी पर चला जाए। फसल कटाई के दौरान क्यों बढ़ जाता है खतरा इन दिनों पूरे देश में धान की कटाई का अभियान चरम पर चल रहा है और किसान दिन-रात अपनी खून-पसीने की मेहनत से उगाई गई फसल को घर लाने में जुटे हैं। हालांकि, घने और लंबे धान के पौधों के बीच कई बार खतरनाक और जहरीले सांप अपना बसेरा बना लेते हैं। कटाई के समय अचानक सामने आने वाले ये जीव किसानों की जान के लिए गंभीर खतरा पैदा कर देते हैं। मामूली सी अनदेखी भी किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकती है, जिसके चलते इस व्यस्त सीजन के दौरान सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक है। लाठी और डंडे का करें समझदारी से इस्तेमाल यदि आप पारंपरिक तरीके से हाथ से धान की फसल काट रहे हैं, तो कार्य आरंभ करने से पहले कुछ बुनियादी सावधानियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं। कटाई शुरू करने से ठीक पहले एक मजबूत लाठी या डंडे की सहायता से खेत के पौधों को अच्छी तरह हिलाना और थपथपाना चाहिए। इस प्रक्रिया के साथ थोड़ा सा शोर भी करना चाहिए ताकि पौधों के भीतर गहराई में छिपा हुआ सांप या अन्य जहरीला कीड़ा डरकर पहले ही वहां से खिसक जाए। यह एक बेहद आसान लेकिन अचूक तरीका है जो किसानों को अचानक होने वाले हमलों से पूरी तरह सुरक्षित रखने में मदद करता है. हार्वेस्टर के इस्तेमाल के बाद भी बरतें सावधानी वर्तमान दौर में ज्यादातर किसान समय और श्रम बचाने के लिए धान की कटाई के वास्ते हार्वेस्टर मशीनों का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, मशीन से कटाई पूरी होने के बाद भी खेत की मेढ़ों और किनारों पर फसल के कुछ हिस्से या पौधे बचे रह जाते हैं। इन बचे हुए अवशेषों को साफ करने या काटने के लिए किसानों को अंततः हाथों का ही सहारा लेना पड़ता है। किनारे के इन पौधों को हाथ लगाने से पहले भी डंडे से उनकी अच्छी तरह जांच करना और उन्हें हिलाना अनिवार्य है, ताकि वहां छिपे बैठे सांप बिना किसी को नुकसान पहुंचाए चुपचाप वहां से दूर चले जाएं। कार्बोफ्यूरान कीटनाशक का असरदार उपयोग सांपों और जहरीले कीड़े-मकौड़ों के प्रकोप से बचने के लिए किसान भाई एक बहुत ही सरल रासायनिक उपाय भी आजमा सकते हैं। फसल की कटाई शुरू करने से कुछ समय पूर्व खेत के चारों तरफ बनी मेढ़ों पर कार्बोफ्यूरान 3% कीटनाशक का छिड़काव या बिखराव कर देना चाहिए। इस विशेष कीटनाशक से उठने वाली तीव्र और तीखी गंध को सांप और अन्य विषैले जीव सहन नहीं कर पाते हैं और वे तुरंत खेत छोड़कर भाग खड़े होते हैं। यह तरीका किसानों को बिना किसी मानसिक तनाव और डर के अपने कटाई के काम को सुगमता से पूरा करने में बहुत बड़ी सहायता प्रदान करता है. इसका आप पर असर धान कटाई के इस सीजन में खेतों में काम करने वाले किसानों को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने होंगे, अन्यथा जहरीले जीवों के काटने का गंभीर जोखिम बना रहेगा। • भारत में: देश भर के ग्रामीण इलाकों में धान कटाई में जुटे किसानों को फसल काटते समय लाठी का उपयोग करने और कीटनाशक छिड़कने की सलाह दी जाती है। इससे खेतों में अचानक होने वाले हादसों और सांप के काटने की घटनाओं पर रोक लगेगी। • खेतों के पास: कटाई के दौरान नमी वाले इलाकों में काम करने वाले स्थानीय किसानों को मेढ़ों की सफाई करते वक्त विशेष सावधानी बरतनी होगी। समय रहते एहतियात अपनाने से किसी भी अप्रिय स्वास्थ्य आपातकाल से बचा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ धान के खेतों में सांपों और जहरीले कीड़ों के बढ़ने का मुख्य कारण फसलों की सघनता और वहां मौजूद नमी है। जैसे-जैसे कटाई का काम आगे बढ़ता है, ये जीव अपने छुपने के स्थानों से बाहर आने को मजबूर होते हैं। • नमी और सघन पौधे: धान के घने और ऊंचे पौधे जमीन के पास एक नम और ठंडी जलवायु बनाते हैं जो सांपों और कीड़ों को आकर्षित करती है। इससे इन विषैले जीवों को सुरक्षित ठिकाना मिल जाता है। • फसल कटाई का प्रभाव: जब किसान फसल को काटना शुरू करते हैं, तो उनका हस्तक्षेप जीवों के प्राकृतिक आवास को बाधित करता है। इससे अचानक आमना-सामना होने पर खतरे की संभावना बढ़ जाती है। • रासायनिक गंध का असर: कार्बोफ्यूरान जैसे कीटनाशकों की तीव्र गंध सांपों की घ्राण शक्ति को प्रभावित करती है। इस गंध के कारण वे उस क्षेत्र को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तरफ भागने लगते हैं। सवाल-जवाब 1. धान कटाई के दौरान खेतों में सांपों का खतरा क्यों बढ़ जाता है? धान के घने पौधों और उनमें मौजूद नमी के कारण सांपों को छिपने के लिए अनुकूल जगह मिलती है, जिससे कटाई के समय खतरा बढ़ जाता है। 2. हाथ से कटाई शुरू करने से पहले क्या करना चाहिए? काम शुरू करने से पहले मजबूत लाठी या डंडे की मदद से पौधों को अच्छी तरह हिलाना चाहिए और थोड़ा शोर मचाना चाहिए। 3. हार्वेस्टर से कटाई के बाद किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए? मशीन से कटाई के बाद खेत के किनारों या मेढ़ों पर बचे पौधों को काटने से पहले भी डंडे से थपथपाना और हिलाना जरूरी है। 4. कार्बोफ्यूरान कीटनाशक का उपयोग कैसे किया जाता है? फसल की कटाई शुरू करने से कुछ समय पहले खेत के चारों ओर मेढ़ों पर कार्बोफ्यूरान 3% कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है। 5. कीटनाशक छिड़कने से सांपों पर क्या असर होता है? इस कीटनाशक से निकलने वाली बहुत तेज गंध के कारण सांप और अन्य जहरीले जीव खेत छोड़कर तुरंत भाग जाते हैं। https://trendkia.com/business/paddy-harvesting-season-snake-risks-rise-sharply-in-fields-farmers-must-follow-these-safety-steps-50144 TrendKia — Har trend, sabse pehle.