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  "type": "article",
  "title": "पलामू में सूक्ष्म खाद्य उद्योग लगाने के लिए सरकार दे रही वित्तीय मदद, 10 लाख तक का कर्ज और 35 फीसदी छूट का मौका",
  "summary": "प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत पलामू जिले में 83 लाभार्थियों का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके तहत 10 लाख रुपये तक के व्यक्तिगत कर्ज पर 35 प्रतिशत अनुदान मिल रहा है।",
  "content": "पलामू जिले में युवाओं और छोटे उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक अहम पहल की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के तहत संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय मदद दी जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पलामू जिले के लिए कुल 83 लाभुकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्थानीय प्रशासन और बैंक समन्वय के जरिए इस दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसके तहत अब तक 15 आवेदकों का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। इस योजना की मदद से जिले के लोग कम लागत में अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर रहे हैं।\n\nसब्सिडी ढांचा और ऋण की सीमाएं\nइस योजना की सबसे प्रमुख विशेषता इसमें मिलने वाली वित्तीय छूट है। स्वीकृत परियोजना लागत का 35 प्रतिशत हिस्सा सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिया जाता है। व्यवसाय शुरू करने वाले आवेदक को अपनी ओर से कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत अंशदान ही लगाना पड़ता है, जबकि शेष 55 प्रतिशत राशि बैंक के जरिए ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। इससे उन लोगों के लिए भी अपना उद्योग लगाना संभव हो जाता है जिनके पास शुरुआती पूंजी सीमित है।\n\nयोजना के तहत दो अलग-अलग श्रेणियों में वित्तीय सहायता दी जाती है। यदि कोई व्यक्ति व्यक्तिगत स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाना चाहता है, तो उसे अधिकतम 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण मिल सकता है। वहीं, अगर समूह के माध्यम से या क्लस्टर स्तर पर किसी बड़ी खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की जाती है, तो परियोजना की कुल लागत 1 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इस वित्तीय व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार करना है।\n\nकिन-किन उद्योगों के लिए आवेदन कर सकते हैं लाभुक\nपलामू जिले के उद्योग विभाग के जिला समन्वयक चंद्रकांत पांडे के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों को शामिल किया गया है। इच्छुक व्यक्ति अपनी रुचि और स्थानीय बाजार की मांग के आधार पर प्रोजेक्ट तैयार कर सकते हैं।\n\nलाभुक जिन प्रमुख व्यवसायों के लिए ऋण और अनुदान प्राप्त कर सकते हैं, उनमें शामिल हैं\n\n• आटा चक्की और तेल मिल की स्थापना\n• दाल मिल और मसाला पीसने तथा पैकेजिंग की मशीनें\n• नमकीन और स्नैक्स निर्माण इकाई\n• ब्रेड, केक और बेकरी उत्पाद बनाने का उद्योग\n• आइसक्रीम निर्माण तथा अन्य प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री से जुड़ी इकाइयां\n\nस्थानीय बाजारों में खाद्य उत्पादों की मांग हमेशा बनी रहती है। यही वजह है कि खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्योगों की शुरुआत करना युवाओं के लिए एक टिकाऊ और लाभदायक स्वरोजगार का जरिया साबित हो रहा है।\n\nआवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज\nयोजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को एक पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करना होता है। जिला समन्वयक चंद्रकांत पांडे ने स्पष्ट किया कि इच्छुक व्यक्तियों को सबसे पहले अपने प्रस्तावित व्यवसाय के अनुसार एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी होती है।\n\nआवेदन के साथ निम्नलिखित आवश्यक कागजात जमा करने अनिवार्य हैं\n• आवेदक का आधार कार्ड\n• पैन कार्ड\n• प्रस्तावित व्यवसाय की प्रोजेक्ट रिपोर्ट\n\nआवेदन पत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा होने के बाद जिला स्तर पर दस्तावेजों की गहन जांच की जाती है। जांच प्रक्रिया पूरी होने पर फाइल को संबंधित बैंक के पास ऋण स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। बैंक से ऋण मंजूर होते ही लाभुक को स्वीकृत राशि हस्तांतरित कर दी जाती है और वह अपने खाद्य उद्योग की स्थापना का काम शुरू कर सकता है। इस व्यवस्था से पलामू में न केवल नए कारोबार शुरू हो रहे हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विस्तार से देश भर में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और खाद्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।\n• पलामू में: जिले के युवा और छोटे कारोबारी 35 प्रतिशत तक अनुदान लेकर 10 लाख रुपये तक के कर्ज से अपना नया खाद्य बिजनेस स्थापित कर सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पलामू जिले के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में कितने लाभुकों का लक्ष्य रखा गया है?\nवित्तीय वर्ष 2026-27 में पलामू जिले के लिए कुल 83 लाभुकों का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें से 15 आवेदकों का ऋण अब तक स्वीकृत हो चुका है।\n\n2. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?\nइस योजना के तहत परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान यानी सब्सिडी दी जाती है।\n\n3. योजना के अंतर्गत आवेदक को खुद कितना अंशदान देना होता है?\nलाभुक को अपनी ओर से परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अंशदान देना होता है, जबकि बाकी राशि बैंक लोन के माध्यम से मिलती है।\n\n4. व्यक्तिगत और समूह स्तर पर अधिकतम कितना लोन या परियोजना लागत की सीमा है?\nव्यक्तिगत स्तर पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है, जबकि समूह के माध्यम से स्थापित इकाई के लिए परियोजना लागत 1 करोड़ रुपये तक हो सकती है।\n\n5. इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं?\nआवेदक के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और प्रस्तावित व्यवसाय की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट होना आवश्यक है।\n\n6. पलामू में इस योजना के तहत कौन-कौन से खाद्य कारोबार शुरू किए जा सकते हैं?\nइसमें आटा चक्की, तेल मिल, दाल मिल, नमकीन निर्माण, मसाला मशीन, केक-ब्रेड निर्माण और आइसक्रीम उद्योग जैसे खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय शामिल हैं।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-08-20",
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    "झारखंड समाचार"
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