पारस हेल्थकेयर के शेयरों ने शेयर बाजार में दी दस्तक, शुरुआती कारोबार में इश्यू प्राइस से 6.82% तक उछले पारस हेल्थकेयर के शेयरों की एनएसई और बीएसई पर 720 रुपये पर लिस्टिंग हुई, जिसके बाद शुरुआती कारोबार में यह शेयर 740 रुपये के पार पहुंच गया। ग्रे मार्केट के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए कंपनी के निवेशकों को प्रति लॉट 966 रुपये तक का मुनाफा देखने को मिला। घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार, 28 अक्टूबर को पारस हेल्थकेयर के शेयरों ने सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की। कंपनी के शेयर निर्गम मूल्य यानी इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 3.90 प्रतिशत के प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए और इसके तुरंत बाद सुबह के सत्र में इनमें और तेजी दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई दोनों ही प्रमुख मंचों पर कंपनी का शेयर 720 रुपये पर खुला, जबकि आईपीओ के दौरान इसका अंतिम इश्यू प्राइस 693 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। इस तरह लिस्टिंग के साथ ही कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को शुरुआती बढ़त प्रदान की। शुरुआती कारोबार में दर्ज हुई जोरदार बढ़त बाजार खुलने के बाद शुरुआती घंटों में खरीदारी का रुझान मजबूत बना रहा। सुबह 10:15 बजे तक एनएसई पर पारस हेल्थकेयर का शेयर 739 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। यह भाव इसके लिस्टिंग मूल्य से 2.64 प्रतिशत अधिक और मूल इश्यू प्राइस से 6.64 प्रतिशत ऊपर था। इसी तरह बीएसई पर सुबह के कारोबार में स्टॉक ने 740.25 रुपये का स्तर छुआ, जो इसके शुरुआती भाव 720 रुपये की तुलना में 2.81 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। यदि इश्यू प्राइस 693 रुपये से तुलना की जाए, तो बीएसई पर यह तेजी 6.82 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। शुरुआती सत्र में दोनों एक्सचेंजों पर निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली। आवंटन पाने वाले निवेशकों की कमाई का हिसाब सार्वजनिक निर्गम में जिन खुदरा निवेशकों को शेयर आवंटित किए गए थे, उनके लिए न्यूनतम लॉट साइज 21 शेयरों का तय था। प्रति शेयर 693 रुपये के निर्गम मूल्य पर 21 शेयरों के एक लॉट के लिए निवेशकों ने 14,553 रुपये की पूंजी लगाई थी। जब शेयर 720 रुपये पर खुला, तब उस एक लॉट का कुल मूल्य बढ़कर 15,120 रुपये हो गया, जिससे प्रत्येक लॉट पर सीधे 567 रुपये का लिस्टिंग गेन मिला। इसके बाद जब सुबह के कारोबार में एनएसई पर भाव बढ़कर 739 रुपये पहुंचा, तब उसी 21 शेयरों के लॉट की वैल्यू 15,519 रुपये हो गई। इस स्तर पर सफल बोलीदाताओं का मुनाफा बढ़कर 966 रुपये प्रति लॉट दर्ज किया गया। ग्रे मार्केट के अनुमानों से बेहतर साबित हुई लिस्टिंग कंपनी के शेयरों का यह प्रदर्शन अनौपचारिक ग्रे मार्केट के अंतिम अनुमानों से काफी बेहतर रहा। शेयर बाजार में लिस्टिंग से ठीक पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी घटकर करीब 13 रुपये रह गया था। इस सुस्त जीएमपी के आधार पर बाजार विश्लेषक अनुमान लगा रहे थे कि शेयर 706 रुपये के आसपास खुल सकता है, जो कि वास्तविक ओपनिंग प्राइस 720 रुपये से काफी कम था। हालांकि निर्गम के शुरुआती दिनों में ग्रे मार्केट में काफी उत्साह देखा गया था। जब 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन शुरू हुआ था, तब जीएमपी 40 रुपये पर दर्ज किया गया था, लेकिन जैसे-जैसे बोली प्रक्रिया आगे बढ़ी, प्रीमियम में गिरावट आती चली गई। इसके बावजूद वास्तविक बाजार में शेयरों ने अपेक्षाकृत मजबूत शुरुआत की। 1,450 करोड़ रुपये के आईपीओ का ढांचा पारस हेल्थकेयर का यह सार्वजनिक निर्गम कुल 1,450 करोड़ रुपये का था, जो 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक निवेशकों की बोली के लिए खुला था। इसके लिए कंपनी ने 660 रुपये से 693 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया था। इस पूरे निर्गम में 500 करोड़ रुपये मूल्य के नए इक्विटी शेयर जारी किए गए, जबकि 950 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस शामिल था। इस ओएफएस के तहत कंपनी के प्रमोटर धर्मेंद्र कुमार नागर और निवेशक कोमेलिना ने अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेची है। इससे पहले कंपनी ने बाजार नियामक के पास 1,800 करोड़ रुपये के बड़े आकार के आईपीओ के लिए दस्तावेज जमा कराए थे, जिसे बाद में घटाकर 1,450 करोड़ रुपये किया गया। एंकर निवेशकों से जुटाए 652.30 करोड़ रुपये आम जनता के लिए इश्यू खुलने से ठीक पहले कंपनी ने बड़े संस्थागत निवेशकों से भारी पूंजी जुटाई थी। एंकर बुक के जरिए 39 एंकर निवेशकों को 693 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर शेयर आवंटित किए गए, जिससे कंपनी को 652.30 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। कंपनी ने इस बात की रूपरेखा भी स्पष्ट की है कि जुटाए गए नए फंड का उपयोग किस प्रकार किया जाएगा। 500 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू से प्राप्त होने वाली शुद्ध राशि में से 375 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल कंपनी और उसकी सहायक इकाई यानी सब्सिडियरी के बकाए कर्ज को चुकाने में किया जाएगा। शेष बची राशि को सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और परिचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए रखा जाएगा। ब्रोकरेज फर्म की रेटिंग और विकास परिदृश्य वित्तीय विश्लेषकों ने भी कंपनी के बुनियादी ढांचे और भविष्य की संभावनाओं पर सकारात्मक टिप्पणी की है। चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस स्टॉक पर कवरेज शुरू करते हुए इसे बाय यानी खरीद की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा, "हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के दौरान कंपनी के राजस्व, एबिटा और पीएटी में क्रमशः 21.9%, 29.4% और 99.1% की सीएजीआर वृद्धि होगी।" फर्म का मानना है कि कंपनी का विकास परिदृश्य मुख्य रूप से विशेष और उच्च मूल्य वाली स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, कम सेवा वाले क्षेत्रीय बाजारों में पहुंच बढ़ाने और अस्पतालों में बेहतर ऑक्यूपेंसी व क्षमता उपयोग से मिलने वाले ऑपरेटिंग लीवरेज पर निर्भर करता है। डीसीएफ मूल्यांकन और वित्त वर्ष 2029 के अनुमानित 14x के ईवी/एबिटा आधार पर फर्म ने पारस हेल्थकेयर के लिए 900 रुपये का लक्षित मूल्य तय किया है, जो निर्गम मूल्य से लगभग 30 प्रतिशत की संभावित तेजी को दर्शाता है। इसका आप पर असर पारस हेल्थकेयर की शेयर बाजार में लिस्टिंग से उन निवेशकों को सीधा मुनाफा हुआ है जिन्हें आईपीओ में शेयर आवंटित हुए थे, जबकि नए खरीदारों के लिए यह स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में निवेश का नया विकल्प है। • आवंटन पाने वाले खुदरा निवेशक: प्रत्येक लॉट पर सुबह के कारोबार में 966 रुपये तक का मुनाफा दर्ज किया गया है। निवेशक चाहें तो इस लाभ को भुना सकते हैं या लंबी अवधि के विकास परिदृश्य को देखते हुए शेयर अपने पास रख सकते हैं। • बाजार में नए खरीदार: शेयर अपने निर्गम मूल्य 693 रुपये से ऊपर 739 से 740 रुपये के दायरे में उपलब्ध है। ब्रोकरेज फर्म द्वारा 900 रुपये का लक्षित मूल्य दिए जाने से मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों को इसमें बढ़त की संभावना दिख सकती है। • कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य पर असर: जुटाए गए फंड में से 375 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने में खर्च किए जाएंगे। इससे कंपनी का ब्याज खर्च कम होगा और भविष्य की बैलेंस शीट मजबूत बनेगी। • स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के निवेशक: टियर-2 और टियर-3 शहरों में अस्पताल नेटवर्क का विस्तार निवेशकों को स्वास्थ्य सेवा उद्योग की बढ़ती मांग से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। ऐसा क्यों हुआ पारस हेल्थकेयर के शेयरों की सकारात्मक लिस्टिंग और शुरुआती तेजी कंपनी के उचित वैल्यूएशन, संस्थागत निवेशकों के समर्थन और अस्पतालों के विस्तार की योजनाओं के चलते देखने को मिली। • मजबूत संस्थागत भागीदारी: पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही 39 एंकर निवेशकों से 652.30 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। इस मजबूत संस्थागत आधार ने खुदरा और सामान्य बाजार सहभागियों में कंपनी के बुनियादी ढांचे को लेकर भरोसा बढ़ाया। • कर्ज में कमी की स्पष्ट योजना: कंपनी ने 500 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू में से 375 करोड़ रुपये का उपयोग सीधे कर्ज चुकाने के लिए निर्धारित किया है। बैलेंस शीट पर वित्तीय बोझ कम होने से भविष्य में मुनाफे की दर तेज रहने की उम्मीद बंधी है। • ग्रे मार्केट की सुस्ती को मात: लिस्टिंग से ठीक पहले अनौपचारिक प्रीमियम घटकर 13 रुपये रह गया था, लेकिन वास्तविक बाजार खुलते ही संस्थागत खरीदारी ने स्टॉक को 720 रुपये और फिर 740 रुपये के पार पहुंचा दिया। • अनुकूल विकास परिदृश्य: ब्रोकरेज फर्म चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज द्वारा बाय रेटिंग और वित्त वर्ष 2026 से 2029 के दौरान मुनाफे में 99.1% सीएजीआर की तेज वृद्धि का अनुमान आने से लिस्टिंग के दिन खरीदारी को समर्थन मिला। सवाल-जवाब 1. पारस हेल्थकेयर के शेयर किस भाव पर लिस्ट हुए? कंपनी के शेयर एनएसई और बीएसई दोनों एक्सचेंजों पर 720 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए, जो 693 रुपये के इश्यू प्राइस से 3.90% अधिक है। 2. शुरुआती कारोबार में शेयर का भाव कितना ऊपर गया? सुबह के कारोबार में एनएसई पर शेयर 739 रुपये (6.64% ऊपर) और बीएसई पर 740.25 रुपये (6.82% ऊपर) तक पहुंच गया। 3. आईपीओ आवंटन पाने वाले निवेशकों को प्रति लॉट कितना लाभ हुआ? 21 शेयरों के एक लॉट पर 720 रुपये की लिस्टिंग पर 567 रुपये और 739 रुपये के भाव पर 966 रुपये का मुनाफा हुआ। 4. पारस हेल्थकेयर का आईपीओ कुल कितने रुपये का था? यह आईपीओ कुल 1,450 करोड़ रुपये का था, जिसमें 500 करोड़ रुपये का नया इश्यू और 950 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल था। 5. कंपनी नए शेयरों से जुटाई गई राशि का क्या करेगी? कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए गए फंड में से 375 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल अपना और अपनी सहायक कंपनी का कर्ज चुकाने में करेगी। 6. ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर को क्या रेटिंग और टारगेट दिया है? चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इसे 'बाय' रेटिंग देते हुए 900 रुपये का लक्षित मूल्य तय किया है। https://trendkia.com/business/paras-healthcare-ke-sheyaron-ne-sheyara-bajara-men-di-dastaka-shuruati-karobara-men-ishyu-praisa-se-6-82-taka-uchhale-52486 TrendKia — Har trend, sabse pehle.