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  "title": "पे लेवल आपस में मिलाने से लेकर न्यूनतम वेतन 69,000 तक, सबसे बड़े कर्मचारी संगठन ने आठवें वेतन आयोग को सौंपी बड़ी मांगें",
  "summary": "देश के सबसे बड़े केंद्रीय कर्मचारी संगठन NC-JCM ने आठवें वेतन आयोग को पे ग्रेड मर्ज करने, लेवल 5 वालों को सीधे लेवल 6 में भेजने और न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 69,000 रुपये करने जैसी सिफारिशें भेजी हैं।",
  "content": "आठवें वेतन आयोग को लेकर सरकारी दफ्तरों में चर्चा गरम है, और अब देश के सबसे बड़े केंद्रीय कर्मचारी संगठन ने अपनी अहम मांगें आयोग के सामने रख दी हैं। आयोग ने कर्मचारी संगठनों से 15 जून तक उनके सुझाव मंगवाए थे, और साथ ही वह खुद भी अलग-अलग राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में पहुंचकर जमीनी आंकड़े इकट्ठा कर रहा है। इन संगठनों की राय का वजन इसलिए भारी होता है क्योंकि आयोग अपनी अंतिम सिफारिश इन्हीं सुझावों को आधार बनाकर केंद्र सरकार तक पहुंचाता है।\n\nइसी सिलसिले में नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने आयोग को कई सुझाव सौंपे हैं। यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों का सबसे बड़ा प्रतिनिधि संगठन गिना जाता है, जिसमें रेलवे, रक्षा, डाक और केंद्रीय सचिवालय समेत कई विभागों के कर्मचारी संगठन शामिल हैं।\n\nपे ग्रेड आपस में मिलाने की मांग\nसंगठन की ओर से भेजे गए सुझावों में एक बड़ी बात पे ग्रेड्स को आपस में मिला देने की है। यानी जो पे लेवल एक-दूसरे के बेहद करीब हैं, उन्हें एक कर दिया जाए। संगठन का तर्क है कि कई लेवल पर कर्मचारियों का काम लगभग एक जैसा होता है और सैलरी में भी बहुत ज्यादा फर्क नहीं रहता, फिर भी अलग-अलग लेवल होने की वजह से प्रमोशन और करियर की रफ्तार पर असर पड़ता है। इसका सीधा उदाहरण देते हुए कहा गया है कि लेवल 9 और लेवल 10 को मिलाकर एक कर दिया जाए। संगठन का मानना है कि इससे पूरा पे स्ट्रक्चर आसान होगा और एक जैसा काम करने वाले कर्मचारियों के बीच का अंतर घटेगा।\n\nलेवल 5 में अटके कर्मचारियों के लिए राहत\nइसके अलावा लेवल 5 के कर्मचारियों को अलग से राहत देने की भी मांग रखी गई है। संगठन का कहना है कि रेलवे, रक्षा, डाक और केंद्रीय सचिवालय के हजारों कर्मचारी बरसों से लेवल 5 में ही अटके पड़े हैं और आगे नहीं बढ़ पा रहे। इसीलिए मांग है कि एक बार के लिए मौजूदा सभी लेवल 5 कर्मचारियों को सीधे लेवल 6 में अपग्रेड कर दिया जाए। ऐसा होने पर इन कर्मचारियों को प्रमोशन के लिए और इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनकी तनख्वाह भी बढ़ जाएगी।\n\nन्यूनतम वेतन और इंक्रीमेंट पर बड़ी मांग\nइन दोनों मांगों के साथ संगठन ने न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 69,000 रुपये करने की सिफारिश की है। यह रकम बेसिक पे होगी, यानी इसके ऊपर महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और बाकी भत्ते अलग से जुड़ेंगे। सालाना इंक्रीमेंट को भी 3 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी करने की मांग है। संगठन यह भी चाहता है कि लेवल 13 तक एक साफ-सुथरा और व्यवस्थित पे मैट्रिक्स तैयार हो, ताकि किसी भी कर्मचारी को यह समझने में दिक्कत न हो कि प्रमोशन के बाद उसकी सैलरी किस तरह बढ़ेगी। इसके साथ ही पेंशन का फॉर्मूला भी नई सैलरी के हिसाब से दोबारा तय करने की गुजारिश की गई है, ताकि रिटायर हो चुके कर्मचारियों तक भी बढ़ोतरी का फायदा पहुंचे।\n\nक्या ये मांगें मानना जरूरी है?\nअब सवाल यह उठता है कि क्या इन सुझावों को लागू करना अनिवार्य है। इसका जवाब साफ है, नहीं। संगठन ने सिर्फ सुझाव दिए हैं, जिन्हें मांग भी कहा जा सकता है। अब पूरी बात वेतन आयोग के हाथ में है कि वह इनमें से कितनी बातें स्वीकार करता है और कितनी खारिज। और आयोग के हरी झंडी दे देने के बाद भी आखिरी फैसला सरकार का ही होगा कि इन सुझावों को अमल में लाया जाए या नहीं।\n\nकौन कर रहा है आयोग की अगुवाई\nआठवें वेतन आयोग की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश के हाथ में है। आयोग के सदस्य के तौर पर प्रोफेसर पुलक घोष जुड़े हैं, जो प्रधानमंत्री की वित्तीय सलाहकार समिति के सदस्य रह चुके हैं। वहीं पंकज जैन आयोग के सदस्य सचिव हैं, जो एक पूर्व आईएएस अधिकारी हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• केंद्रीय कर्मचारियों के लिए: अगर ये सिफारिशें मानी गईं तो न्यूनतम बेसिक पे 18,000 से बढ़कर 69,000 रुपये हो सकती है और सालाना इंक्रीमेंट दोगुना यानी 6 फीसदी हो जाएगा।\n• लेवल 5 वालों के लिए: रेलवे, रक्षा, डाक और सचिवालय के जो कर्मचारी सालों से अटके हैं, उन्हें सीधे लेवल 6 में जाने और तुरंत सैलरी बढ़ने का मौका मिल सकता है।\n• रिटायर कर्मचारियों के लिए: पेंशन फॉर्मूला नई सैलरी के हिसाब से दोबारा तय हुआ तो पेंशन में भी इजाफे का फायदा मिलेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. किस संगठन ने आठवें वेतन आयोग को ये सिफारिशें भेजी हैं?\nनेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने ये सुझाव भेजे हैं, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों का सबसे बड़ा प्रतिनिधि संगठन माना जाता है।\n\n2. पे ग्रेड मर्ज करने की मांग का क्या मतलब है?\nइसका मतलब है कि जो पे लेवल एक-दूसरे के बहुत करीब हैं उन्हें मिलाकर एक कर दिया जाए, जैसे लेवल 9 और लेवल 10 को एक करने का सुझाव है।\n\n3. न्यूनतम वेतन को लेकर क्या मांग रखी गई है?\nन्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग है, और यह बेसिक पे होगी जिस पर DA, HRA और दूसरे भत्ते अलग से जुड़ेंगे।\n\n4. लेवल 5 के कर्मचारियों के लिए क्या मांगा गया है?\nमांग है कि एक बार के लिए सभी मौजूदा लेवल 5 कर्मचारियों को सीधे लेवल 6 में अपग्रेड कर दिया जाए, ताकि उन्हें प्रमोशन का इंतजार न करना पड़े।\n\n5. क्या ये सिफारिशें मानना सरकार के लिए जरूरी है?\nनहीं, ये सिर्फ सुझाव हैं। वेतन आयोग तय करेगा कि इन्हें माने या नहीं, और आयोग के हरी झंडी देने के बाद भी अंतिम फैसला सरकार का होगा।\n\n6. आठवें वेतन आयोग की अध्यक्षता कौन कर रहा है?\nआयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश कर रही हैं, प्रोफेसर पुलक घोष सदस्य और पंकज जैन सदस्य सचिव हैं।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-07-19",
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