पॉलीमार्केट पर साइबर हमला: हैकर्स ने खाली किए खाते, अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग रुकी यूके स्थित थर्ड-पार्टी वेंडर में सेंध लगने के बाद पॉलीमार्केट ने अपनी ग्लोबल ट्रेडिंग अस्थायी तौर पर रोकी। लगभग 700 यूजर्स के करीब 27 लाख डॉलर चोरी हुए हैं, जिसे कंपनी वापस लौटाएगी। प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म पॉलीमार्केट ने एक बड़े साइबर हमले के बाद अपनी वैश्विक ट्रेडिंग सेवाओं को अस्थायी तौर पर रोक दिया। सुरक्षा जांच के दौरान कई घंटों तक लेन-देन पूरी तरह बंद रहा। इस सेंधमारी की जड़ कंपनी की मुख्य वेबसाइट में नहीं, बल्कि यूनाइटेड किंगडम स्थित उसके एक थर्ड-पार्टी वेंडर के सिस्टम में थी। कंपनी ने इस पूरे मामले की औपचारिक जानकारी यूके की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दे दी है। सैकड़ों खातों से उड़ी रकम, कंपनी करेगी भरपाई इस सुरक्षा चूक के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई जाने-माने ट्रेडर्स ने अपने खातों से पैसे गायब होने की शिकायतें दर्ज कराईं। ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म बबलमैप्स के मुताबिक, इस सेंधमारी का शिकार लगभग 700 यूजर्स बने हैं और कुल मिलाकर तकरीबन 2.7 मिलियन डॉलर की संपत्ति चुराई गई है। हालांकि कंपनी ने प्रभावित ट्रेडर्स की सटीक संख्या और नुकसान के कुल आंकड़े पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि प्रभावित सभी ट्रेडर्स के नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी। अमेरिकी प्लेटफॉर्म सुरक्षित, वैश्विक विंग पर लगी रोक इस साइबर हमले का असर पॉलीमार्केट यूएस का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर बिल्कुल नहीं पड़ा है। कंपनी दरअसल दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म संचालित करती है। इनमें पॉलीमार्केट यूएस देश के भीतर एक फेडरली रेगुलेटेड वित्तीय एक्सचेंज के रूप में काम करता है, जबकि इसका मुख्य अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पूरी तरह क्रिप्टोकरेंसी आधारित है। यह फ्लैगशिप क्रिप्टो प्लेटफॉर्म संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया के कई अन्य देशों में प्रतिबंधित है। पहले भी सामने आ चुकी हैं सुरक्षा खामियां ट्रेडर्स के लिए यह पहला मौका नहीं है जब उन्हें ऐसे सुरक्षा संकट से जूझना पड़ा हो। इससे पहले जून 2026 में भी पॉलीमार्केट पर एक बड़ा हमला हुआ था, जिसमें प्रभावित ट्रेडर्स को 2 मिलियन डॉलर से अधिक का सीधा नुकसान उठाना पड़ा था। साल 2020 में अपनी शुरुआत के बाद से ही यह प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म लगातार अलग-अलग विवादों के घेरे में रहा है। इनसाइडर ट्रेडिंग और 21 अरब डॉलर का मूल्यांकन पिछले कुछ वर्षों के दौरान पॉलीमार्केट कई चर्चित इनसाइडर ट्रेडिंग मामलों के केंद्र में भी रहा है, जिसके चलते गिरफ्तारियां तक हुईं। इनमें से एक मामला स्पेशल फोर्सेज के एक सैनिक से जुड़ा था, जिस पर वेनेजुएला के पूर्व नेता को पकड़े जाने की घटना पर दांव लगाने का आरोप लगा। वहीं दूसरे मामले में गूगल के एक कर्मचारी पर गोपनीय जानकारी का अनुचित लाभ उठाकर लाखों डॉलर कमाने का आरोप लगा। दोनों ही मामलों में संदिग्धों ने खुद को निर्दोष बताया है। इन कानूनी उलझनों के बावजूद, कंपनी ने अगस्त 2026 में 1789 कैपिटल के नेतृत्व वाले फंडिंग राउंड में 1 बिलियन डॉलर जुटाए थे। इस वेंचर कैपिटल फर्म में डोनाल्ड ट्रंप जूनियर पार्टनर हैं। इस ताजा निवेश के बाद पॉलीमार्केट का कुल मूल्यांकन 21 बिलियन डॉलर आंका गया है। इसका आप पर असर क्रिप्टो और प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए थर्ड-पार्टी वेंडर्स एक बड़ा सुरक्षा जोखिम साबित हो रहे हैं। • वैश्विक निवेशकों पर प्रभाव: अगर आप अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं तो वॉलेट और फंड्स पर तत्काल निगरानी रखें। इस घटना में करीब 700 यूजर्स के लगभग 2.7 मिलियन डॉलर निकाले गए हैं, हालांकि कंपनी ने भरपाई का आश्वासन दिया है। • यूएस प्लेटफॉर्म की सुरक्षा: अमेरिकी नियमन के तहत चलने वाले पॉलीमार्केट यूएस के यूजर्स इस सेंधमारी से सुरक्षित रहे हैं। रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म्स की अलग संरचना के चलते वहां के ट्रेडर्स का फंड प्रभावित नहीं हुआ। • रिफंड प्रक्रिया: प्रभावित ट्रेडर्स को अपने नुकसान की पूरी राशि कंपनी द्वारा वापस लौटाई जाएगी। यूजर्स को आधिकारिक चैनलों के जरिए अपने दावों और वॉलेट पते की पुष्टि पर नजर रखनी चाहिए। • थर्ड-पार्टी जोखिम: मुख्य प्लेटफॉर्म सुरक्षित होने के बावजूद सहायक वेंडर्स की कमजोरी भारी पड़ सकती है। बड़े फंड्स रखने वाले ट्रेडर्स को सारा पैसा किसी एक प्लेटफॉर्म पर छोड़ने के बजाय सुरक्षित कस्टडी का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ यह घटना पॉलीमार्केट की मुख्य वेबसाइट में किसी सीधी खामी की वजह से नहीं, बल्कि एक विदेशी सहयोगी कंपनी के सिस्टम में सेंध लगने के कारण हुई। • थर्ड-पार्टी वेंडर में सुरक्षा सेंध: यूनाइटेड किंगडम स्थित एक बाहरी वेंडर के नेटवर्क में घुसपैठ हुई, जिसका इस्तेमाल प्लेटफॉर्म की सेवाओं से जुड़ा था। मुख्य एक्सचेंज की वेबसाइट प्रभावित नहीं हुई लेकिन वेंडर के जरिए खातों की सुरक्षा टूट गई। • पहले की कमजोरियां और पैटर्न: प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा से जुड़ी परेशानी पहले भी सामने आ चुकी है। जून 2026 में भी इसी तरह की सेंधमारी में ट्रेडर्स के 2 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ था। • जांच और प्रशासनिक कदम: घटना के तुरंत बाद ट्रेडिंग रोक दी गई और यूके की जांच एजेंसियों को सूचित किया गया। आधिकारिक जांच जारी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वेंडर के सिस्टम तक हैकर्स ने कैसे पहुंच बनाई। सवाल-जवाब 1. पॉलीमार्केट पर अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग क्यों रोक दी गई? यूनाइटेड किंगडम स्थित एक थर्ड-पार्टी वेंडर के सिस्टम में सेंध लगने और ट्रेडर्स के खातों से पैसे गायब होने के बाद सुरक्षा जांच के लिए ट्रेडिंग रोकी गई। 2. इस साइबर हमले में कुल कितना वित्तीय नुकसान हुआ है? ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म बबलमैप्स के अनुसार लगभग 700 यूजर्स प्रभावित हुए और करीब 2.7 मिलियन डॉलर की चोरी हुई। 3. क्या प्रभावित यूजर्स को उनके पैसे वापस मिलेंगे? हां, पॉलीमार्केट ने घोषणा की है कि वह प्रभावित ट्रेडर्स के नुकसान की पूरी भरपाई करेगी। 4. क्या पॉलीमार्केट यूएस के यूजर्स भी इस घटना से प्रभावित हुए हैं? नहीं, अमेरिका में संचालित पॉलीमार्केट यूएस पूरी तरह सुरक्षित रहा और इस सेंधमारी का असर केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर पड़ा। 5. क्या पॉलीमार्केट पर पहले भी कोई साइबर हमला हुआ है? हां, जून 2026 में हुए एक अन्य सुरक्षा उल्लंघन के दौरान ट्रेडर्स को 2 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ था। 6. पॉलीमार्केट का वर्तमान मूल्यांकन कितना है? अगस्त 2026 में 1 बिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाने के बाद कंपनी का मूल्यांकन 21 बिलियन डॉलर आंका गया है। https://trendkia.com/business/polymarket-para-saibara-hamala-haikarsa-ne-khali-kie-khate-antararashtriya-tredinga-ruki-53358 TrendKia — Har trend, sabse pehle.