रायबरेली में किसानों को आधी कीमत पर मिलेंगे कीटनाशक, कृषि विभाग की इस योजना से बढ़ेगी आमदनी उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक किफायती पहल शुरू की है, जिसके तहत फसल रक्षक दवाएं 50 प्रतिशत सब्सिडी पर दी जा रही हैं। भारत को मुख्य रूप से कृषि प्रधान देश माना जाता है, जहाँ की लगभग 80 प्रतिशत आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती किसानी पर निर्भर है। देश के अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ सरकार लगातार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, ताकि किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिल सके। इसी कड़ी में किसानों को रियायती दरों पर कृषि उपकरण, उन्नत बीज और उर्वरक मुहैया कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें खुले बाजार से महंगी दरों पर ये जरूरी चीजें न खरीदनी पड़ें। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक विशेष योजना की शुरुआत की है। खेती के दौरान फसलों में लगने वाले खतरनाक कीटों, विभिन्न रोगों और खरपतवारों पर नियंत्रण के लिए अब किसानों को बाहर के बाजारों में जाकर महंगे कीटनाशक और खरपतवार नाशी खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। विभाग द्वारा सब्सिडी एड सोर्स के माध्यम से विभिन्न फसलों के लिए उपयोगी कीटनाशक और खरपतवार नाशी बहुत कम दामों पर बांटे जा रहे हैं। जब किसान खुले बाजार की बजाय कृषि विभाग के माध्यम से इन फसल रक्षक दवाओं को खरीदेंगे, तो उनकी लागत में भारी कमी आएगी, जिसका सकारात्मक असर उनकी कुल आय पर भी पड़ेगा। रायबरेली जिले के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी शिव शंकर वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की ओर से किसानों को बेहतरीन गुणवत्ता वाले और सस्ते फसल रक्षक कीटनाशक रसायन सब्सिडी एड सोर्स के तहत दिए जा रहे हैं। ये दवाइयां किसानों को सामान्य दुकानों की तुलना में काफी कम दाम पर मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी पहल का मुख्य लक्ष्य किसानों को आर्थिक मोर्चे पर संबल प्रदान करना है, जिससे उनकी आय में इजाफा हो सके और उन्हें किफायती दरों पर उच्च कोटि के कीटनाशक आसानी से उपलब्ध हो जाएं। किसानों को ऐसे मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान का लाभ शिव शंकर वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राजकीय कृषि केंद्रों पर अन्नदाताओं को कई तरह के कीटनाशक पूरे 50 प्रतिशत अनुदान पर दिए जा रहे हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए यह अनिवार्य है कि किसान का कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण होना चाहिए। इसके अलावा, योजना का फायदा लेने के लिए किसान को अपना आधार कार्ड और किसान पंजीकरण संख्या अपने साथ लेकर केंद्र पर आना होगा। राजकीय कृषि केंद्रों पर उपलब्ध हैं ये जरूरी दवाएं आगे की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि स्थानीय राजकीय कृषि केंद्र पर खरपतवार नाशी, कवकनाशी और प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर यानी पीजीआर समेत अन्य तमाम जरूरी कृषि रसायन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। जिन किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह की फसल रक्षक दवा की जरूरत महसूस हो, वे अपने नजदीकी राजकीय कृषि केंद्र से सीधा संपर्क कर सकते हैं और इस लाभकारी योजना का पूरा फायदा उठा सकते हैं। इसका आप पर असर यह योजना रायबरेली के किसानों के लिए लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने का सीधा जरिया है। • भारत में: देश भर के किसानों को केंद्र और राज्य सरकारों की ऐसी योजनाओं से खेती की बढ़ती लागत से राहत मिलती है और वित्तीय स्थिति मजबूत होती है। • रायबरेली में: जिले के किसानों को अब राजकीय कृषि केंद्रों से 50 प्रतिशत की भारी छूट पर कीटनाशक, कवकनाशी और खरपतवार नाशी मिल सकेंगे, जिससे उनकी जेब पर पड़ने वाला बोझ कम होगा। • दस्तावेज की जरूरत: इस सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड और किसान पंजीकरण संख्या साथ ले जानी होगी। • पंजीकरण अनिवार्य: योजना का पात्र बनने के लिए किसानों का कृषि विभाग के पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना बेहद जरूरी है। सवाल-जवाब 1. रायबरेली में किसानों को कीटनाशकों पर कितनी सब्सिडी मिल रही है? रायबरेली के किसानों को राजकीय कृषि केंद्रों पर विभिन्न कीटनाशकों पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। 2. इस योजना का लाभ लेने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को अपना आधार कार्ड और किसान पंजीकरण संख्या साथ रखनी होगी। 3. योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण की क्या स्थिति है? इस सब्सिडी का लाभ पाने के लिए किसान का कृषि विभाग में पंजीकृत होना अनिवार्य है। 4. राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी कौन हैं? शिव शंकर वर्मा रायबरेली जिले के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी हैं। 5. राजकीय कृषि केंद्रों पर कीटनाशकों के अलावा और क्या उपलब्ध है? कृषि केंद्रों पर खरपतवार नाशी, कवकनाशी और प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (पीजीआर) जैसी दवाएं भी उपलब्ध हैं। https://trendkia.com/business/raebareli-men-kisanon-ko-50-sabsidi-para-milenge-kitanashaka-krishi-vibhaga-ki-nai-pahala-28824 TrendKia — Har trend, sabse pehle.