# रायपुर में एक्सिस बैंक के मैनेजर ने बदली महिला की डिटेल, एफडी तुड़वाकर उड़ाए 15 लाख

> रायपुर के जेल रोड स्थित एक्सिस बैंक में एक असिस्टेंट मैनेजर ने महिला ग्राहक का मोबाइल नंबर बदलकर उनकी एफडी तुड़वा ली और करीब 15 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-08-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/raipur-me-axis-bank-ke-manager-ne-badli-mahila-ki-detail-fd-tudwaakar-udaaye-15-lakh-17932 · **Language:** Hindi
**Tags:** रायपुर बैंकिंग फ्रॉड, एक्सिस बैंक धोखाधड़ी, फिक्स्ड डिपॉजिट घोटाला, छत्तीसगढ़ क्राइम न्यूज, पुलिस कार्रवाई

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बैंकिंग धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर ने ही अपनी ही ग्राहक के साथ बड़ा धोखा किया है। आरोपी ने महिला के बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर चुपचाप बदल दिया और उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले ही तुड़वाकर लगभग 15 लाख रुपये की रकम पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के सामने आने के बाद बैंक ग्राहकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। पीड़ित महिला की तरफ से शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए आरोपी असिस्टेंट मैनेजर को अपनी हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।

यह पूरा मामला रायपुर के जेल रोड स्थित एक्सिस बैंक की शाखा से जुड़ा हुआ है। फाफाडीह की रहने वाली सुषमा कुमार का इस शाखा में खाता है। इसी बैंक में कोटा के रहने वाले कुलदीप सिंह असिस्टेंट मैनेजर के पद पर तैनात थे। आरोप है कि कुलदीप सिंह ने सुनियोजित तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी ने गत 17 मई को सुषमा कुमार के नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी तैयार की। इसके बाद उसने खुद ही एक फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म तैयार किया और बैंक को यह आवेदन दिया कि महिला के खाते का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदल दिया जाए। बैंक प्रणाली की कमियों का फायदा उठाते हुए उसने इस आवेदन को खुद ही रिसीव किया और खाते में अपने एक परिचित का मोबाइल नंबर दर्ज करा दिया।

जैसे ही खाते में नया मोबाइल नंबर अपडेट हुआ, आरोपी कुलदीप सिंह ने उस नंबर के जरिए तुरंत मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन को एक्टिवेट कर लिया। ऐप का एक्सेस मिलते ही उसने महिला के खाते में जमा 14.4 लाख रुपये से अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट को मैच्योरिटी से पहले ही बंद करवा दिया। इसके बाद एफडी के पैसे और खाते में पहले से मौजूद शेष राशि को मिलाकर कुल 14.97 लाख रुपये एक अन्य फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। यह रकम गुढ़ियारी इलाके में स्थित इंडियन सेल्स नामक एक निजी फर्म के खाते में भेजी गई थी। इसके बाद इस पूरी राशि को चेक और एटीएम के माध्यम से निकाल लिया गया, जिससे किसी को तुरंत भनक तक न लगे।

इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब गत 7 अगस्त को सुषमा कुमार किसी आवश्यक कार्य से बैंक शाखा पहुंचीं। उन्होंने जब अपने खाते के बैलेंस की जांच की तो उसमें बेहद कम रकम देखकर उनके होश उड़ गए। खाते से करीब 15 लाख रुपये गायब मिलने पर उन्होंने तुरंत बैंक के उच्च प्रबंधन और स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और बैंक अधिकारियों ने जब दस्तावेजों और सिस्टम की आंतरिक जांच शुरू की, तब असिस्टेंट मैनेजर कुलदीप सिंह की पूरी करतूत खुलकर सामने आ गई। पुलिस ने इस मामले में कुलदीप सिंह और फर्म के संचालक योगेश येडे के खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है।

पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी कुलदीप सिंह ने एक नया खुलासा करते हुए दावा किया है कि उसने यह सब बैंक के एक पूर्व अधिकारी अभिषेक सिंह के इशारे पर किया था। कुलदीप का कहना है कि अभिषेक ने ही उसे बैंक खाते से रकम निकालने की पूरी साजिश समझाई थी और तरीका बताया था। आरोपी के अनुसार इस फ्रॉड को अंजाम देने के एवज में उसे 2.5 लाख रुपये मिलने थे, जबकि योगेश येडे को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने के नाम पर 50 हजार रुपये दिए गए थे और बाकी की भारी रकम पूर्व अधिकारी अभिषेक सिंह अपने साथ ले गया। पुलिस इन सभी दावों की सत्यता की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी घटना की कार्यप्रणाली साल 2024 में आई तेलुगु फिल्म जीब्रा की कहानी से काफी मिलती-जुलती है। उस फिल्म में एक बैंक कर्मचारी बैंकिंग सिस्टम की खामियों और मोबाइल नंबर बदलकर धोखाधड़ी को अंजाम देता है। रायपुर की इस वास्तविक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किस तरह से अंदरूनी लोग ही तकनीकी हेर-फेर करके ग्राहकों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल सकते हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से छानबीन कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस योजना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

## इसका आप पर असर
**छत्तीसगढ़ में:** बैंक ग्राहकों को अपने खाते की सुरक्षा और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की समय-समय पर जांच करते रहने की सलाह दी जाती है ताकि किसी भी अनधिकृत बदलाव से समय रहते बचा जा सके।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना रायपुर में किस बैंक में हुई?
यह घटना रायपुर के जेल रोड स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में हुई।

### 2. आरोपी बैंक अधिकारी ने कुल कितने रुपये की हेराफेरी की?
आरोपी ने महिला ग्राहक के खाते से कुल 14.97 लाख रुपये की राशि निकाली।

### 3. इस धोखाधड़ी का खुलासा कैसे हुआ?
महिला ग्राहक जब 7 अगस्त को बैंक शाखा पहुंचीं और उन्होंने अपना बैलेंस चेक किया तब इस फर्जीवाड़े का पता चला।

### 4. पुलिस ने मुख्य आरोपी के अलावा किस अन्य व्यक्ति पर मामला दर्ज किया है?
पुलिस ने कुलदीप सिंह के साथ-साथ फर्म संचालक योगेश येडे के खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज किया है।

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