# रेलवे 18 गाड़ियों से हटाएगा सुपरफास्ट का दर्जा, यात्रियों के लिए टिकट के दाम 75 रुपये तक घटेंगे

> रेलवे 1 जनवरी से सप्तक्रांति और श्रमजीवी जैसी 18 ट्रेनों को सामान्य एक्सप्रेस श्रेणी में तब्दील करने जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुपरफास्ट सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा और टिकट 75 रुपये तक सस्ती हो जाएगी।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/relave-18-gariyon-se-hataega-suparaphasta-ka-darja-yatriyon-ke-lie-tikata-ke-dama-75-rupaye-taka-ghatenge-55566 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारतीय रेलवे, ट्रेन किराया, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, पूर्णागिरि जनशताब्दी, रेलवे टिकट, सुपरफास्ट ट्रेन

ट्रेनों में सफर करने वाले मुसाफिरों की जेब को राहत देते हुए रेलवे ने आगामी 1 जनवरी से 18 गाड़ियों की श्रेणी में बड़ा फेरबदल करने का फैसला किया है। प्रमुख रेल मार्गों पर चलने वाली इन 18 गाड़ियों से सुपरफास्ट का तमगा हटाकर इन्हें साधारण एक्सप्रेस श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इस प्रशासनिक बदलाव के चलते इन गाड़ियों के टिकट की कीमतों में 75 रुपये तक की कमी दर्ज की जाएगी। श्रेणी परिवर्तन की इस सूची में मुजफ्फरपुर से आनंद विहार के बीच दौड़ने वाली सप्तक्रांति, राजगीर से नई दिल्ली मार्ग पर चलने वाली श्रमजीवी और टनकपुर से दिल्ली के बीच संचालित पूर्णागिरि जनशताब्दी जैसी बेहद लोकप्रिय और व्यस्त ट्रेनें भी शामिल हैं।

## औसत गति में गिरावट बनी बदलाव की मुख्य वजह
रेलवे बोर्ड के मौजूदा दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसी भी रेलगाड़ी को सुपरफास्ट का दर्जा तभी दिया जाता है जब वह आने और जाने की दोनों दिशाओं में न्यूनतम 55 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार हासिल करे। नियमित अंतराल पर की जाने वाली तकनीकी समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि ये गाड़ियां इस तय गति मानक को बनाए रखने में लगातार विफल साबित हो रही थीं। रास्ते में नए ठहराव जुड़ने, रेल मार्गों पर गाड़ियों की बढ़ती आवाजाही के कारण बढ़े ट्रैफिक दबाव और कई अन्य परिचालन संबंधी दिक्कतों की वजह से इनकी रफ्तार में यह गिरावट दर्ज की गई है।

## नए ट्रेन नंबर और रूटों की नियमित वार्षिक समीक्षा
रेल प्रशासन हर साल अथवा नया टाइम टेबल तैयार करते वक्त सभी गाड़ियों की वास्तविक गति और समयबद्धता का गहन विश्लेषण करता है। समीक्षा के आधार पर जिन 18 ट्रेनों की सुपरफास्ट श्रेणी समाप्त की जा रही है, उनकी पहचान बदलने के साथ-साथ उन्हें नए ट्रेन नंबर भी आवंटित किए गए हैं। इस फेरबदल में मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली और आनंद विहार से मुजफ्फरपुर लौटने वाली सप्तक्रांति ट्रेन भी सीधे तौर पर प्रभावित होगी।

## श्रेणी हटने से जानिए किस क्लास में कितना घटेगा किराया
सुपरफास्ट श्रेणी हटने का सीधा आर्थिक लाभ यात्रियों को किराए में मिलने वाली छूट के रूप में मिलेगा। अब तक इन गाड़ियों में यात्रा करने पर मूल किराए के साथ अनिवार्य सुपरफास्ट अधिभार वसूला जाता रहा है, जो अब सामान्य एक्सप्रेस बनते ही खत्म कर दिया जाएगा। इस शुल्क के हटने से स्लीपर क्लास के टिकट पर 30 रुपये तक की बचत होगी। वहीं थर्ड एसी, 3E, सेकंड एसी और एसी चेयरकार के सफर में टिकट 45 रुपये तक सस्ता हो जाएगा। इसके अलावा फर्स्ट एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास में यात्रा करने वाले मुसाफिरों को प्रति टिकट 75 रुपये तक की सबसे बड़ी राहत मिलेगी।

## इसका आप पर असर
1 जनवरी से इन 18 ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को कम किराया देना होगा क्योंकि सुपरफास्ट शुल्क पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

- **किराये में बचत:** स्लीपर क्लास के टिकट में 30 रुपये, एसी चेयरकार और अन्य एसी श्रेणियों में 45 रुपये तथा फर्स्ट एसी में 75 रुपये तक की सीधी कमी आएगी। यदि आप 1 जनवरी के बाद का सफर प्लान कर रहे हैं तो घटे हुए किराए का लाभ सीधे टिकट बुकिंग पर प्राप्त कर सकते हैं।
- **नया ट्रेन नंबर:** इन सभी गाड़ियों के पुराने ट्रेन नंबर बदल दिए गए हैं। यात्रा की योजना बनाते समय या रिजर्वेशन करते वक्त यात्रियों को अपडेटेड नए नंबरों की जांच कर लेनी चाहिए ताकि किसी भी तरह के भ्रम से बचा जा सके।
- **यात्रा समय का आकलन:** इन गाड़ियों से सुपरफास्ट टैग हटने का मतलब है कि इनकी औसत गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे से कम हो चुकी है। यात्री अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय का ध्यान रखते हुए ही अपना शेड्यूल तय करें।
- **रूट के यात्रियों पर प्रभाव:** मुजफ्फरपुर, दिल्ली, राजगीर और टनकपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच सफर करने वाले नियमित यात्रियों का मासिक रेल खर्च काफी हद तक घट जाएगा। इन मार्गों पर लंबी दूरी तय करने वाले दैनिक और सामान्य यात्रियों के लिए यह सीधी बचत लेकर आएगा।

## ऐसा क्यों हुआ
रेलवे बोर्ड के नियमों के तहत औसत रफ्तार के तय मानक को पूरा न कर पाने के कारण इन 18 ट्रेनों से सुपरफास्ट का दर्जा वापस लिया गया है। परिचालन दबाव और नए ठहरावों ने इनकी समयबद्धता को प्रभावित किया है।

- **गति मानक में विफलता:** रेलवे बोर्ड का कड़ा नियम है कि सुपरफास्ट कहलाने के लिए ट्रेन की दोनों दिशाओं में औसत गति कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए। समीक्षा के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि ये 18 गाड़ियां इस निर्धारित रफ्तार को बरकरार रखने में नाकाम रही हैं।
- **अतिरिक्त स्टॉपेज का जुड़ना:** समय के साथ इन प्रमुख रेलगाड़ियों के रूटों पर स्थानीय मांगों के चलते कई नए ठहराव जोड़े गए थे। बार-बार रुकने और गति धीमी होने के कारण पूरी यात्रा की समग्र औसत रफ्तार काफी घट गई।
- **रूटों पर बढ़ता ट्रैफिक दबाव:** व्यस्त रेल गलियारों में ट्रेनों की अत्यधिक आवाजाही और परिचालन संबंधी चुनौतियों से अक्सर गाड़ियां विलंबित होती रहीं। इस लगातार दबाव ने ट्रेनों की गति को धीमा बनाए रखा जिससे समय सारिणी की समीक्षा में इनका दर्जा घटाना पड़ा।

## सवाल-जवाब

### 1. ट्रेनों से सुपरफास्ट का दर्जा कब से हटाया जा रहा है?
यह बदलाव अगले साल 1 जनवरी से प्रभावी होगा।

### 2. सुपरफास्ट श्रेणी हटने से टिकट कितनी सस्ती हो जाएगी?
सुपरफास्ट चार्ज खत्म होने से यात्रियों का टिकट अलग-अलग श्रेणियों में 30 रुपये से लेकर 75 रुपये तक सस्ता हो जाएगा।

### 3. किन मशहूर ट्रेनों को इस सूची में शामिल किया गया है?
सूची में मुजफ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति, राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी और टनकपुर-दिल्ली पूर्णागिरि जनशताब्दी जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।

### 4. रेलवे में सुपरफास्ट ट्रेन का दर्जा पाने के लिए न्यूनतम रफ्तार क्या होनी चाहिए?
रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार किसी ट्रेन की दोनों दिशाओं में औसत गति कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होनी आवश्यक है।

### 5. किस क्लास में टिकट का किराया कितना कम होगा?
स्लीपर क्लास में 30 रुपये, थर्ड एसी, 3E, सेकंड एसी और एसी चेयरकार में 45 रुपये तथा फर्स्ट एसी व एग्जीक्यूटिव क्लास में 75 रुपये तक किराया कम होगा।

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