रिलायंस जियो ला रही है देश का सबसे बड़ा आईपीओ, 1,065 से 1,119 रुपये तय हो सकता है प्राइस बैंड जियो प्लेटफॉर्म्स अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के जरिए 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक जुटाने की तैयारी में है, जिसका प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये के बीच रहने का अनुमान है। देश के टेलीकॉम सेक्टर में शीर्ष स्थान रखने वाली रिलायंस जियो के बहुप्रतीक्षित आईपीओ को लेकर बाजार में हलचल तेज हो गई है। कंपनी इसी महीने प्राथमिक पूंजी बाजार में दस्तक देने की योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत प्रति शेयर मूल्य 1,100 रुपये के करीब रहने का अनुमान है। बाजार विशेषज्ञों और संबंधित घटनाक्रम की समझ रखने वाले जानकारों के मुताबिक, कंपनी 21 अक्टूबर को बोली के लिए अपना निर्गम खोल सकती है। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो अक्टूबर के अंत तक कंपनी के शेयर घरेलू शेयर बाजारों में सूचीबद्ध भी हो जाएंगे। इस सार्वजनिक निर्गम के लिए कंपनी का कुल मूल्यांकन 10 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक आंका गया है। 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की पूंजी जुटाने का खाका रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स इस सार्वजनिक पेशकश से 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की भारी भरकम राशि जुटाने की तैयारी कर रही है। पूंजी जुटाने की इसी कवायद के तहत कंपनी ने अपने शेयरों के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का संभावित मूल्य दायरा तय किया है। वित्तीय अनुमानों के अनुसार, कंपनी इस निर्गम से लगभग 30.2 हजार करोड़ रुपये की राशि जुटा सकती है। इतनी बड़ी राशि के साथ यह निर्गम भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे विशाल सार्वजनिक प्रस्ताव बनने की राह पर है। इश्यू का पूरा कार्यक्रम और अहम तारीखें जियो प्लेटफॉर्म्स के इस मेगा आईपीओ का विस्तृत कार्यक्रम भी लगभग तय माना जा रहा है। योजना के अनुसार, आम निवेशकों के लिए यह निर्गम 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 मई तक बोली लगाने की सुविधा रहेगी। हालांकि, खुदरा और गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए खिड़की खुलने से पहले ही 19 अक्टूबर को बड़े एंकर निवेशकों के लिए आवंटन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बिडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 28 अक्टूबर को कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद है, जिसके साथ ही इनमें सामान्य ट्रेडिंग की शुरुआत हो जाएगी। ह्यूंडई के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की तैयारी भारतीय पूंजी बाजार में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम पेश करने का कीर्तिमान ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी ह्यूंडई के नाम दर्ज था। ह्यूंडई ने अक्टूबर 2024 में 27.80 हजार करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। जियो का यह नया प्रस्ताव 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का रहने वाला है, जिससे यह पिछला रिकॉर्ड टूट जाएगा। इस निर्गम के माध्यम से बाजार में कुल 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बनाई गई है। पूर्व में कंपनी का मूल्यांकन 11 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था, जो अब संशोधित होकर लगभग 10.30 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है, जबकि जून महीने में इसका मूल्यांकन 115 अरब डॉलर बताया गया था। इतने बड़े निर्गम के सुचारू प्रबंधन के लिए कुल 19 प्रमुख मर्चेंट बैंकों को नियुक्त किया गया है, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, बैंक ऑफ अमेरिका, एक्सिस कैपिटल, बीएनपी परिबास और सिटीग्रुप जैसे दिग्गज वित्तीय संस्थान शामिल हैं। इसका आप पर असर रिलायंस जियो के इस ऐतिहासिक निर्गम से प्राथमिक शेयर बाजार में खुदरा और संस्थागत निवेशकों के लिए बड़े अवसर बनने जा रहे हैं। • भारत में: देश भर के निवेशकों को भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी में सीधे हिस्सेदारी खरीदने का सीधा मौका मिलेगा। यदि आप बोली लगाना चाहते हैं, तो 1,065 से 1,119 रुपये के मूल्य दायरे के हिसाब से अपने डिमैट खाते में आवश्यक पूंजी तैयार रख सकते हैं। • बाजार की नकदी पर: 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की भारी निकासी के चलते प्राथमिक बाजार में नकदी की मांग काफी बढ़ जाएगी। छोटे निवेशक अन्य लिस्टिंग से मुनाफा निकालकर इस मेगा इश्यू की ओर पूंजी स्थानांतरित कर सकते हैं। • एंकर निवेश का प्रभाव: 19 अक्टूबर को एंकर आवंटन शुरू होने से बाजार की दिलचस्पी और संस्थागत रुझान का पहले ही संकेत मिल जाएगा। आम निवेशक 21 अक्टूबर को बिडिंग खुलने से पहले इन रुझानों का अध्ययन करके बेहतर निर्णय ले सकते हैं। • लिस्टिंग से लाभ की उम्मीद: 28 अक्टूबर को शेयर सूचीबद्ध होने के बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम और उतार-चढ़ाव में भारी वृद्धि देखी जा सकती है। अल्पावधि ट्रेडर्स को लिस्टिंग डे की चाल पर नजर रखकर अपनी मुनाफावसूली या होल्डिंग रणनीति तय करनी होगी। ऐसा क्यों हुआ रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी डिजिटल सेवा शाखा का स्वतंत्र बाजार मूल्यांकन स्थापित करने और पूंजी विस्तार के लिए यह विशाल निर्गम ला रही है। • पूंजी जुटाने की रणनीति: जियो प्लेटफॉर्म्स 27 करोड़ नए शेयर जारी कर 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाना चाहती है। इस फंडरेजिंग से कंपनी को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और बुनियादी ढांचे को और मजबूती देने में मदद मिलेगी। • बाजार रिकॉर्ड और वैल्यूएशन: पूर्व में 11 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के बाद अब कंपनी की वैल्यू 10.30 लाख करोड़ रुपये अनुमानित की गई है। इस मूल्यांकन के साथ यह इश्यू अक्टूबर 2024 में आए ह्यूंडई के 27.80 हजार करोड़ रुपये के पिछले रिकॉर्ड को पार करने के इरादे से लाया जा रहा है। • ग्लोबल बैंकरों का समर्थन: निर्गम के सफल क्रियान्वयन के लिए कंपनी ने 19 प्रमुख वैश्विक और घरेलू बैंकों का विशाल सिंडिकेट नियुक्त किया है। मॉर्गन स्टेनली, सिटीग्रुप और कोटक महिंद्रा कैपिटल जैसे बैंक संस्थागत निवेशकों से मजबूत पूंजी प्रवाह सुनिश्चित करने में जुटे हैं। सवाल-जवाब 1. रिलायंस जियो के आईपीओ का अनुमानित प्राइस बैंड क्या है? जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किए जाने की संभावना है। 2. इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए कंपनी कितनी पूंजी जुटाने की योजना बना रही है? कंपनी इस निर्गम के माध्यम से 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक, लगभग 30.2 हजार करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। 3. जियो का आईपीओ आम निवेशकों के लिए कब खुलेगा? योजना के अनुसार, आम निवेशकों के लिए यह निर्गम 21 अक्टूबर को बोली लगाने के लिए खुल सकता है। 4. शेयर बाजार में जियो के शेयरों की लिस्टिंग किस तारीख को हो सकती है? अनुमान है कि 28 अक्टूबर को जियो के शेयर शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएंगे और उनमें कारोबार शुरू हो जाएगा। 5. इससे पहले भारत का सबसे बड़ा आईपीओ किस कंपनी का था? इससे पहले देश का सबसे बड़ा आईपीओ वाहन निर्माता कंपनी ह्यूंडई का था, जिसने अक्टूबर 2024 में 27.80 हजार करोड़ रुपये जुटाए थे। 6. इस आईपीओ के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन कितना आंका गया है? आईपीओ के लिए कंपनी का मौजूदा मूल्यांकन 10.30 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जो कि 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। https://trendkia.com/business/reliance-jio-la-rahi-hai-desha-ka-sabase-bara-ipo-1-065-se-1-119-rupaye-taya-ho-sakata-hai-praisa-bainda-45514 TrendKia — Har trend, sabse pehle.