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  "type": "article",
  "title": "रिजर्व बैंक के फैसले के बाद पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बड़े बैंकों ने कर्ज की दरें बढ़ाईं",
  "summary": "भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के तुरंत बाद प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों ने अपनी बेंचमार्क उधारी दरों में इजाफा कर दिया है, जिससे होम और ऑटो लोन की किस्तें महंगी हो जाएंगी।",
  "content": "भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करने के फैसले का सीधा असर अब आम कर्जदारों की जेब पर दिखने लगा है। केंद्रीय बैंक के इस कदम के तुरंत बाद देश के प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में संशोधन की घोषणा कर दी है। पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक जैसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों के साथ निजी क्षेत्र के बैंकों ने भी अपनी रेपो आधारित उधारी दरों को 0.25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इस बदलाव के चलते मौजूदा और नए दोनों तरह के ग्राहकों के लिए आवास, वाहन और व्यक्तिगत ऋण की मासिक किस्तें यानी ईएमआई सीधे तौर पर बढ़ जाएंगी।\n\nकेंद्रीय बैंक का कदम और नई रेपो दर\nबुधवार को रिजर्व बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत दर यानी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, जिसके बाद यह दर बढ़कर 5.50 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है। यह कदम लगभग 4 साल की अवधि में रेपो दर में की गई पहली बढ़ोतरी को दर्शाता है। केंद्रीय बैंक ने बाजार में बढ़ती मुद्रास्फीति के दबाव और रुपये के मूल्य में जारी गिरावट के बीच यह फैसला लिया है। इसके साथ ही संकेत दिए गए हैं कि आने वाले समय में आर्थिक स्थितियों को संतुलित करने के लिए नीतिगत दरों में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर वाणिज्यिक बैंक केंद्रीय बैंक से अल्कालिक फंड प्राप्त करते हैं। ऐसे में इस दर के बढ़ने से बैंकिंग व्यवस्था में फंड जुटाने की लागत सीधे बढ़ जाती है, जिसे बैंक अपने ग्राहकों पर डालते हैं।\n\nपंजाब नेशनल बैंक ने संशोधित की आरएलएलआर\nसार्वजनिक क्षेत्र में देश के दूसरे सबसे बड़े वित्तीय संस्थान पंजाब नेशनल बैंक ने शेयर बाजार को आधिकारिक तौर पर अपनी नई दरों की जानकारी दी। बैंक ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक के निर्णय के अनुरूप उसने अपनी रेपो से जुड़ी ऋण दर यानी आरएलएलआर को 8.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत कर दिया है। यह नई संशोधित दर 8 अक्टूबर से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि, बैंक प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी सीमांत लागत आधारित ऋण दर यानी एमसीएलआर और आधार दर में फिलहाल कोई फेरबदल नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि केवल रेपो बेंचमार्क से जुड़े फ्लोटिंग रेट लोन लेने वाले ग्राहकों पर ही इस बढ़ोतरी का तात्कालिक प्रभाव पड़ेगा।\n\nसार्वजनिक क्षेत्र के अन्य प्रमुख बैंकों का निर्णय\nदक्षिण भारत के चेन्नई मुख्यालय वाले इंडियन बैंक ने भी अपनी रेपो से जुड़ी बेंचमार्क ऋण दर यानी आरबीएलआर में संशोधन किया है। बैंक ने इस दर को 7.95 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.20 प्रतिशत करने की घोषणा की है, जो 8 अक्टूबर से प्रभावी हो गई है। इसी तरह बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अपनी रेपो आधारित ऋण दर में समान अनुपात में वृद्धि करते हुए इसे 7.90 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत कर दिया है।\n\nइसके अतिरिक्त, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी अपनी आरबीएलआर दरों को बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत के स्तर पर निर्धारित कर दिया है। इन दोनों ही संस्थानों में संशोधित ब्याज दरें 8 अक्टूबर से लागू हो चुकी हैं। इस प्रकार देश के अधिकांश प्रमुख सरकारी वित्तीय संस्थानों ने बिना किसी विलंब के केंद्रीय बैंक की नीतिगत बढ़ोतरी का भार सीधे अपनी ऋण योजनाओं में शामिल कर लिया है।\n\nनिजी क्षेत्र के बैंक भी पीछे नहीं\nसार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अलावा निजी बैंकिंग क्षेत्र ने भी इसी दिशा में कदम बढ़ाए हैं। निजी क्षेत्र के तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने अपनी रेपो लिंक्ड लोन दर को 8.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.50 प्रतिशत कर दिया है। वित्तीय बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में देश के अन्य सभी छोटे और बड़े वाणिज्यिक बैंक तथा हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां भी इसी तरह अपनी बेंचमार्क ऋण दरों में 0.25 प्रतिशत तक की वृद्धि का एलान करेंगी, जिससे खुदरा ग्राहकों के लिए कर्ज की लागत में व्यापक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।\n\nइसका आप पर असर\nबैंकों द्वारा बेंचमार्क दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करने से फ्लोटिंग रेट वाले सभी लोन धारकों की मासिक ईएमआई बढ़ जाएगी।\n\n• कर्जदारों पर असर: रेपो से जुड़े होम, ऑटो और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में तुरंत 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यदि ग्राहक ईएमआई राशि समान रखते हैं तो उनके लोन की अवधि बढ़ जाएगी या फिर उन्हें हर महीने अधिक किस्त चुकानी होगी।\n• नए लोन ग्राहकों पर प्रभाव: 8 अक्टूबर के बाद इन बैंकों से नया लोन लेने वाले ग्राहकों को ऊंची दरों पर कर्ज मिलेगा। इससे उनकी लोन पात्रता थोड़ी घट सकती है क्योंकि आय के मुकाबले ईएमआई का अनुपात बढ़ जाएगा।\n• अपरिवर्तित एमसीएलआर का लाभ: जिन पुराने ग्राहकों का लोन एमसीएलआर या बेस रेट से जुड़ा है, उनकी दरों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्हें तब तक राहत रहेगी जब तक बैंक अपनी आंतरिक लागत दरों की समीक्षा नहीं करते।\n• फंड्स की लागत में बदलाव: बैंकिंग प्रणाली में पूंजी जुटाना महंगा होने से बैंकों पर मार्जिन बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा। आने वाले दिनों में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट यानी जमा दरों में भी हल्की बढ़ोतरी कर सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nरिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के कारण बैंकों की फंड लागत बढ़ गई, जिसे उन्होंने ग्राहकों पर स्थानांतरित कर दिया।\n\n• केंद्रीय बैंक का नीतिगत फैसला: रिजर्व बैंक ने देश में बढ़ती महंगाई और विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की कमजोरी को थामने के लिए रेपो दर को 5.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया। नीतिगत दर बढ़ने से कमर्शियल बैंकों के लिए रिजर्व बैंक से उधारी लेना महंगा हो गया।\n• एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग नियम: केंद्रीय बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार फ्लोटिंग रेट वाले खुदरा ऋण सीधे बाहरी बेंचमार्क यानी रेपो रेट से बंधे होते हैं। जैसे ही नीतिगत दर में बदलाव होता है, बैंकों को अपनी आरएलएलआर और आरबीएलआर दरों में तुरंत संशोधन करना पड़ता है।\n• चार साल बाद पहला इजाफा: लगभग 4 वर्षों के अंतराल में यह पहली बार है जब केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का चक्र शुरू किया है। इसके चलते वित्तीय संस्थानों ने बिना किसी देरी के 8 अक्टूबर से ही नई दरों को लागू कर दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रिजर्व बैंक ने रेपो दर को कितना बढ़ाया है?\nरिजर्व बैंक ने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे यह दर 5.50 प्रतिशत हो गई है।\n\n2. पंजाब नेशनल बैंक की नई रेपो लिंक्ड दर क्या है?\nपंजाब नेशनल बैंक ने अपनी आरएलएलआर को 8.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत कर दिया है, जो 8 अक्टूबर से प्रभावी है।\n\n3. बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक ने अपनी ब्याज दरें कितनी की हैं?\nबैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी दर बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत और इंडियन बैंक ने 8.20 प्रतिशत कर दी है।\n\n4. क्या पीएनबी के एमसीएलआर लोन पर भी असर पड़ा है?\nनहीं, पंजाब नेशनल बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसकी एमसीएलआर और आधार दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।\n\n5. तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने अपनी दरों में क्या संशोधन किया?\nतमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने अपनी रेपो लिंक्ड उधारी दर को 8.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.50 प्रतिशत कर दिया है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-10-08",
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