# सहारनपुर की होजरी इकाइयों में भगवा टी-शर्ट की भारी डिमांड, AI प्रिंट वाली ड्रेस से बढ़ी कांवड़ियों की रौनक

> सावन शुरू होने से पहले सहारनपुर के होजरी उद्योग में भगवा कपड़ों की जबरदस्त डिमांड है, कारोबारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान 75 से 100 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है.

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-07-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/saharanpur-ki-hojari-ikaiyon-men-bhagava-ti-sharta-ki-bhari-dimanda-ai-printa-vali-dresa-se-barhi-kanvariyon-ki-raunaka-8719 · **Language:** Hindi
**Tags:** सहारनपुर होजरी उद्योग, कांवड़ यात्रा, भगवा टी-शर्ट, AI प्रिंट डिजाइन, होजरी कारोबार, हरिद्वार कांवड़िए

सावन शुरू होने से ठीक पहले सहारनपुर के होजरी बाजार में रौनक लौट आई है, कारखानों में भगवा टी-शर्ट, नेकर और कैपरी बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है और कारोबारियों को इस कांवड़ यात्रा में 75 से 100 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है.

## दिन-रात मशीनें चल रहीं, नई भर्ती से बढ़ा उत्पादन
बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए ज्यादातर इकाइयों ने उत्पादन क्षमता बढ़ा दी है और अतिरिक्त श्रमिकों को काम पर रखकर दिन-रात कपड़े तैयार कराए जा रहे हैं. इसका सीधा फायदा शहर के मजदूरों और पूरे होजरी उद्योग को मिल रहा है. दरअसल कांवड़ यात्रा हर साल सहारनपुर के इस उद्योग के लिए बड़ा कारोबारी मौका लेकर आती है और इस बार भी बाजार में जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा है. सावन के महीने में लाखों शिव भक्तों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर इकाइयां भगवा रंग के कपड़े ही बना रही हैं. इस दौरान बाजार में हर उम्र के शिव भक्तों के लिए तैयार पोशाकों की मांग एक साथ बढ़ जाती है, इसलिए कारखानों में मशीनें लगातार चलाकर तय समय में ऑर्डर पूरा करने की कोशिश की जा रही है. सहारनपुर के होजरी बाजार से तैयार यह ड्रेस सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, अरुणाचल और दिल्ली के बाजारों तक भी पहुंच रही है. डिजाइन के मामले में भी इस बार खासी विविधता है, AI तकनीक से बने प्रिंट से लेकर हजारों तरह के पारंपरिक डिजाइन शिव भक्तों के लिए तैयार किए जा रहे हैं.

## हरिद्वार जाने वाले कांवड़ियों के लिए साल भर का इंतजार
होजरी व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष वैभव कंबोज ने बताया, "हौजरी व्यापारियों को पूरे साल इसी सीजन का इंतजार रहता है." उनके मुताबिक पूरे उत्तर और मध्य भारत से कांवड़िए गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं और इन्हीं भक्तों के लिए होजरी कारोबारी तरह-तरह की ड्रेस तैयार करते हैं. हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा मध्य प्रदेश से भी सहारनपुर की इकाइयों को ऑर्डर मिलते हैं. इस कारोबार के लिए तैयारी महीनों पहले से शुरू हो जाती है, क्योंकि यह सीमित समय में होने वाला काम है और इसी वजह से होजरी व्यापारियों को इसमें अच्छा खासा मुनाफा भी मिलता है. यही वजह है कि हर साल कांवड़ यात्रा का सीजन होजरी कारोबारियों के लिए सबसे ज्यादा मुनाफे वाला समय माना जाता है.

## महंगे सूती धागे की जगह पॉलिएस्टर और AI प्रिंट का बोलबाला
सूती कपड़ा और धागा महंगा हो जाने के कारण अब पॉलिएस्टर कपड़े का चलन तेजी से बढ़ा है. कारोबारियों के मुताबिक पॉलिएस्टर की मांग सबसे ज्यादा रहती है और इसी कपड़े से महादेव की तस्वीर वाली टी-शर्ट, लोअर और नेकर तैयार किए जाते हैं. इसके अलावा छोटे बच्चों के लिए कार्टून की शक्ल में भगवान कृष्ण और भगवान शिव के AI से बने प्रिंट वाले कपड़े भी सबसे ज्यादा बिक रहे हैं. हर साल कांवड़ के सीजन में सहारनपुर का होजरी कारोबार 50 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, जिससे यह मौसम शहर के होजरी उद्योग के लिए साल की सबसे बड़ी कमाई का जरिया बन जाता है.

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर होजरी कारोबार से जुड़े परिवारों और कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले शिव भक्तों को प्रभावित करती है.

- **भारत में:** उत्तर व मध्य भारत के जिन राज्यों से कांवड़िए हरिद्वार जाते हैं, वहां इस बार भगवा टी-शर्ट, नेकर और कैपरी नए AI डिजाइनों के साथ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी.
- **सहारनपुर में:** बढ़े हुए ऑर्डर से होजरी इकाइयों में अतिरिक्त मजदूरों को काम मिल रहा है, जिससे स्थानीय कमाई और शहर की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा हो रहा है.

## सवाल-जवाब

### 1. सहारनपुर के होजरी कारोबारियों को इस बार कितने कारोबार की उम्मीद है?
कारोबारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान 75 से 100 करोड़ रुपये तक के कारोबार की उम्मीद है.

### 2. सहारनपुर से तैयार कपड़े किन-किन राज्यों में जाते हैं?
यह कपड़े उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, अरुणाचल और दिल्ली के बाजारों में भी भेजे जाते हैं.

### 3. इस बार डिजाइन में क्या खास है?
AI तकनीक से बने प्रिंट के साथ-साथ हजारों तरह के पारंपरिक डिजाइन भी तैयार किए जा रहे हैं.

### 4. होजरी व्यापारी अब किस कपड़े का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं और क्यों?
सूती धागा महंगा होने से अब पॉलिएस्टर कपड़े का चलन बढ़ गया है और इसी से ज्यादातर टी-शर्ट, लोअर और नेकर बनाए जा रहे हैं.

### 5. वैभव कंबोज कौन हैं?
वैभव कंबोज होजरी व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष हैं.

### 6. हर साल कांवड़ सीजन में सहारनपुर का होजरी कारोबार कितना रहता है?
हर साल यह कारोबार 50 करोड़ से 100 करोड़ रुपये के बीच रहता है.

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