# सर्दियों में कम हो गया गाय-भैंस का दूध, अपनाएं ये आसान उपाय और बढ़ाएं मुनाफा

> सर्दियों के मौसम में दुधारू पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है। पशु विशेषज्ञों के अनुसार, सही आहार, दाना और मिनरल मिक्सचर देकर इस नुकसान से बचा जा सकता है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/sardiyon-men-kama-ho-gaya-gaya-bhainsa-ka-dudha-apanaen-ye-asana-upaya-aura-barhaen-munapha-58031 · **Language:** Hindi
**Tags:** पशुपालन, दुधारू पशु, दूध उत्पादन, पशु आहार, सर्दियों की देखभाल, कृषि टिप्स

सर्दियों का मौसम आते ही तापमान में गिरावट दर्ज होने लगती है, जिसका सीधा असर दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और खानपान पर पड़ता है। मौसम के इस बदलाव के कारण कई बार गाय और भैंस के दूध उत्पादन में भारी कमी देखने को मिलती है। पशुपालकों के लिए यह स्थिति आर्थिक रूप से नुकसानदायक साबित होती है क्योंकि पर्याप्त मात्रा में दूध न मिलने से उनकी आय प्रभावित होती है। हालांकि, यदि पशुओं के दैनिक आहार पर विशेष ध्यान दिया जाए और समय रहते जरूरी बदलाव किए जाएं, तो इस समस्या से आसानी से निपटा जा सकता है और दूध के स्तर को बनाए रखा जा सकता है।

## पोषण में लापरवाही से घटता है उत्पादन
पशु पालन से जुड़े जानकारों का मानना है कि सर्दियों के दिनों में पशुओं के खानपान में जरा सी भी कोताही उनके दूध देने की क्षमता को कमजोर कर देती है। इस मौसम में शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है, और यदि पशुओं को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, तो वे सुस्त और कमजोर नजर आने लगते हैं। केवल पारंपरिक चारे के भरोसे रहने के बजाय पशुओं को संतुलित आहार देना बेहद जरूरी है। उनके भोजन में हरे चारे के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण दाना, कैल्शियम और मिनरल मिक्सचर को शामिल करने से शरीर की जरूरतें पूरी होती हैं और दूध का उत्पादन भी स्थिर रहता है.

## डॉ. भारत पटेल की सलाह और हरे चारे का महत्व
खरगोन के पशु चिकित्सक डॉ. भारत पटेल के अनुसार, दुधारू पशुओं के लिए हरा और ताजा चारा सबसे उत्तम आहार माना जाता है क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। हालांकि, कई बार हर समय हरा चारा मिल पाना संभव नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में पशुओं को सूखे चारे के साथ संतुलित दाना पर्याप्त मात्रा में देना चाहिए ताकि उन्हें जरूरी ऊर्जा मिलती रहे और उनका स्वास्थ्य पूरी तरह दुरुस्त बना रहे।

## दूध की मात्रा के हिसाब से तय करें दाने का अनुपात
पशुओं को मिलने वाले दाने की मात्रा उनके दूध देने के औसत पर निर्भर करती है। भैंस को प्रति एक लीटर दूध उत्पादन के एवज में लगभग 500 ग्राम दाना देना चाहिए, जबकि गाय के मामले में एक लीटर दूध पर करीब 400 ग्राम दाना पर्याप्त माना जाता है। इसके अलावा, सर्दियों के मौसम में पशुओं के शरीर का तापमान और रखरखाव ठीक रखने के लिए रोजाना एक किलो अतिरिक्त सूखा दाना देना फायदेमंद होता है, जिससे उन्हें ऊर्जा मिलती है। यदि पशु को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा मिल रहा है, तो दाने की कुल मात्रा में लगभग 30 फीसदी तक की कमी भी की जा सकती है।

## दस लीटर से अधिक दूध देने वाले पशुओं के लिए विशेष खुराक
विशेषज्ञों का कहना है कि जो गाय या भैंस प्रतिदिन 10 लीटर से ज्यादा दूध देती हैं, उनके शरीर को अधिक मात्रा में कैल्शियम और खनिजों की आवश्यकता होती है। ऐसे उच्च उत्पादक पशुओं को प्रतिदिन 100 एमएल कैल्शियम तरल रूप में देना चाहिए। इसके साथ ही उनके आहार में 30 ग्राम मिनरल मिक्सचर भी अवश्य मिलाना चाहिए ताकि शरीर में किसी भी तरह की खनिज की कमी न हो। यह कैल्शियम और मिनरल मिक्सचर बाजार की पशु आहार दुकानों पर सरलता से मिल जाता है। इसे गेंहू की भूसी, मक्का की भूसी, ज्वार, बाजरा या किसी अन्य नियमित पशु आहार में मिलाकर पशुओं को आसानी से खिलाया जा सकता है।

## इसका आप पर असर
पशु पालने वाले किसानों और पशुपालकों के लिए सर्दियों में दूध उत्पादन बनाए रखना सीधे तौर पर उनकी आमदनी से जुड़ा हुआ है।

- **भारत में:** देश भर के पशुपालकों को सर्दियों के महीनों में अपने दुधारू पशुओं के खानपान में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ताकि ठंड के कारण दूध की मात्रा में गिरावट न आए। सही पोषण और समय पर मिनरल मिक्सचर देने से पशुओं का स्वास्थ्य ठीक रहता है और आर्थिक नुकसान से बचाव होता है।
- **खरगोन में:** स्थानीय पशुपालकों को इस मौसम में डॉ. भारत पटेल की सलाह के अनुसार हरे चारे के साथ-साथ सूखे चारे और दाने का सही संतुलन बनाना चाहिए। दस लीटर से अधिक दूध देने वाले पशुओं को नियमित रूप से तरल कैल्शियम और मिनरल सप्लीमेंट्स देना अनिवार्य है।

## ऐसा क्यों हुआ
सर्दियों के मौसम में दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन घटने के पीछे मुख्य कारण तापमान में गिरावट और उनके शरीर की बढ़ी हुई ऊर्जा की जरूरतें हैं। ठंड के दौरान पशुओं को सामान्य से अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है ताकि वे अपने शरीर का तापमान बनाए रख सकें।

- **ऊर्जा की कमी:** सर्दियों में यदि पर्याप्त पोषक तत्व और दाना न मिले, तो पशुओं का शरीर आंतरिक तापमान बनाए रखने में ऊर्जा खर्च कर देता है, जिससे दूध का उत्पादन कम हो जाता है।
- **चयापचय में बदलाव:** मौसम में अचानक ठंडक बढ़ने से पशुओं के पाचन और चयापचय पर असर पड़ता है, जिससे कई बार वे सुस्त हो जाते हैं और उनकी दूध देने की क्षमता घट जाती है।
- **खनिज असंतुलन:** अधिक दूध देने वाले पशुओं को यदि अतिरिक्त कैल्शियम और मिनरल मिक्सचर न मिले, तो उनके शरीर में तत्वों की कमी हो जाती है जिससे उत्पादन सीधे प्रभावित होता है।

## सवाल-जवाब

### 1. सर्दियों में गाय और भैंस का दूध उत्पादन क्यों कम हो जाता है?
सर्दियों में तापमान घटने के कारण पशुओं को पर्याप्त ऊर्जा और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं, जिससे उनका दूध उत्पादन प्रभावित होता है।

### 2. भैंस को प्रति लीटर दूध पर कितना दाना देना चाहिए?
भैंस से एक लीटर दूध उत्पादन के लिए करीब 500 ग्राम दाना देना चाहिए।

### 3. गाय के लिए प्रति लीटर दूध पर दाने की मात्रा क्या है?
गाय के लिए एक लीटर दूध पर लगभग 400 ग्राम दाना पर्याप्त होता है।

### 4. 10 लीटर से ज्यादा दूध देने वाले पशुओं को क्या देना चाहिए?
ऐसे पशुओं को रोजाना 100 एमएल तरल कैल्शियम और 30 ग्राम मिनरल मिक्सचर आहार में देना चाहिए।

### 5. डॉ. भारत पटेल ने पशुओं के लिए सबसे बेहतर आहार किसे बताया है?
डॉ. भारत पटेल के अनुसार दुधारू पशुओं के लिए हरा और ताजा चारा सबसे बेहतर आहार है।

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