# एसबीआई प्रमुख सीएस शेट्टी ने 11 लाख करोड़ रुपये की सरप्लस नकदी पर दी बड़ी जानकारी

> देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने बैंकिंग सिस्टम में मौजूद सरप्लस नकदी को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस भारी रकम का इस्तेमाल सुनियोजित तरीके से किया जाएगा और इससे किसी भी तरह की असामान्य स्थिति पैदा नहीं होगी।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/sbi-chief-cs-setty-clarifies-plans-for-eleven-lakh-crore-surplus-liquidity-in-banking-system-30948 · **Language:** Hindi
**Tags:** एसबीआई, सीएस शेट्टी, भारतीय रिजर्व बैंक, तरलता, एक्सिस बैंक, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट, बैंकिंग

भारतीय बैंकिंग सेक्टर में इन दिनों लगभग 11 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी चर्चा का विषय बनी हुई है। देश के वित्तीय तंत्र से इस सरप्लस अमाउंट को बाहर निकालने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक लगातार कदम उठा रहा है। इस बीच देश के सबसे बड़े सार्वजनिक ऋणदाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुखिया ने इस सरप्लस फंड को लेकर स्थिति साफ कर दी है। बैंक के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की घबराहट या चिंता की आवश्यकता से इनकार किया है।

सीएस शेट्टी ने फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट बैंक खातों के माध्यम से आने वाली भारी धनराशि को लेकर लोन बाजार में किसी भी तरह की असामान्य हलचल मचने की आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि इस पूरे धन का उपयोग अगले चार महीनों की समयावधि के दौरान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिससे सिस्टम पर एकदम से कोई भारी दबाव नहीं बनेगा। इससे पहले यह अंदेशा जताया जा रहा था कि बैंकिंग प्रणाली में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी आने के बाद बैंकों पर बेहद सस्ते ब्याज दरों पर कर्ज बांटने का भारी दबाव बन जाएगा, लेकिन एसबीआई प्रमुख ने इन तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है।

देश के इस अग्रणी बैंक की कमान संभालने वाले शेट्टी ने आगे बताया कि बैंक के अधिकारी भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष रियायती फॉरेक्स स्वैप सुविधा के तहत प्रवासी भारतीयों के जरिए जुटाई गई 127 अरब डॉलर से अधिक की इस विशाल राशि का प्रबंधन पूरी जिम्मेदारी के साथ करेंगे। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के मंच से अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि इस स्थिति की वजह से लोन बाजार में किसी तरह की अफरातफरी मचेगी और इस परिस्थिति से पार पाने के लिए वित्तीय संस्थान अब पहले से कहीं अधिक जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं।

इसी बीच, इससे ठीक एक दिन पहले इसी बड़े मंच पर निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ चौधरी ने इस सरप्लस पूंजी को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। उन्होंने यह आशंका जताई थी कि एफसीएनआर (बी) योजनाओं के जरिए आने वाला यह धन भविष्य में कुछ असामान्य ऋण हालात पैदा कर सकता है। हालांकि, अब एसबीआई के शीर्ष अधिकारी की तरफ से इन सभी अटकलों और चिंताओं को बेबुनियाद बता दिया गया है। आने वाले दिनों में इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह तो वक्त ही तय करेगा, लेकिन फिलहाल केंद्रीय बैंक वित्तीय तंत्र से अतिरिक्त नकदी सोखने के लिए डॉलर-रुपये की स्वैपिंग नीलामियों का सहारा ले रहा है।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एसबीआई चेयरमैन ने बैंकिंग सेक्टर में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के बैंक पिछले कई सालों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का लगातार उपयोग कर रहे हैं। इस दिशा में एसबीआई की शुरुआती पहलों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि बैंक की तरफ से ऐसी उन्नत तकनीक का प्रयोग सीधे तौर पर ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ कुछ चुनिंदा ऋण उत्पादों के संचालन में भी किया जा रहा है।

एजेंटिक एआई के इस नए दौर के मुहाने पर खड़े होने की बात का जिक्र करते हुए शेट्टी ने एक बेहद दिलचस्प और दूरदर्शी सुझाव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हम अपने ग्राहकों की पहचान सत्यापित करने के लिए 'अपने ग्राहक को जानें' यानी केवाईसी नियमों का पालन करते हैं, आने वाले समय में हमें 'अपने एजेंट को जानें' यानी केवाईए जैसी एक नई व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता पड़ सकती है। उन्होंने रेखांकित किया कि ऐसी सख्त प्रणाली का होना विशेषकर उस भविष्य में बहुत जरूरी हो जाएगा, जब आम उपभोक्ताओं के अपने खुद के स्वायत्त एआई एजेंट बाजार में पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे और वे इंसानों की तरह वित्तीय लेन-देन या फैसले लेने लगेंगे।

## इसका आप पर असर
बैंकिंग सिस्टम में आई इस भारी सरप्लस नकदी और एसबीआई प्रमुख के बयानों का सीधा असर देश के कर्ज बाजार और आम ग्राहकों की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

- **भारत में:** देश भर के बैंक ग्राहकों के लिए कर्ज की ब्याज दरों में अचानक बहुत ज्यादा गिरावट आने की उम्मीद फिलहाल कम है क्योंकि इस नकदी का प्रबंधन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। ऋण लेने वाले आम नागरिकों और कारोबारियों को लोन बाजार में स्थिरता देखने को मिलेगी।
- **बैंकिंग सेक्टर में:** वित्तीय संस्थानों और बैंकों को भारी अतिरिक्त नकदी के प्रबंधन के लिए अधिक सतर्क और जिम्मेदार रणनीतिक कदम उठाने होंगे। इससे केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति और डॉलर स्वैपिंग नीलामियों का असर सीधे तौर पर बैंकों के कामकाज पर दिखेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
बैंकिंग प्रणाली में अचानक से रिकॉर्ड सरप्लस नकदी जमा होने और उस पर विभिन्न वित्तीय दिग्गजों की प्रतिक्रियाओं के पीछे कई बड़े कारण जुड़े हुए हैं।

- **विदेशी मुद्रा अंतरप्रवाह:** प्रवासी भारतीयों से एफसीएनआर (बी) योजनाओं और भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष रियायती मुद्रा अदला-बदली सुविधाओं के जरिए 127 अरब डॉलर से अधिक की भारी धनराशि देश के भीतर आई है।
- **बाजार की चिंताएं:** इतनी बड़ी मात्रा में अचानक धन आने के कारण निजी और सरकारी बैंकों के बीच यह अंदेशा जताया जा रहा था कि संस्थान इस अतिरिक्त पूंजी को खपाने के लिए असामान्य और आक्रामक रूप से सस्ते ऋण बांटने लगेंगे।
- **नीतिगत हस्तक्षेप:** वित्तीय तंत्र से इस अतिरिक्त नकदी के दबाव को संतुलित करने और बाजार को नियंत्रित रखने के लिए केंद्रीय बैंक द्वारा लगातार डॉलर-स्वैपिंग नीलामियों का संचालन किया जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. बैंकिंग सिस्टम में वर्तमान में कितनी सरप्लस नकदी मौजूद है?
भारतीय बैंकिंग सिस्टम में हाल ही में लगभग 11 लाख करोड़ रुपये की सरप्लस नकदी आने की चर्चा है।

### 2. एसबीआई के चेयरमैन कौन हैं?
सीएस शेट्टी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के चेयरमैन हैं।

### 3. सरप्लस नकदी के इस्तेमाल को लेकर एसबीआई प्रमुख ने क्या कहा है?
सीएस शेट्टी ने स्पष्ट किया है कि इस धनराशि का इस्तेमाल अगले चार महीनों की अवधि में किया जाएगा और इससे असामान्य कर्ज की स्थिति पैदा नहीं होगी।

### 4. किस बैंक के सीईओ ने असामान्य कर्ज की संभावना जताई थी?
एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ चौधरी ने सरप्लस पैसों से असामान्य कर्ज की स्थिति पैदा होने की चिंता जताई थी।

### 5. प्रवासी भारतीयों से जुटाई गई धनराशि का आंकड़ा कितना है?
आरबीआई की विशेष रियायती मुद्रा अदला-बदली सुविधा के तहत प्रवासी भारतीयों से 127 अरब डॉलर से अधिक की धनराशि जुटाई गई है।

### 6. एसबीआई प्रमुख ने एआई के संदर्भ में किस नई व्यवस्था का सुझाव दिया है?
सीएस शेट्टी ने ग्राहकों के एआई एजेंटों के आम होने पर 'अपने एजेंट को जानें' यानी केवाईए व्यवस्था बनाने की जरूरत का उल्लेख किया है।

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