SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ 14 जुलाई से, जानें पूरी जानकारी देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ अगले सप्ताह बाजार में दस्तक देने जा रहा है। निवेशक 14 जुलाई से 16 जुलाई के बीच इस इश्यू में अपनी बोली लगा सकेंगे। भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ की धूम मची हुई है और इसी क्रम में अब एक बड़ा नाम जुड़ने जा रहा है। म्यूचुअल फंड क्षेत्र की दिग्गज कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट अपना आईपीओ लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने इसके लिए आवश्यक रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP जमा कर दिया है। सामान्य निवेशकों के लिए यह आईपीओ 14 जुलाई से खुलेगा और इसे सब्सक्राइब करने का मौका 16 जुलाई तक रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तिथि 13 जुलाई तय की गई है। इस इश्यू के जरिए पहली बार आम जनता को SBI फंड्स मैनेजमेंट जैसी बड़ी संस्था में शेयरधारक बनने का अवसर मिल रहा है। ऑफर फॉर सेल पर आधारित है पूरा इश्यू SBI फंड्स मैनेजमेंट द्वारा लाया जा रहा यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस पर आधारित है। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि कंपनी इस प्रक्रिया के जरिए बाजार से कोई नया फंड नहीं जुटाएगी और न ही कोई नए शेयर जारी किए जाएंगे। इस पूरे इश्यू में कंपनी के मौजूदा शेयरधारक ही अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। कुल मिलाकर 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे, जो कि कंपनी की कुल चुकता पूंजी का लगभग 10.0013 फीसदी हिस्सा है। कौन बेच रहा है अपनी हिस्सेदारी? इस ओएफएस में मुख्य रूप से दो बड़े प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI लगभग 12.83 करोड़ शेयर बेच रहा है, जो कंपनी की कुल हिस्सेदारी का करीब 6.3 फीसदी है। इसके अलावा, अमुंडी इंडिया होल्डिंग भी इस बिक्री में शामिल है। वे लगभग 7.53 करोड़ शेयर यानी करीब 3.7 फीसदी हिस्सेदारी बाजार में उतार रहे हैं। चूँकि यह पूरा मामला ओएफएस का है, इसलिए इस आईपीओ से प्राप्त होने वाली पूरी धनराशि इन दोनों प्रमोटरों के खाते में जाएगी। निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र क्यों? SBI म्यूचुअल फंड वर्तमान में भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है। लाखों निवेशकों का भरोसा इस कंपनी की विभिन्न म्यूचुअल फंड स्कीम्स पर बना हुआ है। अब तक निवेशक केवल इन स्कीम्स के माध्यम से निवेश करते थे, लेकिन अब उन्हें इस बिजनेस का हिस्सा बनने का भी मौका मिल रहा है। यह एक दुर्लभ अवसर है जहाँ निवेशक उस एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मालिक बन सकते हैं जो पूरे म्यूचुअल फंड कारोबार का प्रबंधन करती है। बाजार की नजरें और भविष्य की संभावनाएं SBI के लिए यह अपनी हिस्सेदारी को नकद में बदलने का एक बेहतरीन अवसर है, जबकि फ्रांस की कंपनी अमुंडी के लिए यह अपने निवेश से आंशिक एग्जिट लेने का माध्यम है। अभी कंपनी ने केवल आईपीओ की तारीखों का ही खुलासा किया है। निवेशकों को अब इस बात का बेसब्री से इंतजार है कि कंपनी का प्राइस बैंड क्या होगा, इश्यू का कुल साइज कितना होगा और इसका वैल्यूएशन किस आधार पर तय किया जाएगा। बाजार के जानकार अब इसे अन्य सूचीबद्ध एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के साथ तुलना करके देख रहे हैं। यदि इसका वैल्यूएशन आकर्षक होता है, तो यह वित्तीय सेवा क्षेत्र में रुचि रखने वाले निवेशकों के लिए एक बड़ा दांव साबित हो सकता है। इसका आप पर असर भारत में: यह आईपीओ वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में निवेश करने के इच्छुक लोगों के लिए एक नया अवसर खोलता है। निवेशकों के लिए: जो लोग म्यूचुअल फंड व्यवसाय में हिस्सेदारी चाहते हैं, उन्हें इस इश्यू के दौरान प्राइस बैंड और वैल्यूएशन का विश्लेषण करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ कब खुलेगा? यह आईपीओ निवेशकों के लिए 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुला रहेगा। 2. क्या इस आईपीओ में नए शेयर जारी किए जा रहे हैं? नहीं, यह पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है, इसलिए कोई नए शेयर जारी नहीं होंगे। 3. एंकर निवेशकों के लिए बोली की तिथि क्या है? एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने का दिन 13 जुलाई निर्धारित किया गया है। 4. इस आईपीओ से कंपनी को कितनी पूंजी मिलेगी? चूँकि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली रकम प्रमोटरों को जाएगी और कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी। https://trendkia.com/business/sbi-phndsa-mainejamenta-ka-aipio-14-julai-se-janen-puri-janakari-5889 TrendKia — Har trend, sabse pehle.