सेमीकॉन इंडिया में नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान, देश 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन में भारत की तकनीकी प्रगति और बढ़ते वैश्विक भरोसे को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नेंद्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया के दौरान तकनीक और विनिर्माण के क्षेत्र में देश की छलांग का जिक्र करते हुए कहा कि भारत पर दुनिया भर का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक युग की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत अब सिर्फ पारंपरिक तरीकों पर नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों पर तेजी से काम कर रहा है। विश्वकर्मा जयंती और आधुनिक तकनीक का मेल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विश्वकर्मा जयंती और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के इस बड़े आयोजन के विशेष संयोग को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि निर्माण और सृजन की हमारी प्राचीन भारतीय परंपरा को जब आधुनिक तकनीक और भविष्य के विजन के साथ जोड़ा जाता है, तो यह नए भारत की सही तस्वीर और उसकी दिशा को साफ तौर पर दर्शाता है। रिफॉर्म एक्सप्रेस पर दौड़ रहा देश देश की आर्थिक और औद्योगिक गति पर बात करते हुए नेंद्र मोदी ने साफ किया कि भारत आज रुकने वाला नहीं है बल्कि यह 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। सरकार की नीतियों और फैसलों ने देश को ग्लोबल टेक लीडर बनने की राह पर ला खड़ा किया है, जहां सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टरों में अभूतपूर्व निवेश आ रहा है। वैश्विक स्तर पर बढ़ रही सेमीकंडक्टर ताकत भारत में चिप निर्माण के क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के दौरान भारी निवेश दर्ज किया गया है। देश को सिलिकॉन से लेकर सुपरपावर तक की यात्रा तय करने में सेमीकंडक्टर मिशन एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों का रुख यह बताता है कि भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक बेहद अहम और भरोसेमंद हिस्सा बन चुका है। इसका आप पर असर सेमीकंडक्टर और हाई-टेक विनिर्माण क्षेत्रों में हो रहे इन बड़े बदलावों और निवेशों का सीधा असर देश के औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों पर पड़ेगा। • रोजगार के अवसर: सेमीकंडक्टर प्लांट्स और टेक सेक्टर के विस्तार से देश के युवाओं के लिए इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्रों में नौकरियों के नए द्वार खुलेंगे। • आर्थिक वृद्धि: देश में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आने से घरेलू विनिर्माण मजबूत होगा और आयात पर निर्भरता घटेगी। • औद्योगिक विकास: भारत ग्लोबल सप्लाई चेन का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे एमएसएमई और सहायक उद्योगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ भारत सरकार द्वारा सेमीकंडक्टर मिशन और विनिर्माण नीतियों को प्राथमिकता दिए जाने के पीछे वैश्विक स्तर पर तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने की बड़ी रणनीति है। • आपूर्ति श्रृंखला का संकट: वैश्विक स्तर पर चिप सप्लाई में बार-बार आने वाली रुकावटों ने भारत को घरेलू स्तर पर चिप निर्माण क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। • सरकारी प्रोत्साहन: सरकार द्वारा घोषित भारी प्रोत्साहन पैकेजों और पीएलआई योजनाओं की वजह से दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां भारत में निवेश करने के लिए आकर्षित हो रही हैं। • वैश्विक मांग: ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और एआई उपकरणों में सेमीकंडक्टर की बढ़ती मांग ने इस सेक्टर को देश की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है। सवाल-जवाब 1. सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन का उद्घाटन किसने किया? इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में किया। 2. प्रधानमंत्री मोदी ने देश की गति की तुलना किससे की? प्रधानमंत्री ने देश की तेज रफ्तार विकास यात्रा की तुलना 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' से की। 3. प्रधानमंत्री ने किस विशेष संयोग का जिक्र किया? उन्होंने विश्वकर्मा जयंती और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के आयोजन के विशेष संयोग का जिक्र किया। 4. भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में क्या लक्ष्य लेकर चल रहा है? भारत सिलिकॉन से लेकर सुपरपावर तक की यात्रा तय करते हुए वैश्विक टेक लीडर बनने की ओर अग्रसर है। https://trendkia.com/business/semicon-india-me-narendra-modi-ka-bada-bayan-desh-reform-express-par-sawar-32892 TrendKia — Har trend, sabse pehle.