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  "type": "article",
  "title": "सीनेट के नए क्रिप्टोकरेंसी बिल में डोनाल्ड ट्रंप के डिजिटल बिजनेस पर रोक, मगर केवल 2029 तक",
  "summary": "अमेरिकी सीनेट में पेश किए गए नए डिजिटल एसेट बिल के ड्राफ्ट में राष्ट्रपति को इस सेक्टर से व्यापार करने से रोकने का अस्थायी प्रावधान शामिल किया गया है। हालांकि, यह रोक मौजूदा कार्यकाल के अंत में स्वतः खत्म हो जाएगी और इसमें उनके बेटों को पूरी तरह से छूट दी गई है।",
  "content": "क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री को पूरी तरह से रेगुलेट करने के उद्देश्य से लाए जा रहे बहुप्रतीक्षित क्लैरिटी एक्ट का नवीनतम और संभवतः अंतिम मसौदा इस समय अमेरिकी सीनेट में गहन चर्चा का विषय बना हुआ है। इस नए विस्तृत ड्राफ्ट में वह विवादास्पद नैतिकता (एथिक्स) प्रावधान भी शामिल कर लिया गया है, जिसकी मांग डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता काफी लंबे समय से कर रहे थे। इसके तहत देश के राष्ट्रपति और उनके परिवार को क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े किसी भी व्यापारिक कार्यों में हिस्सा लेने से रोका गया है। हालांकि, इन पाबंदियों के साथ एक निश्चित समय सीमा भी तय कर दी गई है और सबसे खास बात यह है कि ये सख्त नियम डोनाल्ड ट्रंप के बेटों पर बिल्कुल भी लागू नहीं होंगे।\n\nएथिक्स प्रावधान के दायरे में कौन आएगा?\nसीनेट में पेश किए गए 616 पन्नों के इस बेहद विस्तृत ड्राफ्ट के अनुसार, सार्वजनिक पद पर बैठे किसी भी अधिकारी के लिए काफी सख्त नियम तय किए गए हैं। इन नियमों के तहत कोई भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और उनके जीवनसाथी अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी प्रकार के डिजिटल एसेट को जारी या प्रायोजित नहीं कर सकेंगे। हालांकि, इस भारी पाबंदी के बावजूद अधिकारियों को निजी तौर पर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की पूरी छूट दी गई है। इस विधायी मसौदे की एक और अहम बात यह है कि यह प्रतिबंध सार्वजनिक अधिकारियों के बच्चों पर लागू नहीं होता है, जो इसे लेकर कई सवाल भी खड़े कर रहा है।\n\nइन सभी नियमों को सख्ती से लागू करने और किसी भी प्रकार का उल्लंघन होने पर कार्रवाई करने की पूरी जिम्मेदारी केवल न्याय विभाग के पास होगी। इस नैतिकता खंड का सबसे दिलचस्प हिस्सा इसकी 'सनसेट क्लॉज' (निश्चित समय के बाद कानून का स्वतः समाप्त होना) है। ड्राफ्ट की भाषा में साफ तौर पर लिखा गया है कि 20 जनवरी, 2029 की दोपहर के बाद इन पाबंदियों का कोई बल और प्रभाव नहीं रहेगा। यह तय तारीख मौजूदा राष्ट्रपति के कार्यकाल के अंत के साथ बिल्कुल सटीक रूप से मेल खाती है, जिसका सीधा मतलब है कि ये पाबंदियां केवल अस्थायी रूप से ही लगाई जा रही हैं।\n\nक्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मान्यता देने की राह\nइस व्यापक मार्केट-स्ट्रक्चर बिल को सफलतापूर्वक पास कराने की दिशा में इस नैतिकता विवाद को ही आखिरी बड़ी बाधा के रूप में देखा जा रहा था। अगर यह महत्वपूर्ण बिल सीनेट से पास होकर कानून का अंतिम रूप ले लेता है, तो यह पूरे अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी अधिकांश व्यावसायिक गतिविधियों को औपचारिक रूप से कानूनी मान्यता दे देगा। डिजिटल चैंबर के सीईओ कोडी कार्बोन ने इस नए कदम का जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने अपने एक आधिकारिक बयान में कहा, \"आज का ड्राफ्ट क्लैरिटी एक्ट पर सीनेट में वोटिंग की दिशा में एक बहुत ही सार्थक कदम है, जिसकी हम लंबे समय से मांग कर रहे थे।\" उन्होंने यह भी बताया कि उनका संगठन इस मसौदे की सावधानीपूर्वक समीक्षा करेगा और इसे और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव देगा।\n\nहितों के टकराव और वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल पर विवाद\nहितों के टकराव को लेकर कड़े नियम बनाने की यह पूरी राजनीतिक बहस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े हालिया वित्तीय खुलासों के बाद और भी ज्यादा तेज हो गई है। उनके मीम कॉइन प्रोजेक्ट्स और उनके परिवार की कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल को लेकर मीडिया और विपक्ष लगातार सवाल उठा रहे हैं। पिछले ही महीने जारी किए गए कुछ वित्तीय दस्तावेजों से यह स्पष्ट रूप से पता चला था कि ट्रंप ने पिछले साल क्रिप्टो बिजनेस से लगभग 1.2 बिलियन डॉलर (1.2 अरब डॉलर) से अधिक की शानदार कमाई की है। इसी आधार पर डेमोक्रेटिक नेताओं ने इस भारी-भरकम कमाई को सीधे तौर पर हितों के टकराव का सबसे पुख्ता सबूत माना है।\n\nइन गहरे वित्तीय संबंधों को देखते हुए ही सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने इन नियमों को और अधिक सख्त बनाने की जोरदार वकालत की है। उन्होंने स्पष्ट मांग की थी कि वर्तमान राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, शीर्ष सरकारी अधिकारियों, कांग्रेस के सभी सदस्यों और उनके परिवारों को इस डिजिटल सेक्टर से किसी भी प्रकार का मुनाफा कमाने से पूरी तरह रोका जाए। लेकिन अब इस नए ड्राफ्ट में जिस तरह से केवल न्याय विभाग को जांच का सीमित अधिकार दिया गया है और इन पाबंदियों को महज अस्थायी रखा गया है, उससे डेमोक्रेटिक सांसदों का भड़कना और विरोध करना लगभग तय माना जा रहा है।\n\nइस पूरे विवाद का एक और बड़ा कारण वर्तमान राष्ट्रपति के परिवार के सदस्यों को दी गई भारी छूट है। चूंकि ये सख्त नियम डॉन जूनियर और एरिक ट्रंप पर बिल्कुल लागू नहीं होते हैं, जो वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के कारोबार में सक्रिय रूप से शामिल हैं, इसलिए यह नया बिल उस मकसद को पूरी तरह से हल नहीं करता जिसकी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता उम्मीद कर रहे थे। इसके अलावा, इस बिल को सीनेट से सफलतापूर्वक पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की सख्त जरूरत होगी। इसका सीधा मतलब यह है कि इसे रिपब्लिकन समर्थन के अलावा कम से कम 10 डेमोक्रेटिक सांसदों का समर्थन भी चाहिए, जबकि उनमें से कई नेता पहले ही इसके खिलाफ अपनी गहरी असहमति खुलकर जता चुके हैं।\n\nसॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए कानूनी सुरक्षा कवच\nनैतिकता की इस तीखी बहस से अलग, इस नवीनतम ड्राफ्ट में ब्लॉकचेन रेगुलेटरी सर्टेनिटी एक्ट को भी पूरी तरह से बरकरार रखा गया है। यह खास प्रावधान नॉन-कस्टोडियल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए एक मजबूत कानूनी सुरक्षा कवच (सेफ हार्बर) बनाता है। यह ड्राफ्ट स्पष्ट करता है कि ऐसे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स मनी ट्रांसमीटर की श्रेणी में नहीं आते हैं, जिससे वे आसानी से उन भारी-भरकम अनुपालन नियमों और खर्चों से बच जाते हैं जो आमतौर पर पारंपरिक वित्तीय संस्थानों पर लागू होते हैं। क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री इस विशेष उपाय को अपनी सबसे अहम मांग मानती है। उनका सीधा तर्क है कि यह उन्हें कानूनी स्पष्टता प्रदान करता है और आगे के तकनीकी विकास को अमेरिका की सीमाओं के भीतर ही बनाए रखने में काफी मदद करेगा।\n\nडेवलपर्स को इस तरह की कानूनी सुरक्षा देने का यह प्रावधान ट्रंप प्रशासन के उस कठिन दौर के बाद लाया गया है, जब न्याय विभाग ने प्राइवेसी टूल्स बनाने वाले कई क्रिप्टो डेवलपर्स के खिलाफ बहुत कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सीधे जेल भेज दिया था। हालांकि, इस नए प्रावधान का भी अब कई गुटों द्वारा कड़ा विरोध हो रहा है। विभिन्न कानून प्रवर्तन समूहों और 82 कैथोलिक नेताओं के एक बड़े गठबंधन ने खुली चेतावनी दी है कि डेवलपर्स को इस तरह की भारी छूट देने से मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और बाल शोषण जैसे गंभीर अपराधों को रोकने वाले सुरक्षा उपाय काफी हद तक कमजोर हो सकते हैं।\n\nस्टेबलकॉइन यील्ड और समय की कमी\nपारंपरिक बैंकिंग इंडस्ट्री की भारी नाराजगी का कारण बना स्टेबलकॉइन यील्ड का महत्वपूर्ण मुद्दा अभी भी एक बहुत बड़ा विवाद का विषय बना हुआ है और इसे इस बिल के पिछले संस्करण से ज्यों का त्यों ही रखा गया है। यह नया ड्राफ्ट आइडल यील्ड पर बहुत सख्त सीमाएं लगाता है। इसका सीधा और सरल मतलब यह है कि स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कोई भी कंपनियां या कॉइनबेस जैसी डिजिटल सेवाएं अब अपने प्लेटफॉर्म पर केवल स्टेबलकॉइन बैलेंस रखने के आधार पर अपने ग्राहकों को कोई वित्तीय इनाम नहीं दे सकेंगी।\n\nइस बिल को पास कराने के लिए सांसदों के पास अब समय बहुत तेजी से खत्म हो रहा है। सीनेट के मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून आने वाले कुछ ही दिनों में इस बहुचर्चित बिल को सीनेट के पटल पर विस्तृत चर्चा के लिए लाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं। अगस्त के महीने में सीनेट की लंबी छुट्टियां शुरू होने वाली हैं, ऐसे में अगस्त के पहले सप्ताह को ही इस बिल को आगे बढ़ाने के लिए आखिरी यथार्थवादी मौके के तौर पर देखा जा रहा है। एक बार यह समय सीमा पार हो जाने के बाद, सभी सांसदों का पूरा ध्यान नवंबर में होने वाले महत्वपूर्ण मिडटर्म चुनावों पर शिफ्ट हो जाएगा, जिससे इस अहम बिल के अनिश्चित काल तक लटकने का खतरा बहुत अधिक बढ़ सकता है।\n\nइसका आप पर असर\n• अमेरिका में: यदि यह कानून पारित हो जाता है, तो यह पूरे डिजिटल एसेट बाजार के लिए एक बहुप्रतीक्षित औपचारिक कानूनी ढांचा तैयार करेगा, जिससे इसके उपयोग में वृद्धि हो सकती है।\n• क्रिप्टो निवेशकों के लिए: यह बिल स्टेबलकॉइन पर मिलने वाले मुनाफे को सीमित करता है, जिसका मतलब है कि कॉइनबेस जैसे एक्सचेंजों पर फंड रखने वाले आम उपयोगकर्ताओं को अपने मुनाफे के तरीके में बदलाव देखने को मिल सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. क्लैरिटी एक्ट क्या है?\nक्लैरिटी एक्ट अमेरिकी सीनेट में पेश किया गया एक व्यापक बाजार-संरचना बिल है, जिसे पूरे अमेरिका में अधिकांश क्रिप्टोकरेंसी गतिविधियों को औपचारिक रूप से कानूनी बनाने और रेगुलेट करने के लिए लाया गया है।\n\n2. क्या यह बिल राष्ट्रपति को क्रिप्टो व्यापार से स्थायी रूप से रोकता है?\nनहीं, नैतिकता प्रावधान में एक 'सनसेट क्लॉज' शामिल है जिसके कारण ये प्रतिबंध मौजूदा राष्ट्रपति कार्यकाल के अंत में 20 जनवरी, 2029 की दोपहर को स्वतः समाप्त हो जाएंगे।\n\n3. क्या डोनाल्ड ट्रंप के बच्चों पर इन नए नियमों का कोई असर पड़ेगा?\nप्रस्तावित प्रतिबंध सार्वजनिक अधिकारियों के बच्चों पर लागू नहीं होते हैं, जिसका अर्थ है कि डॉन जूनियर और एरिक ट्रंप वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल जैसे व्यापार में शामिल रहना जारी रख सकते हैं।\n\n4. यह बिल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को कैसे प्रभावित करता है?\nइसमें ब्लॉकचेन रेगुलेटरी सर्टेनिटी एक्ट शामिल है, जो एक कानूनी सुरक्षित पनाह (सेफ हार्बर) बनाता है। यह नॉन-कस्टोडियल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को मनी ट्रांसमीटर के रूप में वर्गीकृत और रेगुलेट होने से बचाता है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-07-22",
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