{
  "type": "article",
  "title": "भारतीय स्टेट बैंक की 4 साल की मियादी जमा योजना में आम जमाकर्ताओं और बुजुर्गों को मिलने वाला रिटर्न",
  "summary": "भारतीय स्टेट बैंक 4 वर्ष की फिक्स्ड डिपॉजिट पर आम खाताधारकों को 6.30 प्रतिशत, वरिष्ठ नागरिकों को 6.80 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन को 6.90 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर प्रदान कर रहा है। जमाकर्ता इसमें 3 करोड़ रुपये से कम तक की सुरक्षित पूंजी लगा सकते हैं।",
  "content": "सुरक्षित निवेश माध्यमों की तलाश करने वाले और इक्विटी बाजार के उतार-चढ़ाव से दूरी बनाए रखने वाले बचतकर्ताओं के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पारंपरिक रूप से भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक अपने ग्राहकों को कई अलग-अलग अवधियों के लिए जमा योजनाएं उपलब्ध कराता है। जो खाताधारक मध्यम अवधि के लक्ष्य बनाकर निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए 4 साल की मियादी जमा योजना एक प्रमुख साधन के रूप में उपलब्ध है, जिस पर बैंक आयु वर्ग के अनुसार अलग-अलग रिटर्न की पेशकश कर रहा है।\n\nमियादी जमा योजनाओं के तहत तय की गई ब्याज दरें\nभारतीय स्टेट बैंक में ग्राहकों को न्यूनतम 7 दिनों से लेकर अधिकतम 10 साल तक की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट खोलने की सुविधा मिलती है। बैंक की ओर से तय की जाने वाली ब्याज दरों का सीधा आधार जमा की जाने वाली समय सीमा और जमाकर्ता की उम्र होती है। 4 साल की निर्धारित अवधि के लिए यदि कोई सामान्य नागरिक अपनी बचत जमा करता है, तो बैंक की तरफ से 6.30 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज दिया जाता है।\n\nवरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैंक आयु सीमा के आधार पर अतिरिक्त ब्याज का प्रावधान करता है। 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के जमाकर्ताओं को इसी 4 वर्ष की मियादी जमा पर 6.80 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है। वहीं 80 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु वाले अति वरिष्ठ यानी सुपर सीनियर सिटीजन वर्ग के खाताधारकों को 6.90 प्रतिशत की वार्षिक दर से ब्याज दिया जा रहा है।\n\nवरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले अतिरिक्त लाभ\nबुजुर्ग नागरिकों को अपनी संचित पूंजी पर बेहतर आय प्राप्त करने का अवसर देने के मकसद से बैंक ने अतिरिक्त ब्याज संरचना लागू की हुई है। सामान्य श्रेणी के खाताधारकों की तुलना में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को 0.50 प्रतिशत अधिक ब्याज मिलता है। इस व्यवस्था के चलते 4 वर्ष के विकल्प में उनकी दर 6.30 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 6.80 प्रतिशत हो जाती है।\n\nइसके अलावा बैंक 80 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले सुपर सीनियर सिटीजन को सामान्य वरिष्ठ नागरिकों के मुकाबले 0.10 प्रतिशत की और अधिक अतिरिक्त छूट देता है। इसका मतलब है कि सामान्य जमाकर्ताओं की तुलना में अति वरिष्ठ नागरिकों को कुल 0.60 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभ मिलता है, जिससे उनकी प्रभावी ब्याज दर 6.90 प्रतिशत सालाना तक पहुंच जाती है।\n\nनिवेश की अधिकतम सीमा और पूंजी से जुड़े नियम\nभारतीय स्टेट बैंक की इस 4 वर्षीय मियादी जमा योजना में पूंजी लगाने के लिए एक निश्चित वित्तीय सीमा तय की गई है। इस योजना के अंतर्गत एक ग्राहक अधिकतम 2,99,99,999 रुपये तक की राशि जमा कर सकता है। व्यावहारिक रूप से यह सीमा 3 करोड़ रुपये से ठीक एक रुपये कम की पूंजी को स्वीकार करती है, जिससे मध्यम एवं उच्च बचत वाले दोनों प्रकार के निवेशक अपने बड़े फंड को सुरक्षित रख सकते हैं।\n\nब्याज दरों में संशोधन का पिछला इतिहास और कर नियम\nभारतीय स्टेट बैंक ने अपनी सावधि जमा ब्याज दरों में पिछला बदलाव दिसंबर 2025 में दर्ज किया था। उस संशोधन के बाद से बैंक की सामान्य मियादी जमा दरों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया गया है। जमाकर्ताओं के लिए यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि मियादी जमा पर अर्जित होने वाला कुल ब्याज आयकर के लागू नियमों और दायरों के अधीन आ सकता है। इसलिए अंतिम वित्तीय आवंटन से पहले जमाकर्ताओं को बैंक के नजदीकी कार्यालय अथवा अधिकृत डिजिटल माध्यमों से नियमों और कर दायित्वों की मौजूदा स्थिति स्पष्ट कर लेनी चाहिए।\n\nइसका आप पर असर\nभारतीय स्टेट बैंक में 4 साल की मियादी जमा कराने वाले खाताधारकों को अपनी आयु वर्ग के अनुसार 6.30 प्रतिशत से लेकर 6.90 प्रतिशत तक का निश्चित सालाना ब्याज प्राप्त होगा।\n\n• आम खाताधारकों के लिए: सामान्य निवेशकों को अपनी बचत पर 6.30 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न मिलेगा। इससे बिना किसी बाजार जोखिम के 4 वर्षों के लिए एक निश्चित आय सुनिश्चित की जा सकती है।\n• वरिष्ठ नागरिकों के लिए: 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को 6.80 प्रतिशत सालाना ब्याज हासिल होगा। यह सामान्य दर से 0.50 प्रतिशत अधिक है और सेवानिवृत्ति पूंजी पर सुरक्षित रिटर्न देता है।\n• अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए: 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के जमाकर्ताओं को 6.90 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। इस वर्ग को सामान्य ग्राहकों से 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मिलता है।\n• पूंजी सीमा के संदर्भ में: जमाकर्ता इस योजना के तहत 2,99,99,999 रुपये तक की राशि सुरक्षित जमा कर सकते हैं। यह 3 करोड़ रुपये से कम की बचत रखने वाले व्यक्तिगत निवेशकों के लिए उपलब्ध है।\n• कर देयता के मामले में: इस मियादी जमा पर मिलने वाला कुल ब्याज आयकर नियमों के दायरे में आ सकता है। निवेशकों को अपने कुल कर स्लैब के अनुसार वास्तविक शुद्ध रिटर्न की गणना कर लेनी चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nभारतीय स्टेट बैंक विभिन्न जमा अवधियों और आयु वर्गों के अनुसार मियादी जमा ब्याज दरें निर्धारित करता है, जिसमें आखिरी बड़ा संशोधन दिसंबर 2025 में किया गया था।\n\n• अवधि और उम्र आधारित संरचना: बैंक 7 दिनों से 10 साल तक की अवधि में अलग-अलग ब्याज दरें तय करता है। 4 साल की अवधि के लिए 6.30 प्रतिशत की दर सामान्य बचतकर्ताओं के लिए निर्धारित की गई है।\n• बुजुर्गों को सामाजिक और वित्तीय राहत: बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर से 0.50 प्रतिशत और अति वरिष्ठ नागरिकों को 0.60 प्रतिशत अधिक ब्याज देता है। यह अतिरिक्त दर सेवानिवृत्त नागरिकों की नियमित आय सहायता को ध्यान में रखकर तय की जाती है।\n• दिसंबर 2025 का नीतिगत बदलाव: बैंक ने अपनी ब्याज दरों में आखिरी बार दिसंबर 2025 में संशोधन किया था। उसके बाद से इन दरों को बिना किसी बड़े बदलाव के यथावत बनाए रखा गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. भारतीय स्टेट बैंक में 4 साल की मियादी जमा पर आम नागरिकों को कितना ब्याज मिल रहा है?\nसामान्य नागरिकों को भारतीय स्टेट बैंक की 4 साल की मियादी जमा पर 6.30 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है।\n\n2. वरिष्ठ नागरिकों को 4 साल की एफडी पर कितना रिटर्न दिया जा रहा है?\n60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को इस अवधि के लिए 6.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा है, जो सामान्य दर से 0.50 प्रतिशत अधिक है।\n\n3. 80 वर्ष से अधिक उम्र के अति वरिष्ठ नागरिकों को क्या दर मिलती है?\nसुपर सीनियर सिटीजन को 4 साल की जमा पर 6.90 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है, जिसमें 0.60 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभ शामिल है।\n\n4. इस 4 साल की जमा योजना में अधिकतम कितना रुपया जमा किया जा सकता है?\nग्राहक इस योजना के तहत अधिकतम 2,99,99,999 रुपये यानी करीब 3 करोड़ रुपये से कम की राशि जमा कर सकते हैं।\n\n5. भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी मियादी जमा दरों में आखिरी बार कब बदलाव किया था?\nबैंक ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरों में आखिरी बार दिसंबर 2025 में संशोधन किया था।\n\n6. क्या भारतीय स्टेट बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट से होने वाली कमाई पर टैक्स लगता है?\nहां, मियादी जमा पर मिलने वाला ब्याज आयकर नियमों और कर दायरे के अधीन आ सकता है।",
  "url": "https://trendkia.com/business/state-bank-of-india-ki-4-sala-ki-miyadi-jama-yojana-men-ama-jamakartaon-aura-bujurgon-ko-milane-vala-ritarna-56253",
  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-11-04",
  "tags": [
    "भारतीय स्टेट बैंक",
    "फिक्स्ड डिपॉजिट",
    "ब्याज दरें",
    "वरिष्ठ नागरिक",
    "मियादी जमा",
    "पर्सनल फाइनेंस"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia",
  "whatItMeansForYou": "भारतीय स्टेट बैंक में 4 साल की मियादी जमा कराने वाले खाताधारकों को अपनी आयु वर्ग के अनुसार 6.30 प्रतिशत से लेकर 6.90 प्रतिशत तक का निश्चित सालाना ब्याज प्राप्त होगा।\n\n• आम खाताधारकों के लिए: सामान्य निवेशकों को अपनी बचत पर 6.30 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न मिलेगा। इससे बिना किसी बाजार जोखिम के 4 वर्षों के लिए एक निश्चित आय सुनिश्चित की जा सकती है।\n• वरिष्ठ नागरिकों के लिए: 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को 6.80 प्रतिशत सालाना ब्याज हासिल होगा। यह सामान्य दर से 0.50 प्रतिशत अधिक है और सेवानिवृत्ति पूंजी पर सुरक्षित रिटर्न देता है।\n• अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए: 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के जमाकर्ताओं को 6.90 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। इस वर्ग को सामान्य ग्राहकों से 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मिलता है।\n• पूंजी सीमा के संदर्भ में: जमाकर्ता इस योजना के तहत 2,99,99,999 रुपये तक की राशि सुरक्षित जमा कर सकते हैं। यह 3 करोड़ रुपये से कम की बचत रखने वाले व्यक्तिगत निवेशकों के लिए उपलब्ध है।\n• कर देयता के मामले में: इस मियादी जमा पर मिलने वाला कुल ब्याज आयकर नियमों के दायरे में आ सकता है। निवेशकों को अपने कुल कर स्लैब के अनुसार वास्तविक शुद्ध रिटर्न की गणना कर लेनी चाहिए।",
  "whyItHappened": "भारतीय स्टेट बैंक विभिन्न जमा अवधियों और आयु वर्गों के अनुसार मियादी जमा ब्याज दरें निर्धारित करता है, जिसमें आखिरी बड़ा संशोधन दिसंबर 2025 में किया गया था।\n\n• अवधि और उम्र आधारित संरचना: बैंक 7 दिनों से 10 साल तक की अवधि में अलग-अलग ब्याज दरें तय करता है। 4 साल की अवधि के लिए 6.30 प्रतिशत की दर सामान्य बचतकर्ताओं के लिए निर्धारित की गई है।\n• बुजुर्गों को सामाजिक और वित्तीय राहत: बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर से 0.50 प्रतिशत और अति वरिष्ठ नागरिकों को 0.60 प्रतिशत अधिक ब्याज देता है। यह अतिरिक्त दर सेवानिवृत्त नागरिकों की नियमित आय सहायता को ध्यान में रखकर तय की जाती है।\n• दिसंबर 2025 का नीतिगत बदलाव: बैंक ने अपनी ब्याज दरों में आखिरी बार दिसंबर 2025 में संशोधन किया था। उसके बाद से इन दरों को बिना किसी बड़े बदलाव के यथावत बनाए रखा गया है।",
  "questionsAndAnswers": [
    {
      "question": "भारतीय स्टेट बैंक में 4 साल की मियादी जमा पर आम नागरिकों को कितना ब्याज मिल रहा है?",
      "answer": "सामान्य नागरिकों को भारतीय स्टेट बैंक की 4 साल की मियादी जमा पर 6.30 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है।"
    },
    {
      "question": "वरिष्ठ नागरिकों को 4 साल की एफडी पर कितना रिटर्न दिया जा रहा है?",
      "answer": "60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को इस अवधि के लिए 6.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा है, जो सामान्य दर से 0.50 प्रतिशत अधिक है।"
    },
    {
      "question": "80 वर्ष से अधिक उम्र के अति वरिष्ठ नागरिकों को क्या दर मिलती है?",
      "answer": "सुपर सीनियर सिटीजन को 4 साल की जमा पर 6.90 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है, जिसमें 0.60 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभ शामिल है।"
    },
    {
      "question": "इस 4 साल की जमा योजना में अधिकतम कितना रुपया जमा किया जा सकता है?",
      "answer": "ग्राहक इस योजना के तहत अधिकतम 2,99,99,999 रुपये यानी करीब 3 करोड़ रुपये से कम की राशि जमा कर सकते हैं।"
    },
    {
      "question": "भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी मियादी जमा दरों में आखिरी बार कब बदलाव किया था?",
      "answer": "बैंक ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरों में आखिरी बार दिसंबर 2025 में संशोधन किया था।"
    },
    {
      "question": "क्या भारतीय स्टेट बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट से होने वाली कमाई पर टैक्स लगता है?",
      "answer": "हां, मियादी जमा पर मिलने वाला ब्याज आयकर नियमों और कर दायरे के अधीन आ सकता है।"
    }
  ]
}