तैयब मेहता की पेंटिंग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 69.1 करोड़ रुपये में नीलाम हुई रिक्शा पुलर मॉडर्न इंडियन आर्ट के दिग्गज तैयब मेहता की आइकॉनिक पेंटिंग रिक्शा पुलर ने नीलामी में 69.1 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूकर इतिहास रच दिया है. कला की दुनिया में इन दिनों भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और आधुनिक भारतीय चित्रकला के एक जाने-माने नाम की कृति ने नया इतिहास रच दिया है। चित्रकार तैयब मेहता द्वारा बनाई गई मशहूर पेंटिंग ‘रिक्शा पुलर’ ने नीलामी के दौरान सभी पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। साल 2002 में कैनवस पर ऐक्रेलिक रंगों का इस्तेमाल कर तैयार की गई इस कृति ने नए ऑक्शन प्लेटफॉर्म ‘वोल्टे उना’ के पहले ही आयोजन में ऐसा करिश्मा दिखाया कि इसकी कीमत सीधे 69.1 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। एक सामान्य रिक्शा चालक की दैनिक पीड़ा और उसके संघर्ष को अपने चित्रों में उतारने वाले कलाकार की इस कृति ने उनके पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह सफलता केवल एक पेंटिंग के बिकने तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में भारतीय कृतियों की बढ़ती ताकत और साख का बड़ा उदाहरण पेश करती है। रिक्शा चालकों के संघर्ष पर केंद्रित रही कला अपने जीवन के अंतिम पड़ाव के दौरान इस चित्रकार ने जिन विषयों को अपने कैनवस पर प्रमुखता से जगह दी, उनमें रिक्शा चलाने वाले लोग सबसे खास रहे। इस कलाकृति में उन्होंने एक आम मेहनतकश की थकान, उसकी मुश्किलों और जीवन के संघर्ष को जिस बेबाक शैली में उकेरा है, वह देखने वालों को गहराई से प्रभावित करता है। यही मुख्य कारण था कि दुनिया भर के बड़े और प्रतिष्ठित कला संग्रहकर्ता इस बेजोड़ कृति को अपने नाम करने के लिए उत्सुक नजर आए और इसके लिए भारी बोलियां लगाई गईं। बिक्री के नए आंकड़े और आगामी नीलामियां इस ऐतिहासिक सफलता पर बात करते हुए ‘वोल्टे उना’ के संस्थापक तुषार जीवराजका ने वैश्विक खरीदारों के सामने इस उत्कृष्ट कृति को प्रस्तुत करने पर खुशी जाहिर की है। आपको बता दें कि इस बड़ी बिक्री ने इस कलाकार के पुराने सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। इससे पहले अप्रैल 2025 में उनकी चर्चित पेंटिंग ‘ट्रस्ड बुल’ (Trussed Bull) 61.80 करोड़ रुपये में बिकी थी, लेकिन ताजा बिक्री ने उस आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है। कला बाजार का यह उत्साह यहीं नहीं थमने वाला है, क्योंकि नवंबर के आखिर में आयोजित होने वाली अगली नीलामी में प्रसिद्ध हर्वित्ज़ कलेक्शन से मकबूल फिदा हुसैन की एक बेहतरीन कृति भी बिक्री के लिए लाई जाएगी। इसका आप पर असर यह बड़ी नीलामी भारतीय कला बाजार और निवेश के नजरिए से बहुत अहम बदलाव लेकर आई है। • भारतीय बाजार में: कला प्रेमियों और निवेशकों का भारतीय मॉडर्न आर्ट के प्रति भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है। इस रिकॉर्ड बिक्री से देश के कला बाजार में बड़े निवेश का नया दौर शुरू हो सकता है। • कला संग्रहकर्ताओं के लिए: दुनिया भर के कलेक्टर्स के बीच अब भारतीय कलाकारों की दुर्लभ कृतियों को हासिल करने की होड़ और तेज हो जाएगी। इससे आने वाले ऑक्शन प्लेटफॉर्म्स पर ऐतिहासिक कलाकृतियों के दाम में और इजाफा देखने को मिल सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह रिकॉर्डतोड़ बिक्री कला बाजार में बढ़ती मांग और दुर्लभ कृतियों की सीमित संख्या के कारण संभव हुई है। • बढ़ता वैश्विक क्रेज: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय आधुनिक कला के प्रति निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। • दुर्लभ विषयों का प्रभाव: इस चित्रकार द्वारा बनाए गए मानवीय संघर्ष से जुड़े विषय कला प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय रहे हैं। • नये प्लेटफॉर्म की शुरुआत: ‘वोल्टे उना’ जैसी नई नीलामी संस्थाओं के आने से बड़े खरीदारों को एक बेहतर मंच मिला है। सवाल-जवाब 1. तैयब मेहता की पेंटिंग कितने में बिकी? रिक्शा पुलर पेंटिंग 69.1 करोड़ रुपये में नीलाम हुई। 2. यह पेंटिंग किस वर्ष बनाई गई थी? इस पेंटिंग को साल 2002 में कैनवस पर ऐक्रेलिक से बनाया गया था। 3. किस ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर यह नीलामी हुई? यह पेंटिंग नए आर्ट प्लेटफॉर्म 'वोल्टे उना' की पहली नीलामी में बिकी। 4. इससे पहले कौन सी पेंटिंग सबसे महंगे दाम पर बिकी थी? अप्रैल 2025 में 'ट्रस्ड बुल' पेंटिंग 61.80 करोड़ रुपये में बिकी थी। 5. अगली नीलामी में किसकी कलाकृति शामिल होगी? नवंबर के आखिर में होने वाली नीलामी में मकबूल फिदा हुसैन की कलाकृति शामिल होगी। https://trendkia.com/business/taiyaba-mehata-ki-pentinga-ne-tore-sare-rikorda-69-1-karora-rupaye-men-nilama-hui-riksha-pulara-47047 TrendKia — Har trend, sabse pehle.