टिड्डी दल के हमले से फसलों को कैसे बचाएं, जानिए आसान उपाय बरसात और बदलते मौसम के दौरान खेतों या घरों में टिड्डियों का दिखना किसानों और आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। ऐसे में सही समय पर पहचान और उचित उपायों से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है। बरसात और मौसम में होने वाले बदलाव के दौर में खेतों में अचानक टिड्डियों का नजर आना किसानों की चिंता को बढ़ा देता है। यदि कुछ टिड्डियां घर के आसपास या बगीचे में दिखाई दें तो वह केवल एक सामान्य परेशानी होती है, लेकिन यदि कोई बड़ा दल फसल पर आ बैठे तो नुकसान बहुत तेज गति से हो सकता है। हरी पत्तियों और कोमल पौधों पर इनका प्रभाव साफ देखा जा सकता है। इस स्थिति में सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर कीट को देखते ही तुरंत केमिकल का छिड़काव आवश्यक नहीं होता। यदि घर के अंदर एक या दो टिड्डियां आ गई हैं, तो उन्हें बिना किसी रसायन के बाहर निकालना अधिक सुरक्षित विकल्प है। टिड्डियों की संख्या और खतरे की पहचान खेत में यदि इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है या फसलों पर बार-बार हमला हो रहा है, तो स्थानीय कृषि विभाग के मार्गदर्शन के बिना कदम उठाना ठीक नहीं है। भारत सरकार के Plant Protection Quarantine & Storage विभाग ने डेजर्ट लोकस्ट के नियंत्रण के लिए कुछ चुनिंदा और स्वीकृत कीटनाशकों की सूची तैयार की है। हालांकि इन रसायनों का प्रयोग फसल के प्रकार, कीट की अवस्था और दवा के फॉर्मुलेशन के आधार पर ही किया जाना चाहिए। खेत में कुछ कीट दिखने पर घबराने के बजाय यह आकलन करें कि उनका दायरा बढ़ रहा है या नहीं। यदि वे बड़े समूहों में हैं और आसपास के खेतों में भी फैल रहे हैं, तो मामला गंभीर माना जाता है। ऐसे वक्त में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय कृषि अधिकारियों से संपर्क करना बेहतर रहता है। सुबह और शाम के समय खेत के किनारों, झाड़ियों और आसपास की खाली जमीन की निगरानी करने से शुरुआती गतिविधि को समय रहते पकड़ा जा सकता है, जिससे नियंत्रण करना आसान हो जाता है। कीटनाशकों के इस्तेमाल के लिए जरूरी सावधानियां डेजर्ट लोकस्ट को नियंत्रित करने के लिए सरकारी सूची में मालाथियान, डेल्टामेथ्रिन, फिप्रोनिल, लैम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन और अन्य अनुमोदित फॉर्मुलेशन शामिल हैं। इनमें से कौन सी दवा कितनी मात्रा में डाली जानी चाहिए, यह पूरी तरह फसल और फॉर्मुलेशन पर निर्भर करता है। इसलिए बाजार से कोई भी रसायन लाकर अपनी तरफ से छिड़काव करना नुकसानदेह साबित हो सकता है। दवा की बोतल पर दिए गए निर्देशों, फसल विशेष के लिए अनुमति और कृषि विशेषज्ञ की सलाह को हमेशा प्राथमिकता दें। छिड़काव के वक्त हाथों में दस्ताने, मुंह पर मास्क और पूरे शरीर को ढंकने वाले वस्त्र पहनना अनिवार्य है। इस दौरान बच्चों और पालतू जीवों को उस क्षेत्र से दूर रखा जाना चाहिए। सब्जियों या खाने वाली फसलों पर दवा डालने के बाद लेबल पर दी गई इंतजार की अवधि का पालन करना भी अत्यंत आवश्यक है। घर के भीतर टिड्डियों के आने पर क्या करें यदि घर के अंदर एक-दो टिड्डियां प्रवेश कर जाएं तो उन्हें मारने के लिए तीव्र रसायनों के प्रयोग की कोई आवश्यकता नहीं होती। घर के दरवाजे और खिड़कियों को खोलकर उन्हें बाहर जाने का मार्ग दिया जा सकता है। जरूरत महसूस होने पर एक साधारण झाड़ू या लंबे कपड़े के सहारे उन्हें धीरे-धीरे बाहर की ओर धकेला जा सकता है। इसके अलावा घर के आसपास के बगीचे में घास और झाड़ियों को अधिक बढ़ने से रोकना चाहिए। खिड़कियों पर मेश स्क्रीन लगाने से कई प्रकार के उड़ने वाले कीटों का प्रवेश रोका जा सकता है। रात के वक्त यदि आवश्यकता न हो तो खुले दरवाजों और खिड़कियों के पास रोशनी कम रखना भी फायदेमंद साबित होता है। लहसुन, नीम या लाल मिर्च से तैयार घरेलू स्प्रे को लेकर तमाम नुस्खे सुनने को मिलते हैं, लेकिन इन्हें बड़े प्रकोप का पक्का समाधान नहीं माना जा सकता। खाने-पीने की चीजों, बच्चों और पालतू जानवरों के करीब किसी भी घरेलू मिश्रण का छिड़काव बहुत सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। फसल सुरक्षा में किसी तरह की ढील न बरतें फसलों को बचाने के मामले में केवल शोर मचाने या धुआं करने جیسے देसी तरीकों पर पूरी तरह निर्भर रहना ठीक नहीं है। बड़े दल के दिखने पर प्रशासन या कृषि विभाग को समय पर सूचना देना सबसे अहम कदम है। सरकारी दिशा-निर्देशों में भी डेजर्ट लोकस्ट के रोकथाम के लिए निर्धारित कीटनाशकों और उनके सही उपयोग का पूरा विवरण दिया गया है, जिसका पालन करना फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसका आप पर असर टिड्डी दल का हमला कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालता है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। • भारत में: कृषि क्षेत्रों में टिड्डी के प्रकोप से खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित हो सकता है और सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय कृषि विभाग के संपर्क में रहें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। • ग्रामीण इलाकों में: जिन इलाकों में टिड्डी दल सक्रिय होते हैं, वहां फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को तुरंत सामूहिक निगरानी और अनुशंसित कीटनाशकों का उपयोग करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. घर के अंदर एक-दो टिड्डी आने पर क्या करना चाहिए? घर के दरवाजे और खिड़की खोलकर उन्हें बाहर जाने का रास्ता दें या धीरे से झाड़ू की मदद से बाहर निकालें। 2. खेतों में टिड्डी दिखने पर सबसे पहले क्या कदम उठाना चाहिए? सबसे पहले उनकी संख्या और फैलाव की जांच करें तथा स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें। 3. डेजर्ट लोकस्ट नियंत्रण के लिए कौन से कीटनाशक स्वीकृत हैं? भारत सरकार की सूची में मालाथियान, डेल्टामेथ्रिन, फिप्रोनिल और लैम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन जैसे रसायन शामिल हैं। 4. कीटनाशक का छिड़काव करते वक्त क्या सावधानियां रखनी चाहिए? दस्ताने, मास्क और शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें तथा बच्चों व पालतू जानवरों को दूर रखें। 5. क्या घरेलू स्प्रे टिड्डियों के बड़े प्रकोप का पक्का इलाज है? लहसुन या नीम से बने स्प्रे को बड़े प्रकोप का पक्का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। https://trendkia.com/business/tiddi-dala-ke-hamale-se-phasalon-ko-kaise-bachaen-janie-asana-upaya-24323 TrendKia — Har trend, sabse pehle.