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  "type": "article",
  "title": "तिमाही मुनाफे में 33.8 फीसदी की छलांग से रिलायंस का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये बढ़ा",
  "summary": "जुलाई से सितंबर तिमाही में 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ दर्ज करने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 7 फीसदी से अधिक का उछाल आया। इसके चलते कंपनी का कुल बाजार मूल्यांकन बढ़कर 16.74 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।",
  "content": "घरेलू शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह का आगाज रिलायंस इंडस्ट्रीज के जोरदार प्रदर्शन के साथ हुआ। कंपनी के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जिससे केवल 60 मिनट के अंतराल में ही कंपनी के शेयरधारकों की संपत्ति में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हो गया। बीते कारोबारी सप्ताह के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में दस्तक और उसके तुरंत बाद आए मजबूत वित्तीय नतीजों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी थी। जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही में कंपनी के अभूतपूर्व शुद्ध लाभ ने बाजार में खरीदारी की नई लहर पैदा कर दी।\n\nशेयरों में 7 फीसदी से ज्यादा उछाल और मूल्यांकन का नया स्तर\nसोमवार 2 नवंबर को रिलायंस इंडस्ट्रीज के काउंटरों पर भारी लिवाली देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर कंपनी का शेयर 7.12 प्रतिशत की छलांग लगाकर 1,246.45 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई पर भी यह स्टॉक 6.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,244 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। शेयरों में आए इस जोरदार उछाल की बदौलत कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 1,00,208.45 करोड़ रुपये बढ़कर 16,74,786.99 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया। इस मूल्यांकन के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज घरेलू शेयर बाजार में सर्वाधिक वैल्यूएशन वाली लिस्टेड कंपनी के रूप में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है।\n\nप्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी को मिली तेज गति\nरिलायंस के शेयरों में आई इस एकतरफा तेजी ने पूरे बाजार के माहौल को सकारात्मक बना दिया। 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 935.82 अंकों की जबरदस्त बढ़त के साथ 75,390.02 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 248.15 अंक मजबूत होकर 23,300.05 के स्तर पर कारोबार करने लगा। बेंचमार्क सूचकांकों में शामिल सभी दिग्गजों के मुकाबले रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला स्टॉक साबित हुआ। कंपनी ने शुक्रवार को समाप्त हुई जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जिसमें उसका समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 33.8 प्रतिशत बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।\n\nऑयल-टू-केमिकल्स और डिजिटल कारोबार से मिला सबसे बड़ा सहारा\nतिमाही नतीजों में आए इस भारी उछाल के पीछे कंपनी के पारंपरिक ऑयल-टू-केमिकल्स यानी O2C सेगमेंट की तेज वापसी मुख्य वजह रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में परिवहन ईंधन की मजबूत कीमतों और पेट्रोकेमिकल मार्जिन में हुए सुधार ने रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों के मुनाफे को मजबूत सहारा दिया। O2C कारोबार के दम पर कंपनी का कुल राजस्व 231,601 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जबकि इस सेगमेंट से कर पश्चात लाभ 67.9 फीसदी की जोरदार वृद्धि के साथ 25,203 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त डिजिटल सेवाओं की लगातार बढ़ती मांग ने खुदरा कारोबार में दर्ज सुस्ती के असर को पूरी तरह बेअसर कर दिया, जिससे समूह की कुल बैलेंस शीट को मजबूती मिली।\n\nइसका आप पर असर\nरिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों और प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी से बाजार से जुड़े खुदरा निवेशकों और म्यूचुअल फंड धारकों के पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ा है।\n\n• शेयरधारकों के लिए: कंपनी के शेयरधारकों की कुल पूंजी में केवल एक घंटे में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। बीएसई पर शेयर का भाव 1,246.45 रुपये पर पहुंचने से मौजूदा निवेशकों के निवेश मूल्य में तत्काल बढ़ोतरी हुई है।\n• इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए: लार्ज-कैप और इंडेक्स आधारित फंड्स में रिलायंस का वेटेज सबसे अधिक होने से इन योजनाओं के एनएवी में मजबूती आएगी। सेंसेक्स में 935.82 अंक और निफ्टी में 248.15 अंक के उछाल से व्यापक इक्विटी पोर्टफोलियो को सहारा मिला है।\n• कारोबारी रुझान पर: O2C और रिफाइनिंग क्षेत्र से आए बेहतर मार्जिन ने ऊर्जा क्षेत्र की अन्य कंपनियों के प्रति भी सकारात्मक धारणा तैयार की है। पेट्रोकेमिकल और रिफाइनरी मुनाफे में 67.9 प्रतिशत का उछाल सेक्टर के समग्र स्वास्थ्य का संकेत देता है।\n• आगामी रणनीति के संदर्भ में: खुदरा क्षेत्र में दर्ज सुस्ती के बावजूद डिजिटल और पेट्रोकेमिकल कारोबार की मजबूती ने कुल आय को सहारा दिया है। निवेशकों को कंपनी के अलग-अलग वर्टिकल्स के प्रदर्शन पर नजर रखते हुए पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने का अवसर मिलता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nरिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई भारी बढ़त का मुख्य कारण कंपनी द्वारा दर्ज किया गया ऐतिहासिक तिमाही मुनाफा और प्रमुख परिचालन डिवीजनों में आया जोरदार सुधार रहा।\n\n• रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन: कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड समेकित शुद्ध लाभ अर्जित किया। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 33.8 प्रतिशत अधिक रहा, जिसने विश्लेषकों और निवेशकों को बड़े पैमाने पर आकर्षित किया।\n• O2C कारोबार में सुधार: रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों वाले ऑयल-टू-केमिकल्स डिवीजन में परिवहन ईंधन की ऊंची कीमतों और बेहतर मार्जिन से भारी मुनाफा हुआ। इस डिवीजन का कर पश्चात लाभ 67.9 प्रतिशत बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये रहा और कुल राजस्व 231,601 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।\n• डिजिटल बिजनेस की मजबूती: खुदरा क्षेत्र में आई कमाई की कमजोरी को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और संबंधित सेवाओं में हुई आय वृद्धि ने पूरी तरह संभाल लिया। इससे पहले सप्ताह में जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार लिस्टिंग ने भी निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल तैयार कर दिया था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जुलाई-सितंबर तिमाही में कितना शुद्ध लाभ दर्ज किया?\nकंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 33.8 प्रतिशत अधिक है।\n\n2. 2 नवंबर को कंपनी के शेयरों में कितनी तेजी दर्ज की गई?\nबीएसई पर शेयर 7.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,246.45 रुपये और एनएसई पर 6.79 प्रतिशत उछलकर 1,244 रुपये पर पहुंच गया।\n\n3. इस उछाल के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का कुल बाजार पूंजीकरण कितना हो गया?\nकंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,00,208.45 करोड़ रुपये बढ़कर कुल 16,74,786.99 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।\n\n4. शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी बढ़त हुई?\nबीएसई सेंसेक्स 935.82 अंक चढ़कर 75,390.02 पर और एनएसई निफ्टी 248.15 अंक बढ़कर 23,300.05 के स्तर पर पहुंचा।\n\n5. ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट का प्रदर्शन कैसा रहा?\nO2C सेगमेंट का राजस्व 231,601 करोड़ रुपये रहा और इसका कर पश्चात लाभ 67.9 फीसदी बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।",
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  "publishedAt": "2026-11-02",
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