# त्रिपुरा में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता 3 फीसदी बढ़ा, एचआरए के नियमों में भी बदलाव

> त्रिपुरा कैबिनेट ने सरकारी कर्मियों और पेंशनर्स के लिए डीए और डीआर में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, जिससे कुल दर 44 फीसदी पर पहुंच गई है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/tripura-men-sarakari-karmachariyon-aura-penshanabhogiyon-ka-mahngai-bhatta-3-phisadi-barha-hra-ke-niyamon-men-bhi-badalava-44301 · **Language:** Hindi
**Tags:** त्रिपुरा सरकार, महंगाई भत्ता, माणिक साहा, प्रणजीत सिंहा रॉय, एचआरए नियम, सातवां वेतन आयोग

त्योहारी सीजन के आगमन से ठीक पहले त्रिपुरा सरकार ने राज्य सेवा के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वित्तीय लाभों में इजाफा करने का फैसला किया है। राज्य मंत्रिमंडल ने महंगाई भत्ते यानी डीए और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत यानी डीआर में 3 फीसदी की नई बढ़ोतरी पर मुहर लगाई है। इसके साथ ही कर्मियों के लिए मकान किराया भत्ता यानी एचआरए के स्लैब में भी नया संशोधन लागू किया गया है। यह पूरा वित्तीय पुनरीक्षण 1 अक्टूबर 2026 की तारीख से अमल में लाया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की आगामी मासिक आमदनी में साफ अंतर देखने को मिलेगा।

## मंत्रिमंडल के फैसले से खजाने पर 300 करोड़ रुपये का वार्षिक भार
अगरतला में 6 अक्टूबर को आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के डीआर को 3 फीसदी बढ़ाने का औपचारिक अनुमोदन दिया गया। इस ताजा वृद्धि के लागू होने के पश्चात राज्य में कार्यरत कर्मियों और सेवानिवृत्त लोगों के लिए कुल डीए और डीआर की दर 44 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगी। कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा और वित्त मंत्री प्रणजीत सिंहा रॉय ने सार्वजनिक रूप से इस नीतिगत निर्णय का ब्योरा साझा किया। प्रशासनिक आकलन के मुताबिक, इस बढ़ोतरी को लागू करने के कारण राज्य के सरकारी खजाने पर प्रतिवर्ष लगभग 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि बजट से जुड़ी तमाम चुनौतियों के बावजूद प्रशासन ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए यह भार उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में X पर जानकारी भी साझा की।

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## मकान किराया भत्ते में संशोधन और अधिकतम सीमा का निर्धारण
महंगाई भत्ते में इजाफे के अलावा त्रिपुरा सरकार ने आवास से जुड़े भत्ते में भी महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए स्वीकृत ढांचे के अनुसार, राज्य के सरकारी कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 10 फीसदी हिस्सा एचआरए के रूप में दिया जाएगा। हालांकि इस व्यवस्था के तहत सरकार ने एक सुरक्षा सीमा तय करते हुए अधिकतम राशि को 10,000 रुपये प्रति माह पर सीमित कर दिया है। यह नया नियम भी 1 अक्टूबर से ही प्रभावी माना जाएगा। इसका सीधा व्यवहारिक अर्थ यह है कि जिन वरिष्ठ या उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों का मूल वेतन अधिक है, उनका मकान किराया भत्ता भी किसी भी स्थिति में 10,000 रुपये की मासिक सीमा से आगे नहीं जाएगा। डीए और एचआरए के इस दोहरे संशोधन से कर्मचारियों के टेक-होम वेतन में बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी।

## केंद्रीय भत्ते के अंतर और आठवें वेतन आयोग की सुगबुगाहट
प्रेस ब्रीफिंग में मुख्यमंत्री ने इस यथार्थ को भी रेखांकित किया कि त्रिपुरा के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते और केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले डीए के बीच अभी भी अंतर बना हुआ है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार इस वित्तीय फासले को क्रमिक तरीके से पाटने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने 8वें वेतन आयोग के परिदृश्य की भी चर्चा की। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र स्तर पर इससे संबंधित प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है और त्रिपुरा सरकार भी इस पूरे घटनाक्रम और उसके वित्तीय पहलुओं की बारीकी से समीक्षा कर रही है।

## सातवें वेतन आयोग के क्रियान्वयन की पृष्ठभूमि
पूर्व के संदर्भों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2018 में पदभार संभालने के बाद राज्य प्रशासन ने कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया था। उस समय फिटमेंट फैक्टर में किए गए बदलावों की बदौलत कर्मचारियों के मूल वेतन में 14.22 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया था। अब 1 अक्टूबर से डीए और एचआरए में किए गए इस नए बदलाव के माध्यम से त्रिपुरा के कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को आवश्यक आर्थिक राहत प्राप्त होगी।

## इसका आप पर असर
त्रिपुरा सरकार के इस निर्णय से राज्य के सरकारी कर्मियों और पेंशनरों की मासिक आय में प्रत्यक्ष वृद्धि होगी।

- **त्रिपुरा में:** कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 1 अक्टूबर 2026 से 44 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता और राहत मिलेगी। इस 3 फीसदी की बढ़ोतरी से कर्मचारियों का मासिक वेतन तुरंत बढ़ जाएगा।
- **आवास भत्ते पर:** कर्मचारियों को अब अपने मूल वेतन का 10 प्रतिशत मकान किराया भत्ता दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए 10,000 रुपये प्रति माह की अधिकतम सीमा तय की गई है, जिससे उच्च वेतन वाले कर्मियों को इसी सीमा तक लाभ मिलेगा।
- **राज्य के बजट पर:** इस दोहरे संशोधन से राज्य सरकार के खजाने पर हर वर्ष लगभग 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। राज्य सरकार वित्तीय चुनौतियों के बीच भी इस प्रशासनिक व्यय का वहन करेगी।
- **केंद्र के साथ तुलना:** केंद्रीय कर्मचारियों और त्रिपुरा के कर्मियों के भत्तों में अब भी अंतर बना हुआ है। राज्य सरकार ने इस अंतर को आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से कम करने का संकेत दिया है।

## ऐसा क्यों हुआ
त्रिपुरा सरकार ने त्योहारी मौसम को ध्यान में रखते हुए और कर्मचारियों को महंगाई के असर से राहत दिलाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है।

- **कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी:** मुख्यमंत्री माणिक साहा की अध्यक्षता में 6 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में वित्तीय भार की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया। प्रशासन ने त्योहारों से पूर्व कर्मचारियों के आर्थिक कल्याण को प्राथमिकता दी।
- **जीवनयापन की लागत में वृद्धि:** बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों के क्रय शक्ति संतुलन को बनाए रखने के लिए भत्तों में संशोधन आवश्यक माना गया। इसी कारण 3 फीसदी डीए और डीआर की बढ़ोतरी को 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी किया गया।
- **एचआरए ढांचे का युक्तिकरण:** मूल वेतन के 10 प्रतिशत के आधार पर मकान किराया तय करते हुए 10,000 रुपये की ऊपरी सीमा इसलिए रखी गई ताकि अत्यधिक वेतनमान वाले पदों पर व्यय को नियंत्रित रखा जा सके। इससे सरकार को अपने वित्तीय संसाधनों का संतुलन साधने में मदद मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. त्रिपुरा सरकार ने महंगाई भत्ते में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी की है?
त्रिपुरा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के डीआर में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

### 2. बढ़ोतरी के बाद त्रिपुरा में कुल डीए और डीआर की दर कितनी हो गई है?
इस ताजा वृद्धि के बाद राज्य में डीए और डीआर की कुल दर बढ़कर 44 फीसदी हो गई है।

### 3. संशोधित डीए और एचआरए की दरें कब से प्रभावी होंगी?
यह नया संशोधन 1 अक्टूबर 2026 से लागू माना जाएगा।

### 4. मकान किराया भत्ता यानी एचआरए के नए नियम क्या हैं?
कर्मचारियों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत एचआरए मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10,000 रुपये प्रति माह तय की गई है।

### 5. इस फैसले से राज्य के खजाने पर कितना अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा?
सरकार के इस फैसले से राज्य के खजाने पर सालाना लगभग 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

### 6. 2018 में सातवें वेतन आयोग के लागू होने पर मूल वेतन में कितनी वृद्धि हुई थी?
2018 में फिटमेंट फैक्टर में बदलाव के जरिए मूल वेतन में 14.22 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।

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