# त्योहारी खरीदारी के बीच सर्राफा में जबरदस्त उछाल, सोना 1.46 लाख और चांदी 1.93 लाख के पार

> धनतेरस से पूर्व राष्ट्रीय राजधानी के हाजिर बाजार में पीली धातु प्रति दस ग्राम 4800 रुपये उछल गई, जबकि चांदी में 9000 रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/tyohari-kharidari-ke-bicha-sarrapha-men-jabaradasta-uchhala-sona-1-46-lakha-aura-chandi-1-93-lakha-ke-para-56573 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोने का भाव, चांदी की कीमत, सर्राफा बाजार, धनतेरस, कमोडिटी बाजार, बुलियन

राष्ट्रीय राजधानी के हाजिर आभूषण बाजार में बुधवार को कीमती धातुओं के दाम अचानक काफी चढ़ गए। धनतेरस के त्योहार से ऐन पहले खरीदारों की बढ़ती दिलचस्पी और विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते स्थानीय स्तर पर सोने के दाम 4800 रुपये बढ़कर 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के मुताबिक, 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना मंगलवार को 1,41,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जिसमें एक ही दिन में भारी बढ़त देखी गई।

## सफेद धातु में एक ही दिन में नौ हजार रुपये की छलांग
पीली धातु की तरह ही औद्योगिक और आभूषण मांग के सहारे चांदी के भाव में भी बड़ा बदलाव आया। बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान चांदी 9000 रुपये की जोरदार तेजी दिखाते हुए 1.93 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले मंगलवार को इसका अंतिम कारोबारी भाव 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रहा था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटी मामलों के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आए तेज उछाल और घरेलू त्योहारी मांग ने बुधवार को इन कीमती धातुओं की कीमतों को ऊपर धकेलने का काम किया।

## हालिया गिरावट के बाद बाजार में फिर लौटी खरीदारी
अक्टूबर के दौरान सर्राफा बाजार भारी दबाव में था और अपने रिकॉर्ड स्तर से फिसल रहा था। ब्रिकवर्क रेटिंग्स के रिसर्च हेड राजीव शरण के मुताबिक, अक्टूबर में अपने शीर्ष स्तर से सोने के दाम करीब 8 प्रतिशत टूट गए थे। अमेरिकी मुद्रा में मजबूती, बॉन्ड यील्ड में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की गति धीमी रहने की आशंकाओं के कारण हाल के दिनों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की थी, जिससे भाव गिरे थे।

## वार्षिक आधार पर पिछले साल के मुकाबले सुस्त रही इस बार की तेजी
राजीव शरण ने तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए बताया कि पिछले साल के धनतेरस के समय जैसी बेतहाशा तेजी इस बार देखने को नहीं मिली है। पिछली बार के त्योहारी सीजन से तुलना करें तो सोने में केवल 5 से 7 प्रतिशत की ही वृद्धि दर्ज हुई है। इसके उलट, पिछले साल धनतेरस के अवसर पर सालाना आधार पर कीमतों में लगभग 65 प्रतिशत का भारी उछाल दर्ज किया गया था। इस बार बाजार का दायरा सीमित रहा है।

## विदेशी बाजारों में भी धातुओं के दाम में जोरदार सुधार
वैश्विक कमोडिटी एक्सचेंजों में भी इन बहुमूल्य धातुओं में अच्छी तेजी का माहौल दिखा। विदेशी हाजिर बाजार में सोना 113.72 डॉलर यानी 3 प्रतिशत उछलकर 4043.93 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंचा और एक बार फिर 4000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। इसके साथ ही चांदी में 4.5 प्रतिशत की तेजी आई और यह 52.03 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली सफलता के बाद अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ, जिससे बुलियन मार्केट को मजबूत सहारा मिला।

## इसका आप पर असर
धनतेरस से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में आए इस भारी उछाल से त्योहार पर खरीदारी करने वाले आम परिवारों का बजट सीधे प्रभावित होगा।

- **भारत में:** त्योहारी सीजन में सोने के जेवर और चांदी के सिक्के खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को अब अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। यदि आप धनतेरस के दिन खरीदारी का मन बना रहे हैं, तो प्रति 10 ग्राम सोने पर 4800 रुपये और चांदी पर प्रति किलो 9000 रुपये अधिक चुकाने के लिए तैयार रहें।
- **दिल्ली-एनसीआर में:** स्थानीय सर्राफा बाजार में अचानक खरीदारी बढ़ने से आभूषण दुकानों पर रौनक बढ़ गई है। खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे हॉलमार्क गहनों की ही खरीद करें और बढ़ी हुई कीमतों के बीच मेकिंग चार्ज पर मोलभाव जरूर करें।
- **निवेशकों के लिए:** पिछले महीने 8 प्रतिशत की गिरावट के बाद आई इस तेजी ने निवेशकों को फिर से आकर्षित किया है। जिन्होंने गिरावट के दौरान खरीदारी की थी, वे अब अल्पकालिक बढ़त का लाभ ले सकते हैं।
- **भविष्य की बुकिंग पर:** जिन लोगों ने आभूषणों की एडवांस बुकिंग करा रखी थी, उन्हें पहले तय किए गए भाव का फायदा मिल सकता है। नए खरीदारों के लिए अब शादी और त्योहार की खरीदारी काफी महंगी साबित होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
सर्राफा कीमतों में आए इस तेज उछाल के पीछे घरेलू त्योहारी मांग के साथ-साथ अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम और कमजोर होता डॉलर मुख्य कारण रहा।

- **अमेरिकी मध्यावधि चुनाव:** अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद अमेरिकी डॉलर में नरमी आई। डॉलर के कमजोर होने से विदेशी बाजारों में सोना-चांदी सस्ते होकर निवेशकों के लिए आकर्षक बन गए, जिससे हाजिर सोना 4000 डॉलर के पार निकल गया।
- **त्योहारी मांग में उछाल:** धनतेरस से ठीक पहले भारतीय बाजारों में आभूषणों और सिक्कों की खुदरा मांग बहुत तेजी से बढ़ती है। घरेलू ज्वैलर्स द्वारा स्टॉक जुटाने की होड़ ने दिल्ली सर्राफा में कीमतों को जोरदार सहारा दिया।
- **अक्टूबर की बिकवाली के बाद तकनीकी सुधार:** अक्टूबर में 8 प्रतिशत तक लुढ़कने के बाद निचले स्तरों पर कीमती धातुओं में ताजा लिवाली देखने को मिली। जब मुनाफावसूली का दौर थमा, तब बॉन्ड यील्ड और डॉलर के रुख ने धातुओं के लिए फिर से अनुकूल माहौल तैयार किया।

## सवाल-जवाब

### 1. बुधवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने का ताजा भाव क्या रहा?
दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 4800 रुपये बढ़कर 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

### 2. चांदी की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई?
चांदी की कीमत में 9000 रुपये प्रति किलो की तेजी आई, जिससे इसका भाव 1.93 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।

### 3. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी के क्या भाव रहे?
वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 3 प्रतिशत चढ़कर 4043.93 डॉलर प्रति औंस और चांदी 4.5 प्रतिशत बढ़कर 52.03 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

### 4. अक्टूबर के महीने में सोने की कीमतों में कितनी गिरावट आई थी?
ब्रिकवर्क रेटिंग्स के अनुसार अक्टूबर में अपने उच्चतम स्तर से सोने की कीमतों में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई थी।

### 5. पिछले साल के धनतेरस के मुकाबले इस साल सोने में कितनी तेजी आई है?
इस बार पिछले त्योहारी सत्र के बाद से सोना 5 से 7 प्रतिशत ही महंगा हुआ है, जबकि पिछले धनतेरस पर सालाना आधार पर 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।

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