# त्योहारी मांग के बीच सोने और चांदी में लौटी चमक, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा भाव चढ़े

> धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले घरेलू वायदा बाजार और वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है, जिससे हालिया गिरावट के बाद धातु बाजार संभलता नजर आ रहा है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/tyohari-manga-ke-bicha-gold-aura-silver-men-lauti-chamaka-multi-commodity-exchange-para-vayada-bhava-charhe-54821 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोना भाव, चांदी की कीमत, एमसीएक्स, धनतेरस, बुलियन मार्केट, फेडरल रिजर्व

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में पिछले कुछ सत्रों की तेज गिरावट के बाद अब सुधार देखने को मिल रहा है। धनतेरस और दिवाली की खरीदारी से ठीक पहले बहुमूल्य धातुओं के दामों में तेजी लौटी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोमवार 1 नवंबर के कारोबारी सत्र में सोने की कीमत 495 रुपये की बढ़त दर्ज करने में सफल रही। इस उछाल से पहले सोने की दरें अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से 42 प्रतिशत नीचे आ चुकी थीं, वहीं चांदी की कीमत भी अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर से 55 प्रतिशत लुढ़क चुकी थी।

## घरेलू वायदा बाजार में धातुओं के दाम
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 1 नवंबर को शुरुआती कारोबार से ही मजबूती का रुख बना रहा। ट्रेडिंग सत्र का आगाज 1.39 लाख रुपये के स्तर पर हुआ, जिसके बाद सोने का भाव 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। इस दौरान सोने के वायदा अनुबंधों में प्रति 10 ग्राम 500 रुपये की बढ़त देखी गई।

सोने के साथ-साथ चांदी के वायदा भाव में भी जोरदार उछाल देखने को मिला। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 3,386 रुपये की तेजी के साथ 1,82,455 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। हाल के कारोबारी सत्रों में भारी बिकवाली झेलने के बाद घरेलू बाजार में यह बढ़त त्योहारी ग्राहकी की शुरुआत से पहले निवेशकों और खरीदारों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

## अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की स्थिति
घरेलू बाजार के साथ ही विदेशी बाजारों में भी बुलियन की कीमतों में सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया। पिछले कारोबारी सत्र में एक साल के निचले स्तर तक गिरने के बाद सोने का हाजिर भाव 0.7 प्रतिशत बढ़कर 3,900.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं अमेरिकी बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 0.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ 3,909.70 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। इससे पहले बीते शुक्रवार को मार्जिन कॉल के दबाव के चलते बुलियन 3.5 प्रतिशत लुढ़ककर अक्टूबर 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था।

वैश्विक मंच पर चांदी का हाजिर भाव 1.8 प्रतिशत चढ़कर 49.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो प्लैटिनम 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 1,432.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि पैलेडियम 976.31 डॉलर प्रति औंस के भाव पर स्थिर बना रहा।

## बाजार में तेजी के कारण और आगे का रुख
कैपिटल डॉटकॉम के सीनियर फाइनेंशियल मार्केट एनालिस्ट काइल रोड्ड के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है, जिसका सीधा फायदा बुलियन बाजार को मिला है। आगामी त्योहारों के कारण मांग में मजबूती और डॉलर तथा कच्चे तेल में नरमी ने धातुओं को सहारा दिया है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़त अस्थायी हो सकती है। सीएमई के फेडवॉच टूल के आंकड़े दर्शाते हैं कि कारोबारी दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 73 प्रतिशत संभावना देख रहे हैं। यदि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों पर एक बार फिर दबाव देखने को मिल सकता है।

## इसका आप पर असर
धनतेरस और दिवाली से पहले आभूषण खरीदारों और धातु निवेशकों को अपनी खरीद योजना में हालिया तेजी का ध्यान रखना होगा।

- **खरीदारों के लिए:** त्योहारी सीजन की शुरुआत में सोने और चांदी के रेट बढ़ने से आभूषण खरीदने की लागत तत्काल बढ़ गई है। रिकॉर्ड स्तर से भारी गिरावट के बावजूद ताजा उछाल के कारण उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय सटीक भाव जांचने की सलाह दी जाती है।
- **वायदा व्यापारियों के लिए:** एमसीएक्स पर वायदा कीमतों में आए तेज सुधार ने शार्ट पोजीशन लेने वालों पर दबाव बढ़ा दिया है। कारोबारियों को फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक से पहले स्टॉप लॉस का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
- **खुदरा निवेशकों के लिए:** लंबी अवधि के खरीदारों के लिए यह स्तर आकर्षक बना हुआ है क्योंकि कीमतें शीर्ष स्तरों से काफी नीचे हैं। बाजार में आगे उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए किस्तों में संचय करना अधिक समझदारी भरा कदम होगा।
- **उद्योग और विनिर्माताओं के लिए:** चांदी की कीमतों में 3,386 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़त से औद्योगिक मांग से जुड़े निर्माण खर्च में वृद्धि होगी। कच्चा माल जुटाने वाली इकाइयों को अपनी लागत का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
सोने और चांदी में यह उछाल त्योहारी मांग, कच्चे तेल में गिरावट और तकनीकी सुधार के संयुक्त प्रभाव के कारण आया है। हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की आशंका आने वाले समय में तेजी को सीमित कर सकती है।

- **त्योहारी मांग और डॉलर की नरमी:** धनतेरस और दिवाली के उपलक्ष्य में घरेलू स्तर पर भौतिक मांग में जोरदार इजाफा हुआ है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट ने बुलियन को समर्थन दिया।
- **मार्जिन कॉल के बाद तकनीकी सुधार:** शुक्रवार को मार्जिन कॉल के चलते बुलियन में 3.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी, जिससे कीमतें अक्टूबर 2025 के बाद के निचले स्तर पर पहुंच गई थीं। अत्यधिक बिकवाली के बाद निचले स्तरों पर शॉर्ट कवरिंग और मूल्य आधारित खरीदारी शुरू हो गई।
- **ब्याज दरों पर अनिश्चितता:** सीएमई के फेडवॉच टूल के मुताबिक कारोबारी दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 73 प्रतिशत संभावना जता रहे हैं। यही कारण है कि बाजार विश्लेषक इस मौजूदा उछाल को टिकाऊ मानने के बजाय सीमित या अस्थायी मान रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. 1 नवंबर को एमसीएक्स पर सोने के भाव में कितनी तेजी आई?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 1 नवंबर को सोने की वायदा कीमतों में 500 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आई और भाव 1.39 लाख रुपये के करीब पहुंच गया।

### 2. एमसीएक्स पर चांदी का ताजा भाव क्या दर्ज किया गया?
एमसीएक्स पर चांदी का भाव 3,386 रुपये की तेजी के साथ 1,82,455 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।

### 3. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी के हाजिर भाव क्या रहे?
ग्लोबल मार्केट में सोने का हाजिर भाव 0.7 प्रतिशत बढ़कर 3,900.90 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.8 प्रतिशत बढ़कर 49.97 डॉलर प्रति औंस हो गई।

### 4. विश्लेषकों के अनुसार सोने की कीमतों पर आगे क्या दबाव आ सकता है?
सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार व्यापारी दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 73 प्रतिशत संभावना देख रहे हैं, जिससे कीमतों पर फिर दबाव आ सकता है।

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