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  "title": "त्योहारी मांग से चमके सोना और चांदी, वायदा कारोबार में कीमती धातुओं में जोरदार उछाल",
  "summary": "घरेलू वायदा बाजार में सोमवार को चांदी 3,569 रुपये की छलांग लगाकर 1,82,701 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि सोना 1,39,179 रुपये प्रति 10 ग्राम तक चढ़ा.",
  "content": "घरेलू कमोडिटी बाजार में त्योहारी खरीद की हलचल शुरू होते ही कीमती धातुओं के भाव में तेज उछाल दर्ज किया गया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत मजबूती के साथ हुई, जहां सोना और चांदी दोनों ही हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए. हालिया हफ्तों में आई तीव्र गिरावट के बाद निचले स्तरों पर लौटी खरीदारी ने बुलियन बाजार को नई ऊर्जा दी है, जिसके चलते वायदा के साथ-साथ हाजिर बाजार में भी दाम चढ़ गए हैं.\n\nघरेलू वायदा में चांदी ने भरी 3,500 रुपये से ज्यादा की उड़ान\nसप्ताह के पहले कारोबारी दिन चांदी में सबसे अधिक हलचल देखी गई. एमसीएक्स पर दिसंबर अनुबंध वाली चांदी 1,81,094 रुपये के स्तर पर खुली, जो इसके पिछले बंद भाव 1,79,132 रुपये से 1,962 रुपये अथवा 1.09 फीसदी अधिक रही. जैसे-जैसे ट्रेडिंग सत्र आगे बढ़ा, लिवाली का दायरा विस्तृत हुआ और चांदी 3,569 रुपये की छलांग लगाते हुए 1,82,701 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को छू गई. इस व्यापक बढ़त ने बाजार में निचले स्तरों पर मजबूत मांग का संकेत दिया है.\n\nसोने के भाव में भी मजबूती, हाजिर कीमतें 1.39 लाख के पार\nपीली धातु में भी शुरुआती सत्र से ही तेजी का रुख बना रहा. दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र के 1,38,485 रुपये के बंद स्तर के मुकाबले 518 रुपये की मजबूती लेकर 1,39,003 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला. दिन के दौरान इसमें लिवाली का जोर बढ़ा और यह 694 रुपये या 0.50 प्रतिशत चढ़कर 1,39,179 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया. वायदा बाजार की इस तेजी का असर भौतिक बाजार पर भी साफ दिखाई दिया, जहां हाजिर स्तर पर सोना 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को छू गया.\n\nविदेशी बाजारों से मिला मजबूत सहारा\nघरेलू तेजी को अंतरराष्ट्रीय संकेतों से सीधा समर्थन मिला. कॉमेक्स पर सोना 0.33 फीसदी की मजबूती के साथ 3,911.60 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया. वहीं वैश्विक स्तर पर चांदी में और भी जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां यह 2.24 फीसदी की बढ़त बनाते हुए 50.380 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई. विदेशी एक्सचेंजों पर निवेशकों द्वारा की गई व्यापक लिवाली ने भारतीय बाजारों में कीमतों को ऊपर धकेलने में मुख्य भूमिका निभाई.\n\nरिकॉर्ड स्तरों से अब भी भारी छूट पर धातुएं\nसोमवार को दर्ज की गई इस सशक्त रिकवरी के बावजूद दोनों कीमती धातुएं अपने सर्वकालिक उच्च स्तरों की तुलना में काफी सस्ती मिल रही हैं. मौजूदा दरों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सोना अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड से लगभग 28 फीसदी नीचे बना हुआ है. वहीं चांदी की स्थिति देखें तो यह अपने उच्चतम शिखर से करीब 40 फीसदी की गिरावट पर कारोबार कर रही है. यही वजह है कि हालिया बिकवाली के बाद बड़े निवेश फंड्स तथा आम खरीदारों ने मौजूदा भावों को संचय का अनुकूल अवसर माना.\n\nभू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल का दबाव\nबुलियन विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा तेजी केवल त्योहारी खरीदारी तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे गहरे वैश्विक कारक भी सक्रिय हैं. पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और अनिश्चितता ने वित्तीय पूंजी को सुरक्षित ठिकानों की ओर मोड़ा है. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार मजबूत कीमतें वैश्विक महंगाई के खतरे को बनाए हुए हैं, जिससे कीमती धातुओं को मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में समर्थन मिल रहा है.\n\nअमेरिकी चुनाव और डॉलर की चाल पर टिकी नजर\nअमेरिका में प्रस्तावित महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर वैश्विक वित्तीय बाजारों में सतर्कता का माहौल छाया हुआ है. चुनावी परिणामों और भविष्य के नीतिगत बदलावों की आशंका के कारण कई संस्थागत निवेशक जोखिम भरी इक्विटी से पूंजी निकालकर सुरक्षित बुलियन परिसंपत्तियों में स्थानांतरित कर रहे हैं. आने वाले समय में सोने और चांदी की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख, डॉलर सूचकांक की मजबूती तथा ट्रेजरी यील्ड में होने वाले उतार-चढ़ाव से निर्धारित होगी.\n\nइसका आप पर असर\nसोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेजी सीधे तौर पर त्योहारी आभूषण खरीदारों और कमोडिटी निवेशकों की जेब को प्रभावित करेगी.\n\n• आभूषण खरीदारों पर असर: धनतेरस और दिवाली पर आभूषण या सिक्के खरीदने वालों को अब बढ़ी हुई कीमतों पर खरीदारी करनी होगी. वायदा और हाजिर में भाव चढ़ने से ज्वैलरी मेकिंग और टैक्स जोड़कर कुल खर्च तुरंत बढ़ जाएगा.\n• निवेशकों के लिए संदेश: हालिया गिरावट के बाद आई यह उछाल निचले स्तरों पर मजबूत मांग को रेखांकित करती है. यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो मौजूदा दरें रिकॉर्ड ऊंचाई से अभी भी काफी नीचे उपलब्ध हैं.\n• घरेलू बचत का मूल्यांकन: घरों में रखी पुरानी सोने-चांदी की संपत्ति का मौजूदा मूल्यांकन बढ़ गया है. आवश्यकता पड़ने पर गोल्ड लोन या बिक्री के समय आपको पहले से बेहतर नकदी मूल्य मिलेगा.\n• वायदा व्यापारियों के लिए सतर्कता: अमेरिकी चुनावों और वैश्विक तनाव के कारण वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने के पूरे आसार हैं. ट्रेडिंग करते समय उचित स्टॉप लॉस और मार्जिन का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है.\n\nऐसा क्यों हुआ\nसोने और चांदी के दामों में आई ताजा मजबूती हालिया गिरावट के बाद आई मूल्य आधारित खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय तनावों का सम्मिलित परिणाम है.\n\n• निचले स्तरों पर लिवाली: हफ्तों की लगातार गिरावट के बाद धातुएं आकर्षक स्तरों पर आ गई थीं. बड़े फंडों और खुदरा निवेशकों ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले इसे खरीदारी का बेहतरीन मौका मानकर पूंजी लगाई.\n• पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक संकट: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष और अनिश्चितता ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम बढ़ा दिया है. ऐसे तनावपूर्ण माहौल में निवेशक पारंपरिक रूप से सुरक्षित माने जाने वाले सोने-चांदी का रुख करते हैं.\n• कच्चे तेल और मुद्रास्फीति का दबाव: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनी रहने से महंगाई का दबाव गहरा गया है. निवेशक महंगाई से अपनी पूंजी की क्रय शक्ति बचाने के लिए कीमती धातुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं.\n• अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों की अनिश्चितता: अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले नीतिगत बदलावों की आशंका ने शेयर बाजारों को सतर्क कर दिया है. अनिश्चितता के डर से संस्थागत निवेशकों ने इक्विटी से पैसा हटाकर बुलियन में लगाया है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एमसीएक्स पर आज सोने का भाव क्या रहा?\nदिसंबर डिलीवरी वाला सोना 1,39,003 रुपये पर खुला और 694 रुपये चढ़कर 1,39,179 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया.\n\n2. चांदी की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई?\nचांदी अपने पिछले बंद से 1,962 रुपये ऊपर 1,81,094 रुपये पर खुली और इंट्राडे में 3,569 रुपये उछलकर 1,82,701 रुपये प्रति किलो तक गई.\n\n3. अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं के भाव किस स्तर पर रहे?\nकॉमेक्स पर सोना 0.33 फीसदी बढ़कर 3,911.60 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.24 फीसदी चढ़कर 50.380 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई.\n\n4. अपने रिकॉर्ड स्तर से सोना और चांदी कितना नीचे हैं?\nहालिया बढ़त के बाद भी सोना अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 28 फीसदी और चांदी रिकॉर्ड स्तर से करीब 40 फीसदी नीचे चल रही है.\n\n5. कीमती धातुओं में तेजी के मुख्य वैश्विक कारण क्या हैं?\nपश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई का डर और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से जुड़ी सतर्कता मुख्य वजहें हैं.",
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