# त्योहारी मांग से भारत में 2.5 लाख तक गिग रोजगार सृजन के आसार, नियुक्तियों में 20 फीसदी उछाल संभव

> भारत में जुलाई से दिसंबर 2026 के त्योहारी महीनों में दो से ढाई लाख मौसमी नौकरियां आने का अनुमान है, जिसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों की भागीदारी 45 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/tyohari-manga-se-india-men-2-5-lakha-taka-giga-rojagara-srijana-ke-asara-niyuktiyon-men-20-phisadi-uchhala-snbhava-36002 · **Language:** Hindi
**Tags:** त्योहारी सीजन, गिग जॉब्स, रोजगार, ई-कॉमर्स, एनएलबी सर्विसेज, वरुण सचदेवा, टियर 2 शहर

भारतीय बाजार में जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच मौसमी और गिग नियुक्तियों में जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है। त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए कारोबारों में करीब 2 से 2.5 लाख अस्थायी और गिग अवसर तैयार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही इस पूरे त्योहारी दौर में समग्र नियुक्तियों में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। डिजिटल टैलेंट और प्रौद्योगिकी समाधान प्रदाता एनएलबी सर्विसेज के ताजा आकलन के अनुसार, ऑनलाइन आपूर्ति और ग्राहक सेवाओं पर केंद्रित क्षेत्रों में यह उछाल स्पष्ट तौर पर दिखेगा।

## मांग में भारी उछाल से निपटने के लिए ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स की अग्रिम तैयारी
त्योहारी खरीदारी और आयोजनों के चरम दौर को संभालने के लिए ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल और कंज़्यूमर सर्विसेज जैसे प्रमुख क्षेत्र अपनी परिचालन क्षमता मजबूत कर रहे हैं। एनएलबी सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और एपीएसी चीफ वरुण सचदेवा के अनुसार, "त्योहारों का दौर भारत के वर्कफोर्स के लिए एक तरह की परीक्षा का समय बनता जा रहा है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनियां अब केवल पारंपरिक भर्ती केंद्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पहले से नियुक्तियां शुरू करके तुरंत काम पर तैनात होने वाले और प्रौद्योगिकी संचालित प्रतिभा पूल पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं।

## अल्पकालिक काम से स्थायी रोजगार की ओर बढ़ता रुझान
कंपनियों के लिए यह मौसमी जुड़ाव केवल कुछ महीनों के काम तक सीमित नहीं रह गया है। सचदेवा ने रेखांकित किया कि त्योहारी मांग पूरी करने के लिए की जाने वाली भर्तियां अब नए प्रतिभा समूहों तक पहुंचने और उनकी कार्यक्षमता को बड़े पैमाने पर परखने का माध्यम बन रही हैं। यह प्रक्रिया कई कर्मचारियों के लिए बाद में दीर्घकालिक या स्थायी रोजगार के रास्ते खोलने में भी मददगार साबित होती है।

## 12 से 14 सप्ताह पहले ही शुरू हो जाती है कर्मचारियों की योजना
अचानक पैदा होने वाली मांग के दबाव से बचने के लिए कारोबारी संस्थान काफी पहले सक्रिय हो रहे हैं। कंपनियां त्योहारी उछाल शुरू होने से करीब 12 से 14 हफ्ते पहले ही अपने आवश्यक कार्यबल की रूपरेखा तैयार करना शुरू कर देती हैं। इस अग्रिम नियोजन से नियोक्ताओं को उपयुक्त कर्मियों की पहचान करने, उन्हें जरूरी प्रशिक्षण देने और ऐन मौके पर भर्ती के दबाव को घटाने में बड़ी सहूलियत मिलती है।

## छोटे शहरों में मजबूत बढ़त, 45 प्रतिशत हिस्सेदारी का अनुमान
त्योहारी नियुक्तियों का दायरा अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के छोटे भौगोलिक बाजारों में इसका व्यापक विस्तार हो रहा है। कुल मौसमी कार्यबल मांग में दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों की हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है। इसके अतिरिक्त, इन उभरते हुए बाजारों में नियुक्तियों की रफ्तार 25 से 30 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।

## इन 9 प्रमुख शहरों में तेज हुआ नियुक्तियों का प्रवाह
क्षेत्रीय स्तर पर ऑर्डर आपूर्ति तंत्र, संगठित खुदरा और त्वरित डिलीवरी नेटवर्क के विस्तार के कारण जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि में कामगारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस बार के भर्ती रुझान में पहली बार कार्यक्षेत्र में उतरने वाले युवा और महिलाएं सबसे अहम प्रतिभा समूह के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं।

## इसका आप पर असर
त्योहारी सीजन में लाखों अस्थायी और गिग नौकरियों का खुलना रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और महिलाओं के लिए अतिरिक्त आमदनी का त्वरित साधन बनेगा।

- **भारत में:** राष्ट्रीय स्तर पर ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स में 2 से 2.5 लाख अल्पकालिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पहली बार काम शुरू करने वाले युवा और महिलाएं इन भूमिकाओं के जरिए व्यावहारिक कार्य अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
- **टियर-2 और टियर-3 शहरों में:** जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर और भुवनेश्वर जैसे शहरों में कुल मांग की 45 प्रतिशत भर्तियां होंगी। स्थानीय युवाओं को अपने गृह क्षेत्र में ही डिलीवरी, वेयरहाउसिंग और रिटेल संचालन से जुड़ने के अवसर मिलेंगे।
- **कैरियर में स्थायित्व:** बेहतर प्रदर्शन करने वाले गिग कर्मियों के लिए यह मौसमी काम बाद में स्थायी नौकरी का जरिया बन सकता है। कंपनियां अपनी अगली नियमित भर्तियों में इसी कार्यबल की दक्षता को प्राथमिकता देती हैं।
- **उपभोक्ताओं के लिए लाभ:** पर्याप्त कार्यबल की तैनाती से त्योहारों के दौरान ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी और त्वरित सेवाएं सुचारू रूप से चलेंगी। ग्राहकों को आपूर्ति में देरी या ऑर्डर रद्द होने जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
त्योहारी महीनों में खुदरा मांग में भारी उछाल आने और ई-कॉमर्स का विस्तार छोटे शहरों तक पहुंचने के कारण कंपनियों को बड़े पैमाने पर कार्यबल बढ़ाने की जरूरत पड़ी है।

- **मांग में अप्रत्याशित वृद्धि:** जुलाई से दिसंबर के दौरान त्योहारों के चलते खरीद-फरोख्त में व्यापक बढ़ोतरी होती है, जिसके लिए कंपनियों को तुरंत काम संभालने वाले अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और संगठित खुदरा कारोबार साल के इस सबसे व्यस्त समय के लिए अपनी आपूर्ति क्षमता मजबूत कर रहे हैं।
- **छोटे शहरों में बढ़ता डिलीवरी नेटवर्क:** दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में ऑनलाइन खरीदारी और क्षेत्रीय आपूर्ति केंद्रों के विस्तार ने स्थानीय स्तर पर कार्यबल की जरूरत को तेजी से बढ़ाया है। यही कारण है कि कुल मांग का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा इन गैर-महानगरीय बाजारों से आ रहा है।
- **कंपनियों की अग्रिम रणनीति:** अचानक काम का दबाव बढ़ने से बचने के लिए संगठन त्योहारों से 12 से 14 हफ्ते पहले ही प्रतिभा समूह तैयार करने लगे हैं। इससे उन्हें कम समय में बिना किसी परिचालन बाधा के प्रशिक्षित कर्मचारियों को मैदान में उतारने में मदद मिलती है।

## सवाल-जवाब

### 1. जुलाई से दिसंबर 2026 के दौरान कुल कितनी मौसमी और गिग नौकरियां पैदा होने का अनुमान है?
इस अवधि में भारत के भीतर 2 से 2.5 लाख मौसमी और गिग नौकरियां सृजित होने का अनुमान है।

### 2. त्योहारी सीजन में नियुक्तियों में कितने प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है?
त्योहारों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्तियों में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

### 3. कंपनियां त्योहारी सीजन से कितने सप्ताह पहले भर्ती की तैयारी शुरू कर देती हैं?
कंपनियां त्योहारी मांग शुरू होने से लगभग 12 से 14 हफ्ते पहले ही वर्कफोर्स जुटाने की योजना बनाना शुरू कर देती हैं।

### 4. कुल त्योहारी नौकरियों में टियर-2 और टियर-3 शहरों की कितनी हिस्सेदारी रहने की उम्मीद है?
कुल त्योहारी भर्ती मांग में दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों की हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

### 5. किन प्रमुख गैर-महानगरीय शहरों में रोजगार की मांग तेजी से बढ़ रही है?
जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में रोजगार की मांग तेजी से बढ़ रही है।

### 6. किन वर्गों के लोग इस त्योहारी भर्ती में अहम प्रतिभा समूह के रूप में उभर रहे हैं?
पहली बार काम करने वाले युवा और महिलाएं इस त्योहारी सीजन में सबसे प्रमुख प्रतिभा समूह के रूप में सामने आ रहे हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._