# त्योहारी सीजन में दुकानें बंद नहीं रखेंगे दिल्ली के व्यापारी, पुलिस आयुक्त से मांगी कड़ी सुरक्षा

> त्योहारों के पीक सीजन में कारोबार बचाने के लिए दिल्ली के व्यापारियों ने पुलिस से सुरक्षा मांगी है और राजनीतिक दलों से दिवाली तक शहर में प्रदर्शन न करने की अपील की है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/tyohari-sijana-men-dukanen-bnda-nahin-rakhenge-delhi-ke-vyapari-police-commissioner-se-mangi-kari-suraksha-46662 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली व्यापार, सीटीआई, बृजेश गोयल, दिल्ली पुलिस, त्योहारी सीजन, जंतर मंतर

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी के बाजारों में रौनक लौटने लगी है, लेकिन विरोध-प्रदर्शनों की वजह से होने वाले व्यवधान ने दुकानदारों की चिंता बढ़ा दी है। नवरात्रि, रामलीला और दीपावली के इस व्यस्त कारोबारी समय में दिल्ली के व्यापारी अब किसी भी आंदोलन के दबाव में अपने प्रतिष्ठान बंद रखने को तैयार नहीं हैं। व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को औपचारिक पत्र भेजकर बाजारों और दुकानदारों के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है। उनका स्पष्ट रुख है कि साल के सबसे बड़े बिक्री सीजन को धरना-प्रदर्शनों की भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता।

## बाजारों और दुकानदारों के लिए सुरक्षा की पुख्ता मांग
व्यापारिक संगठन ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि शहर के सभी प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े और पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। पुलिस आयुक्त को लिखे संदेश में कहा गया है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे व्यापारी किसी भी तरह के भय या आशंका के बिना अपनी दुकानें खोल सकें और ग्राहक भी बेखौफ खरीदारी कर सकें। संगठन का जोर इस बात पर है कि कानून-व्यवस्था की बहाली के साथ ही वाणिज्यिक गतिविधियों का निर्बाध संचालन भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए, ताकि खुदरा और थोक दोनों स्तरों पर भरोसा बना रहे।

## हालिया प्रदर्शन से 2,000 करोड़ रुपये के नुकसान का हवाला
व्यापारिक प्रतिनिधियों ने पिछले घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए बताया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के कारण कई इलाकों में सुरक्षा पाबंदियां लगानी पड़ीं और जबरन बाजार बंद कराने की नौबत आई। संगठन का आकलन है कि उस अकेले दिन के व्यवधान से शहर में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिसका सीधा असर 20 लाख से अधिक छोटे और बड़े व्यापारियों की आजीविका पर पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि पूरे वर्ष इस सीजन की प्रतीक्षा की जाती है, क्योंकि इसी दौरान उपभोक्ता खर्च चरम पर होता है और इन्वेंट्री खाली होती है। ऐन वक्त पर सड़कें जाम होने या बाजार बंद होने से कारोबारियों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ जाता है।

## राजनीतिक दलों से दिवाली तक दूसरे शहरों में जाने की अपील
आर्थिक नुकसान की आशंका को देखते हुए संगठन ने कॉकरोच जनता पार्टी समेत सभी सियासी दलों से विशेष गुहार लगाई है। व्यापारियों ने अपील की है कि दीपावली का पर्व संपन्न होने तक दिल्ली के भीतर धरने या प्रदर्शन आयोजित करने से परहेज किया जाए। संगठन ने राजनीतिक रणनीतिकारों को सुझाव दिया है कि यदि अपने मुद्दों पर आंदोलन करना अत्यंत अनिवार्य हो, तो उसके लिए राजधानी के बजाय किसी अन्य शहर का चयन किया जाए, जिससे दिल्ली के त्योहारी जनजीवन और बाजार व्यवस्था पर विपरीत असर न पड़े।

## सैकड़ों रामलीलाओं और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर प्रभाव की चेतावनी
व्यापारियों ने यह पहलू भी रेखांकित किया कि दिल्ली में करीब 650 रामलीलाओं का मंचन होता है, जिनके आयोजनों से लाखों कामगारों, कलाकारों और स्थानीय विक्रेताओं को अस्थायी रोजगार मिलता है। यदि विरोध-प्रदर्शनों के चलते मुख्य मार्गों पर अवरोध उत्पन्न होते हैं या मेट्रो स्टेशनों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो इन सांस्कृतिक आयोजनों में दर्शकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली पूरे देश का एक प्रमुख वितरण केंद्र है, जहां से थोक माल अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी भेजा जाता है। ऐसे में त्योहारी महीनों में व्यापारिक आवाजाही सुचारु रहना न केवल दुकानदारों बल्कि आम उपभोक्ताओं और आपूर्ति श्रृंखला के लिए भी बेहद आवश्यक है।

## इसका आप पर असर
त्योहारी सीजन में बाजारों का खुला रहना आम जनता की सुगम खरीदारी और दुकानदारों की आय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** दिल्ली देश का बड़ा थोक वितरण केंद्र है, जहां से सामान दूसरे राज्यों और विदेशी बाजारों तक पहुंचता है। यहां बाजारों में कामकाज सुचारु रहने से अंतरराज्यीय आपूर्ति श्रृंखला सामान्य बनी रहेगी और जरूरी सामान की किल्लत नहीं होगी।
- **दिल्ली में:** स्थानीय खरीदारों को त्योहारों के दौरान खरीदारी करने में किसी तरह की बाधा या अनचाही बंदी का सामना नहीं करना पड़ेगा। व्यापारी भी बिना भय के अपने प्रतिष्ठान खोल सकेंगे, जिससे त्योहारी रोजगार और आय सुरक्षित रहेगी।
- **आवागमन पर प्रभाव:** प्रदर्शनों के चलते सड़कें और मेट्रो स्टेशन प्रभावित होने की संभावना कम होने से आम यात्रियों को राहत मिल सकती है। इससे शहर भर में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक पहुंचना आसान रहेगा।
- **छोटे कामगारों की आजीविका:** रामलीलाओं और बाजार से जुड़े लाखों श्रमिकों को सीजनल काम मिलने का सिलसिला बाधित नहीं होगा। समय पर कारोबार चलने से दैनिक वेतनभोगियों और खुदरा विक्रेताओं को तय मुनाफा मिल सकेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
दिल्ली में नवरात्रि, रामलीला और दीपावली के आगमन के साथ ही प्रमुख कारोबारी मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन राजनीतिक प्रदर्शनों के कारण व्यापार पर गंभीर असर पड़ रहा था।

- **जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का पूर्व अनुभव:** हाल ही में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के कारण शहर के बाजारों में बंदी की नौबत आई थी। उस एक दिन में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार ठप हो गया था, जिससे 20 लाख से अधिक व्यापारी प्रभावित हुए।
- **त्योहारी बिक्री का चरम समय:** व्यापारी पूरे साल इस त्योहारी अवधि का इंतजार करते हैं क्योंकि इसी दौरान ग्राहकों की संख्या और खरीदारी सबसे ज्यादा होती है। ऐन वक्त पर बाजार बंद होने से व्यापारियों को भारी वित्तीय घाटा झेलना पड़ता है।
- **सांस्कृतिक आयोजनों और आपूर्ति पर खतरा:** शहर में आयोजित होने वाली 650 रामलीलाओं की दर्शक संख्या घटने और राष्ट्रीय वितरण केंद्र के रूप में दिल्ली के लॉजिस्टिक्स बिगड़ने की आशंका ने व्यापारियों को पुलिस आयुक्त से हस्तक्षेप मांगने पर मजबूर किया।

## सवाल-जवाब

### 1. व्यापारियों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से क्या मांग की है?
व्यापारियों ने त्योहारी सीजन में बाजारों और दुकानदारों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि वे बिना डर के अपनी दुकानें खोल सकें।

### 2. 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से कितना नुकसान हुआ था?
चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अनुसार, 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के कारण करीब 2,000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ और 20 लाख से ज्यादा व्यापारी प्रभावित हुए।

### 3. व्यापारियों ने राजनीतिक दलों से क्या अपील की है?
व्यापारियों ने कॉकरोच जनता पार्टी समेत सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे दीपावली तक दिल्ली में धरने-प्रदर्शन न करें और जरूरी होने पर किसी अन्य शहर में प्रदर्शन करें।

### 4. प्रदर्शनों से रामलीलाओं पर क्या असर पड़ने की आशंका जताई गई है?
दिल्ली में लगभग 650 रामलीलाएं आयोजित होती हैं, और सड़कें या मेट्रो स्टेशन बाधित होने पर दर्शकों की संख्या घटने और लाखों लोगों के रोजगार पर असर पड़ने की आशंका है।

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