त्योहारी सीजन में नहीं बढ़ेगी चीनी की कीमत, सरकार ने सप्लाई बढ़ाने के लिए उठाया बड़ा कदम त्योहारों के दौरान चीनी के दाम काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने मिलों को अक्टूबर में उत्पादित चीनी अक्टूबर या नवंबर में बेचने की अनुमति दे दी है, जो नियमित कोटे से अतिरिक्त होगी। त्योहरों के इस सीजन में रसोई के बजट पर मिठास बनी रहेगी और चीनी के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर नहीं जाएंगे। पिछले दो महीनों से घरेलू बाजार में मिठास पर असर डाल रही महंगाई के बीच सरकार ने कीमतों को थामने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित करने का फैसला किया है कि फेस्टिव सीजन के दौरान बाजार में चीनी की कोई कमी न हो, जिसके लिए चीनी मिलों को विशेष छूट दी गई है। उत्पादित चीनी की बिक्री के नियमों में बदलाव खाद्य मंत्रालय की तरफ से 16 अक्टूबर को जारी किए गए निर्देश के मुताबिक, सभी चीनी मिलों को यह अनुमति दे दी गई है कि वे अक्टूबर के महीने में जितना भी उत्पादन करेंगी, उसे अक्टूबर या नवंबर के दौरान बाजार में बेच सकती हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई मिल अक्टूबर महीने में 1,000 टन चीनी तैयार करती है, तो उस स्टॉक को नवंबर तक खुले बाजार में निकाला जा सकता है। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि यह अतिरिक्त स्टॉक उन तयशुदा मासिक बिक्री कोटे से अलग होगा जो सामान्य तौर पर दोनों महीनों के लिए आवंटित किए जाते हैं। नियमित कोटे के अलावा मिलेगा अतिरिक्त स्टॉक घरेलू बाजार में दाम संतुलित रखने के लिए खाद्य मंत्रालय हर पखवाड़े यानी हर 15 दिन पर चीनी का कोटा निर्धारित करता है। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में 13 लाख टन और दूसरे पखवाड़े के लिए 14 लाख टन चीनी का कोटा पहले ही तय किया जा चुका है। अब सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत मिलने वाली सप्लाई इस निर्धारित कोटे के बिल्कुल अतिरिक्त होगी। हालांकि नवंबर महीने के लिए आधिकारिक कोटा अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन त्योहारी मांग को देखते हुए यह साफ है कि सरकार का पूरा फोकस बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने पर है। उद्योग जगत ने की सरकारी कदम की सराहना सरकार के इस फैसले पर उद्योग संगठनों ने भी अपनी मुहर लगाते हुए इसका स्वागत किया है। अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल विठलानी ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे त्योहारी सीजन के दौरान देश भर के बाजारों में चीनी की उपलब्धता बेहतर होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार कई चीनी मिलों में गन्ने की पेराई का काम तय समय से करीब एक महीना पहले ही शुरू कर दिया गया है। बाजार में ज्यादा स्टॉक आने से थोक और खुदरा दोनों ही स्तर पर कीमतों को थामने में बड़ी मदद मिलेगी। पहले बढ़ चुकी थीं कीमतें, अब हालात नियंत्रण में गौरतलब है कि इससे पहले देश के घरेलू खुदरा बाजारों में चीनी के दाम बढ़कर 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए थे। हालांकि, उस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए स्टॉक सीमा और कोटे से जुड़े कड़े नियम लागू किए थे, जिसका फायदा यह मिला कि कीमतों को जल्द ही नीचे खींच लिया गया। इसके अलावा, सरकार ने गन्ने का पेराई सत्र भी तय वक्त से एक महीना पहले ही शुरू करा दिया है, ताकि बाजार में किसी भी तरह की किल्लत न हो। इसका आप पर असर सरकार के इस कदम से त्योहारी सीजन में आम उपभोक्ताओं को चीनी की बढ़ी कीमतों से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। • भारत में: देश भर के बाजारों में चीनी की आपूर्ति बढ़ने से खुदरा और थोक कीमतें स्थिर रहेंगी। इससे त्योहारी सीजन के दौरान आम नागरिकों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। • व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए: मिलों को अतिरिक्त कोटा मिलने से बिचौलियों या जमाखोरों को कृत्रिम कमी पैदा करने का मौका नहीं मिलेगा। खरीदार सामान्य दरों पर अपनी जरूरत का सामान खरीद सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ त्योहारों के समय मांग में भारी उछाल आने और पिछले दो महीनों में खुदरा कीमतें 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने के कारण सरकार को यह कदम उठाना पड़ा। • बढ़ती कीमतें: घरेलू बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण सरकार को सख्त कोटा नियम लागू करने पड़े और अब सप्लाई बढ़ाने के लिए अतिरिक्त छूट दी गई है। • समय से पहले पेराई: घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से इस साल गन्ने का पेराई सत्र निर्धारित समय से करीब एक महीना पहले शुरू कर दिया गया है। • त्योहारी मांग: आने वाले हफ्तों में त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की खपत काफी बढ़ जाती है, जिसे पूरा करने के लिए अतिरिक्त स्टॉक बाजार में लाना जरूरी था। सवाल-जवाब 1. त्योहारों के दौरान चीनी की कीमतें क्यों नहीं बढ़ेंगी? सरकार ने मिलों को अक्टूबर में उत्पादित चीनी को अक्टूबर या नवंबर में बेचने की अनुमति दी है, जो नियमित कोटे के अतिरिक्त होगी। 2. खाद्य मंत्रालय ने नया निर्देश कब जारी किया? खाद्य मंत्रालय ने 16 अक्टूबर को यह नया निर्देश जारी किया है। 3. अक्टूबर महीने के लिए कितना चीनी कोटा तय किया गया था? अक्टूबर के पहले पखवाड़े के लिए 13 लाख टन और दूसरे पखवाड़े के लिए 14 लाख टन चीनी का कोटा आवंटित किया गया था। 4. गन्ने का पेराई सत्र कब शुरू हुआ है? इस साल गन्ने का पेराई सत्र निर्धारित समय से करीब एक महीना पहले शुरू हो गया है। 5. घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें कहां तक पहुंच गई थीं? इससे पहले घरेलू खुदरा बाजार में चीनी की कीमतें 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थीं। https://trendkia.com/business/tyohari-sijana-men-nahin-barhegi-chini-ki-kimata-sarakara-ne-saplai-barhane-ke-lie-uthaya-bara-kadama-48305 TrendKia — Har trend, sabse pehle.