त्योहारी सीजन में रिलायंस जियो ला रही है बहुप्रतीक्षित आईपीओ, 21 अक्टूबर से दांव लगा सकेंगे निवेशक रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स ने 21 अक्टूबर को प्राथमिक बाजार में उतरने की तैयारी की है, जहां जुटाई गई पूंजी का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगाया जाएगा। त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही भारतीय पूंजी बाजार में अब तक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक की हलचल तेज हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल होल्डिंग इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को दलाल स्ट्रीट पर पेश करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्राथमिक योजना के अनुसार, कंपनी 21 अक्टूबर को आम निवेशकों के लिए अपनी बोली प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है। इससे पूर्व संस्थान की ओर से ऐसे संकेत दिए गए थे कि वर्ष 2026 के दौरान ही यह बहुप्रतीक्षित निर्गम सार्वजनिक किया जाएगा, जिस पर अब तेजी से अमल देखने को मिल रहा है। बोली प्रक्रिया और लिस्टिंग से जुड़ी संभावित समयसीमा निर्गम की प्रस्तावित रूपरेखा के अनुसार, संस्थागत स्तर पर बड़े एंकर निवेशकों के लिए आवंटन खिड़की 19 अक्टूबर को खोली जाएगी। इसके ठीक दो दिन बाद, यानी 21 अक्टूबर को खुदरा और अन्य सभी श्रेणी के बोलीदाताओं के लिए यह निर्गम आधिकारिक तौर पर खोल दिया जाएगा। बोली लगाने के इच्छुक प्रतिभागियों के पास 23 अक्टूबर तक आवेदन करने का अवसर रहेगा। इसके उपरांत, औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए 28 अक्टूबर को कंपनी के शेयरों को घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध कराने की योजना बनाई गई है। इस कदम से पहले विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से कंपनी को बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया हासिल हुई है, जबकि घरेलू फंडों और निवेशकों ने भी इसमें गहरी दिलचस्पी दिखाई है। बाजार की परिस्थितियों और विनियामक मंजूरी की स्थिति हालांकि सार्वजनिक की गई ये सभी तारीखें फिलहाल शुरुआती अनुमानों पर आधारित हैं और अंतिम कार्यक्रम पूरी तरह तात्कालिक बाजार की चाल पर तय होगा। कंपनी ने अपनी आंतरिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं, परंतु सटीक समय का फैसला वैश्विक घटनाक्रमों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय माहौल को देखकर ही लिया जाएगा। विनियामक स्तर पर पूंजी बाजार नियामक सेबी ने इस निर्गम से संबंधित आवश्यक समीक्षाएं पूरी कर ली हैं और जरूरी मंजूरियां प्रदान कर दी गई हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स ने बीते जून महीने में ही सेबी के समक्ष अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी डीआरएचपी जमा कराया था, जिस पर नियामक प्राधिकारी ने 28 अगस्त तक अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी थी। निर्गम का स्वरूप और पूंजी के उपयोग की योजना कंपनी ने फिलहाल निर्गम के कुल आकार, प्रति शेयर मूल्य दायरे और समग्र मूल्यांकन को लेकर अंतिम आंकड़े साझा नहीं किए हैं। आने वाले हफ्तों में संभावित निवेशकों के रुझान और शेयर बाजार के स्तर को परखने के बाद इन वित्तीय ब्योरों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। अब तक सामने आए प्रारूप के मुताबिक, यह पेशकश पूरी तरह नए शेयरों यानी फ्रेश इश्यू के रूप में पेश की जाएगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि मौजूदा शेयरधारक अपनी पुरानी हिस्सेदारी की बिक्री नहीं करेंगे, बल्कि कंपनी विस्तार और पूंजी सृजन के लिए नए शेयर जारी करेगी। इस प्रक्रिया से प्राप्त होने वाली शुद्ध राशि का प्रमुख हिस्सा कंपनी पर मौजूद करीब 27,500 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज को चुकाने में लगाया जाएगा, जबकि शेष बची धनराशि को सामान्य कॉरपोरेट कामकाज और परिचालन संबंधी जरूरतों में उपयोग किया जाएगा। इसका आप पर असर रिलायंस जियो के इस सार्वजनिक निर्गम से खुदरा और संस्थागत निवेशकों को देश की सबसे बड़ी डिजिटल एवं दूरसंचार कंपनी में सीधी हिस्सेदारी का अवसर मिलेगा। • खुदरा निवेशकों के लिए: आम निवेशकों को 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच बोली लगाने का प्राथमिक मौका मिलेगा। वे अपने डीमैट और यूपीआई व्यवस्था के जरिए आधिकारिक मूल्य दायरा तय होते ही आवेदन कर सकेंगे। • सूचीबद्धता का समय: सफल आवेदकों के लिए 28 अक्टूबर को संभावित लिस्टिंग की योजना रखी गई है। इससे निवेशक शुरुआती कारोबारी दिन से ही इन शेयरों का सीधे व्यापार कर पाएंगे। • कंपनी की वित्तीय स्थिति: जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा 27,500 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज उतारने में खर्च होगा। कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने से दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता में सुधार हो सकता है। • प्रमोटर हिस्सेदारी: निर्गम में केवल नए शेयर जारी किए जाएंगे और कोई पुराना शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेगा। इसका मतलब है कि मौजूदा प्रवर्तक कंपनी में अपना पूर्ण विश्वास बनाए हुए हैं। ऐसा क्यों हुआ कंपनी ने अपने बैलेंस शीट विस्तार, कर्ज भुगतान की जरूरतों और विनियामक मंजूरी मिलने के बाद निर्गम को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया है। • नियामकीय मंजूरी: जून में जमा कराए गए डीआरएचपी पर सेबी से 28 अगस्त को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है। सभी कानूनी अनुपालन पूरे होने के बाद कंपनी अब सार्वजनिक पेशकश के लिए तैयार है। • कर्ज चुकाने का लक्ष्य: कंपनी पर वर्तमान में लगभग 27,500 करोड़ रुपये की देनदारी मौजूद है। नए शेयरों के जरिए जुटाई जाने वाली पूंजी से इस ऋण को कम करने की स्पष्ट योजना है। • मजबूत संस्थागत रुचि: प्राथमिक तैयारी के दौरान विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों से सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए हैं। इस अनुकूल मांग ने प्रबंधन को त्योहारी माहौल में निर्गम लाने के लिए प्रेरित किया। • वैश्विक बाजार कारक: यद्यपि आंतरिक तैयारियां पूर्ण हैं, अंतिम समयसीमा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर रहेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता रहने पर तय तारीखों के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सवाल-जवाब 1. जियो का आईपीओ आम निवेशकों के लिए कब खुलेगा? प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार आम निवेशकों के लिए यह आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर तक चलेगा। 2. एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख क्या तय की गई है? एंकर निवेशकों के लिए आवेदन प्रक्रिया 19 अक्टूबर से शुरू करने की योजना बनाई गई है। 3. शेयरों की संभावित लिस्टिंग किस तारीख को होगी? कंपनी के शेयरों को 28 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में लिस्ट कराने का अनुमान है। 4. आईपीओ से मिलने वाली रकम का उपयोग किस काम में होगा? जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा करीब 27,500 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज चुकाने और शेष राशि कॉरपोरेट जरूरतों में खर्च होगी। 5. क्या मौजूदा शेयरधारक इस आईपीओ में अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं? नहीं, यह पूरा निर्गम फ्रेश शेयरों का होगा और इसमें पुराने शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं। 6. क्या सेबी से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल चुकी है? हां, बाजार नियामक सेबी ने 28 अगस्त तक इस निर्गम से संबंधित आवश्यक मंजूरी दे दी थी। https://trendkia.com/business/tyohari-sijana-men-reliance-jio-la-rahi-hai-bahupratikshita-ipo-21-aktubara-se-danva-laga-sakenge-niveshaka-42077 TrendKia — Har trend, sabse pehle.