# त्योहारी सीजन से पहले हवाई किराये में भारी उछाल पर व्यापारियों ने नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखा पत्र

> त्योहारी सीजन शुरू होते ही विमान कंपनियों ने प्रमुख रूटों पर किराया दोगुना तक बढ़ा दिया है। इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए सीटीआई ने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से दखल देने की मांग की है।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/tyohari-sijana-se-pahale-havai-kiraye-men-bhari-uchhala-para-vyapariyon-ne-jyotiraditya-scindia-ko-likha-patra-35124 · **Language:** Hindi
**Tags:** हवाई किराया, सीटीआई, ज्योतिरादित्य सिंधिया, इंडिगो, एयर इंडिया, त्योहारी सीजन, विमानन क्षेत्र

देश में त्योहारी सीजन की दस्तक के साथ ही विमानन कंपनियों ने प्रमुख घरेलू रूटों पर हवाई किराये में भारी बढ़ोतरी कर दी है। कई महत्वपूर्ण मार्गों पर टिकटों की कीमतें सामान्य दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना तक बढ़ चुकी हैं। इस अचानक हुई बढ़ोतरी को देखते हुए व्यापारियों और उद्यमियों की शीर्ष संस्था चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने सख्त रुख अपनाया है। सीटीआई ने इस सिलसिले में नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक पत्र भेजकर दखल देने की अपील की है। संगठन का कहना है कि आगामी त्योहारी दिनों में आम यात्रियों की जेब पर पड़ रहे इस भारी आर्थिक बोझ को नियंत्रित करने के लिए सरकार को तत्काल कड़े कदम उठाने चाहिए।

## प्रमुख उड़ानों के किराये में 50 से 100 प्रतिशत की वृद्धि
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने जानकारी दी कि संस्था के आंतरिक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो टिकट हाल तक बेहद सस्ती दरों पर मिल रही थीं, उनके दाम अब दोगुने से भी अधिक हो चुके हैं। इंडिगो और एयर इंडिया सहित लगभग सभी प्रमुख एयरलाइंस ने बीते कुछ दिनों के भीतर ही अपने किरायों में 50% से 100% तक का भारी इजाफा कर दिया है। गणपति महोत्सव के साथ देश में त्योहारी दौर की शुरुआत हो चुकी है, जो आने वाले समय में दिवाली और छठ पूजा तक लगातार जारी रहेगा। इस पूरे दौरान काम और त्योहारों के सिलसिले में अपने घर जाने वाले यात्रियों की तादाद बहुत तेजी से बढ़ती है। ऐसे महत्वपूर्ण समय पर किराये में अचानक सौ फीसदी की यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग के बजट को बिगाड़ रही है।

## प्रमुख रूटों पर किराये का बदला गणित
विमानन कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए किरायों के आंकड़ों को देखें तो राष्ट्रीय राजधानी से जुड़ने वाले प्रमुख रूटों पर टिकट की दरों में भारी बदलाव आया है

- दिल्ली से मुंबई के बीच आने-जाने का राउंड ट्रिप किराया पहले 10,000 रुपये हुआ करता था, जो अब बढ़कर 18,000 से 25,000 रुपये तक पहुंच गया है।
- दिल्ली से अहमदाबाद मार्ग पर पहले दोनों तरफ की यात्रा का किराया 10,000 से 12,000 रुपये के बीच रहता था, जो वर्तमान में बढ़कर 18,000 से 20,000 रुपये कर दिया गया है।
- दिल्ली से बेंगलुरु की यात्रा के लिए यात्रियों को पहले 12,000 से 15,000 रुपये खर्च करने पड़ते थे, जबकि अब यह खर्च बढ़कर 30,000 से 35,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
- दिल्ली से कोलकाता रूट पर पहले राउंड ट्रिप की लागत लगभग 11,000 रुपये थी, जो अब सीधे 20,000 रुपये हो चुकी है।

## शिशुओं के टिकट शुल्क और उड़ानों की क्षमता कटौती पर सवाल
किराये के अलावा एयरलाइंस की अन्य शुल्क नीतियों पर भी सवाल उठाए गए हैं। इंडिगो ने 3 दिन से लेकर 2 साल तक की उम्र वाले शिशुओं के लिए यात्रा शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 3,000 रुपये कर दिया है, जबकि नियमों के तहत इन नन्हे बच्चों को विमान में अलग से कोई सीट भी आवंटित नहीं की जाती। इसके साथ ही एविएशन डेटा एजेंसी ओएजी के आंकड़ों का हवाला देते हुए बृजेश गोयल ने स्पष्ट किया कि एयरलाइंस ने सितंबर के महीने में ही घरेलू रूटों पर अपनी कुल सीट क्षमता में 5.6% की कमी कर दी है। इसमें इंडिगो ने अपनी क्षमता में 4.5% और एयर इंडिया ने 8.8% सीटों की कटौती की है। भारतीय घरेलू विमानन बाजार में 90% से अधिक हिस्सेदारी इन्हीं दो बड़ी कंपनियों के पास है। ऐसे में त्योहारों के मौके पर जानबूझकर सीटों की संख्या कम करके किराया बढ़ाना यात्रियों के साथ सरासर अन्याय है। इसी वजह से सीटीआई ने केंद्र सरकार से विमान कंपनियों की इस मनमानी पर रोक लगाने और दरों को नीचे लाने के लिए कड़े निर्देश देने की मांग की है।

## इसका आप पर असर
त्योहारी सीजन में घर जाने या यात्रा करने वाले हवाई यात्रियों के बजट पर इस किराये बढ़ोतरी का सीधा और गहरा आर्थिक असर पड़ेगा।

- **राष्ट्रीय स्तर पर असर:** प्रमुख घरेलू रूट्स पर हवाई यात्रा की लागत 50% से 100% तक बढ़ गई है। यात्रियों को तत्काल टिकट बुक करते समय सामान्य से दोगुना तक अधिक भुगतान करना होगा।
- **दिल्ली और महानगरों के यात्रियों पर:** दिल्ली से मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और अहमदाबाद जाने वाली उड़ानों के किराये 18,000 से 35,000 रुपये तक पहुंच गए हैं। त्योहारी तारीखों के लिए योजना बना रहे यात्रियों को यात्रा खर्च में भारी बढ़ोतरी झेलनी पड़ेगी।
- **छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों पर:** इंडिगो ने 3 दिन से 2 साल तक के शिशुओं के लिए शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है। बिना सीट के भी अभिभावकों को प्रति शिशु 1,000 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।
- **सीटों की कमी का प्रभाव:** प्रमुख विमान कंपनियों द्वारा सितंबर में क्षमता में 5.6% की कटौती करने से उड़ानों में सीटों की उपलब्धता सीमित हो गई है। यात्रियों को अंतिम समय में कन्फर्म टिकट मिलना काफी मुश्किल हो सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने के साथ-साथ प्रमुख एयरलाइंस द्वारा क्षमता में की गई कटौती के कारण हवाई किराये अचानक बढ़ गए हैं।

- **मांग और आपूर्ति में असंतुलन:** गणपति महोत्सव से लेकर दिवाली और छठ पूजा के बीच घरेलू हवाई यात्रा की मांग काफी बढ़ जाती है। मांग में उछाल के चलते एयरलाइंस अपने डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत किराये बढ़ा देती हैं।
- **एयरलाइंस द्वारा क्षमता में कटौती:** विमानन डेटा एजेंसी ओएजी के अनुसार एयरलाइंस ने सितंबर में घरेलू उड़ानों की क्षमता 5.6% घटा दी है। इंडिगो ने 4.5% और एयर इंडिया ने 8.8% सीटें कम कर दी हैं, जिससे उड़ानों की आपूर्ति घट गई।
- **बाजार में सीमित प्रतिस्पर्धा:** इंडिगो और एयर इंडिया मिलकर भारतीय घरेलू विमानन बाजार के 90% से अधिक हिस्से पर नियंत्रण रखती हैं। इस बड़े बाजार दबदबे के कारण क्षमता घटाने और दरें बढ़ाने का सीधा असर बाजार पर पड़ता है।

## सवाल-जवाब

### 1. सीटीआई ने नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र क्यों लिखा?
सीटीआई ने त्योहारी सीजन में विमानन कंपनियों द्वारा हवाई किराये में 50% से 100% की भारी बढ़ोतरी करने और क्षमता घटाने पर रोक लगाने की मांग को लेकर पत्र लिखा है।

### 2. दिल्ली-बेंगलुरु रूट पर हवाई किराया कितना बढ़ गया है?
दिल्ली से बेंगलुरु का राउंड ट्रिप किराया पहले 12,000 से 15,000 रुपये था, जो अब बढ़कर 30,000 से 35,000 रुपये हो गया है।

### 3. इंडिगो ने शिशुओं के यात्रा शुल्क में क्या बदलाव किया है?
इंडिगो ने 3 दिन से 2 साल तक की उम्र के शिशुओं का शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है।

### 4. प्रमुख विमानन कंपनियों ने अपनी उड़ानों की क्षमता कितनी घटाई है?
ओएजी के आंकड़ों के अनुसार सितंबर में कुल घरेलू क्षमता 5.6% घटाई गई, जिसमें इंडिगो ने 4.5% और एयर इंडिया ने 8.8% सीटें कम की हैं।

### 5. दिल्ली-मुंबई रूट पर अब आने-जाने का किराया कितना लग रहा है?
दिल्ली-मुंबई का राउंड ट्रिप किराया पहले 10,000 रुपये था, जो अब 18,000 से 25,000 रुपये तक पहुंच गया है।

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