# यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए UPCOS की शुरुआत, सीएम योगी आदित्यनाथ ने किए कई बड़े ऐलान

> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) की शुरुआत की है। नई व्यवस्था के तहत अब कंपनियां सीधे आउटसोर्स कर्मचारियों को बर्खास्त नहीं कर सकेंगी और उन्हें स्वास्थ्य व बीमा सुरक्षा मिलेगी।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/up-men-autasorsa-karmachariyon-ki-suraksha-ke-lie-upcos-ki-shuruata-siema-yogi-adityanath-ne-kie-kai-bare-ailana-26456 · **Language:** Hindi
**Tags:** उत्तर प्रदेश, योगी आदित्यनाथ, UPCOS, आउटसोर्स कर्मचारी, सरकारी योजनाएं, रोजगार सुरक्षा, कैशलेस इलाज

उत्तर प्रदेश में संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत कार्यरत लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) की औपचारिक शुरुआत की। इस नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब कोई भी आउटसोर्सिंग एजेंसी या निजी कंपनी किसी भी कर्मचारी को अपनी मर्जी से सीधे नौकरी से नहीं निकाल सकेगी। यदि कोई कंपनी किसी कर्मचारी को हटाना चाहती है, तो उसे पहले राज्य सरकार से लिखित अनुमति लेनी होगी। सरकार द्वारा शिकायत की पूरी जांच की जाएगी और यदि आरोप गलत पाए जाते हैं तो कर्मचारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।

 

## कर्मचारियों के उत्पीड़न पर रोक और बर्खास्तगी के कड़े नियम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्स कर्मचारियों का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कंपनियों की मनमानी पर पूरी तरह अंकुश लगाना और कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करना है। यदि किसी कंपनी की ओर से कर्मचारी के विरुद्ध कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो पहले उसकी निष्पक्ष जांच होगी। गलत या फर्जी शिकायत के आधार पर किसी भी कर्मचारी को न तो नौकरी से हटाया जा सकेगा और न ही उसे परेशान किया जाएगा। सीएम योगी द्वारा X पर दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार कर्मचारियों के हितों की पूरी रक्षा करेगी।

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## 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज और स्वास्थ्य सुरक्षा

कर्मचारियों और उनके आश्रितों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सरकार ने विशेष प्रणालियों का प्रावधान किया है। सीएम योगी ने बताया कि ईएसआई (ESI) का अंशदान अब सीधे अस्पतालों को हस्तांतरित किया जाएगा। यदि किसी अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी, तो कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की विशेष व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इसके तहत कर्मचारी और उसके पूरे परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। साथ ही महिला कर्मचारियों को मातृत्व लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

 

## 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा और अग्निकांड सहायता

आउटसोर्स कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक तंगी से बचाने के लिए नई योजना में कई मजबूत सुरक्षा कवच जोड़े गए हैं। किसी दुर्घटना या आपदा में कर्मचारी की असमय मृत्यु या गंभीर क्षति होने पर उसके परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक का एक्सीडेंटल बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अलावा, अग्निकांड जैसी आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में आउटसोर्स निगम की ओर से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये तक की तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

 

## बच्चों की शिक्षा, बेटी की शादी और जीरो बैलेंस खाते की सुविधा

राज्य सरकार का यह नया ढांचा केवल नौकरी की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी के परिवार की सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। किसी बड़ी अनहोनी की स्थिति में पीड़ित परिवार के बेटे की उच्च शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये और बेटी की पढ़ाई के लिए 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बेटी के विवाह हेतु भी आर्थिक मदद दी जाएगी। सभी कर्मचारियों के जीरो बैलेंस बैंक खाते खोले जाएंगे और परिवार के चार सदस्यों को विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

 

## डिजिटल पोर्टल से व्यवस्था पारदर्शी, कर्मचारियों को माना राज्य का एसेट

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतीत में आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ समझा जाता था और उनका शोषण होता था। वर्तमान सरकार अब उन्हें राज्य की बहुमूल्य संपत्ति यानी एसेट मानकर उनके हितों की रक्षा कर रही है। इसी सोच के साथ UPCOS का डिजिटल पोर्टल और आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की गई है। इस डिजिटल सिस्टम के माध्यम से पूरे मानव संसाधन प्रबंधन को पारदर्शी बनाया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और कर्मचारियों को समय पर वेतन व सुविधाएं मिलना सुनिश्चित होगा।

## इसका आप पर असर
यह फैसला उत्तर प्रदेश में कार्यरत लाखों आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों की आजीविका तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।

  - **उत्तर प्रदेश में:** आउटसोर्सिंग एजेंसियां अब बिना राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के किसी कर्मचारी को बर्खास्त नहीं कर सकेंगी। इससे कर्मचारियों का बेवजह नौकरी गंवाने का डर खत्म होगा।

  - **उत्तर प्रदेश में:** कर्मचारियों और उनके 4 परिजनों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे परिवारों पर अचानक आने वाला चिकित्सा खर्च का बोझ दूर होगा।

  - **उत्तर प्रदेश में:** किसी हादसे में मृत्यु या विकलांगता पर परिवार को 20 लाख से 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा। यह कठिन समय में परिवार को आर्थिक स्थिरता प्रदान करेगा।

  - **उत्तर प्रदेश में:** अनहोनी की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई के लिए 8 लाख और 10 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी। इससे परिवार के बच्चों की उच्च शिक्षा बाधित नहीं होगी।

  - **भारत में:** यह पहल देश के अन्य राज्यों के सामने संविदा व आउटसोर्स श्रमिकों के कल्याण और श्रम सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल प्रस्तुत करती है।

## सवाल-जवाब

### 1. UPCOS क्या है और इसकी शुरुआत किसने की?
UPCOS (उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम) एक राज्यस्तरीय निकाय है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और सामाजिक कल्याण लाभ देना है।

### 2. क्या अब आउटसोर्सिंग कंपनियां सीधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती हैं?
नहीं, नई व्यवस्था के तहत कंपनियां अब अपनी मर्जी से किसी कर्मचारी को नहीं निकाल सकती हैं। हटाने से पहले राज्य सरकार से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा और शिकायत की पूरी जांच की जाएगी।

### 3. नई योजना के तहत स्वास्थ्य और बीमा के क्या लाभ मिलेंगे?
कर्मचारियों और उनके परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इसके अलावा दुर्घटना होने पर 20 लाख से 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर और अग्निकांड में 10 लाख की सहायता मिलेगी।

### 4. अनहोनी की स्थिति में कर्मचारी के परिवार और बच्चों को क्या मदद दी जाएगी?
किसी बड़ी अनहोनी पर बेटे की पढ़ाई के लिए 8 लाख रुपये और बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही बेटी की शादी में भी वित्तीय मदद का प्रावधान है।

### 5. UPCOS के डिजिटल पोर्टल का क्या मुख्य उद्देश्य है?
पोर्टल का उद्देश्य आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल रूप से एकीकृत करना है ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आए और बिचौलियों का शोषण खत्म हो सके।

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