उरद-अरहर बीज के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: ई-लॉटरी से होगा वितरण, जानें आवेदन का नया नियम खरीफ सीजन 2026 में उरद और अरहर के बीजों के वितरण के लिए कृषि विभाग ने नई पारदर्शी व्यवस्था लागू की है। अब बीजों का आवंटन पहले आओ-पहले पाओ के बजाय ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा। अगर आप खरीफ फसल के दौरान उरद या अरहर की बुवाई की योजना बना रहे हैं, तो बीज प्राप्त करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह बदल चुकी है। कृषि विभाग ने वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए पुरानी 'पहले आओ, पहले पाओ' की नीति को समाप्त कर दिया है। रामपुर के उपकृषि निदेशक रामकिशन सिंह के अनुसार, खरीफ 2026 के लिए उरद, अरहर और अन्य सामान्य बीजों के साथ मिनीकिट बांटने की पूरी प्रक्रिया को अब पूरी तरह से पारदर्शी बनाया गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र किसानों को बीजों के आवंटन में निष्पक्ष रूप से समान अवसर प्राप्त हो सकें। ऑनलाइन आवेदन और ई-लॉटरी का तरीका रामकिशन सिंह ने स्पष्ट किया है कि अब किसानों को बीज पाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद, बीजों के लाभार्थियों का चयन करने के लिए ई-लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बीजों की बुकिंग की शुरुआत 14 अप्रैल 2026 को की गई थी। हालांकि, पहले चरण के बाद जो बीज शेष रह गए थे, उनके लिए कृषि विभाग ने 8 जुलाई 2026 से पुन: आवेदन प्रक्रिया खोल दी है। जो किसान पहले आवेदन करने से वंचित रह गए थे या जिन्हें प्रथम चरण में चयन का मौका नहीं मिला था, वे इस नई समय सीमा के भीतर दोबारा आवेदन कर सकते हैं। जिला स्तरीय समिति की निगरानी इस पूरी चयन प्रक्रिया की निगरानी जिलाधिकारी के नेतृत्व में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। ई-लॉटरी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्तर पर चयन में पक्षपात न हो और प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष बनी रहे। विभाग का यह भी मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से किसानों की शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आएगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और सही तरीके से जरूरतमंद किसानों तक पहुंच सकेगा। आवेदन कैसे करें जो किसान ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, वे कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल 'कृषि दर्शन-1' पर जाकर पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। यदि किसी किसान को ऑनलाइन आवेदन करने में कोई तकनीकी कठिनाई आती है, तो वे अपने निकटतम जन सेवा केंद्र (CSC) या कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि अंतिम समय की जल्दबाजी से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। इस योजना का दीर्घकालिक लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीज पहुंचाना है ताकि वे खरीफ सीजन में बेहतर फसल का उत्पादन कर सकें और अपनी कृषि आय में वृद्धि कर सकें। इसका आप पर असर भारत में: किसान अब सरकारी योजनाओं के तहत बीज पाने के लिए ऑनलाइन माध्यम पर निर्भर हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। रामपुर में: रामपुर के किसान 8 जुलाई 2026 से 'कृषि दर्शन-1' पोर्टल के जरिए उरद-अरहर बीजों के लिए आवेदन कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. उरद और अरहर के बीजों के लिए आवेदन कैसे करें? किसान 'कृषि दर्शन-1' पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 2. बीज वितरण के लिए पुरानी और नई व्यवस्था में क्या अंतर है? पुरानी व्यवस्था 'पहले आओ, पहले पाओ' पर आधारित थी, जबकि अब चयन प्रक्रिया ई-लॉटरी के माध्यम से की जाएगी। 3. ऑनलाइन आवेदन के लिए अगली तारीख कब है? बीजों के वितरण के लिए दोबारा आवेदन प्रक्रिया 8 जुलाई 2026 से शुरू की गई है। 4. यदि किसी किसान को ऑनलाइन आवेदन करने में समस्या हो, तो वह क्या करे? ऐसे किसान नजदीकी जन सेवा केंद्र या कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों से सहायता ले सकते हैं। https://trendkia.com/business/urada-arahara-bija-ke-lie-nalaina-rajistreshana-i-lotari-se-hoga-vitarana-janen-avedana-ka-naya-niyama-6190 TrendKia — Har trend, sabse pehle.