अमेरिका और ईरान वार्ता से कच्चे तेल में नरमी, 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसले दाम वॉशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक बातचीत शुरू होने से वैश्विक तेल बाजार में लगातार छठे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डब्ल्यूटीआई क्रूड 90 डॉलर से नीचे आ गया, जबकि घरेलू वायदा बाजार में भी नरमी देखी गई। वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार छठे कारोबारी सत्र में नरमी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण आंकड़े से नीचे फिसल गया है। अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा संवाद शुरू होने से मध्य पूर्व में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बने संकट के हल होने की संभावनाएं बढ़ी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच अत्यंत सकारात्मक बातचीत हुई है, जहां सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समझौते के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। कूटनीतिक चर्चाओं और वैकल्पिक सप्लाई मार्गों पर प्रगति राजनयिक स्तर पर चल रही इस बातचीत के दायरे को और विस्तार मिलने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस सप्ताह के अंत में फारस की खाड़ी के अन्य प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं से मिलने का कार्यक्रम भी तय माना जा रहा है। ईरान के एक अधिकारी ने संकेत दिया है कि यदि वॉशिंगटन की ओर से ईरानी तेल निर्यात पर लागू प्रतिबंधात्मक नाकेबंदी को हटाने की दिशा में सकारात्मक पहल होती है, तो तेहरान सात दिनों की अवधि के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा यातायात के लिए खोल सकता है। इसी दौरान सऊदी अरब भी अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए पेट्रोलियम निर्यात दोबारा शुरू करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह निर्भर रहे बिना वैकल्पिक मार्ग से तेल आपूर्ति संभव हो सकेगी। वैश्विक बेंचमार्क में गिरावट के आंकड़े अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार की सुबह करीब 09.40 बजे विभिन्न बेंचमार्क में कमजोरी दर्ज की गई। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड का भाव 1.26 प्रतिशत फिसलकर 89.38 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड के दाम भी 0.77 प्रतिशत टूटकर 98.49 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त मुरबान क्रूड की कीमतों में 1.23 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 108.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। घरेलू वायदा बाजार में भी दिखा असर भारतीय वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी कच्चे तेल के अनुबंधों में बिकवाली का दबाव देखा गया। बुधवार की सुबह लगभग 09.40 बजे 19 अक्टूबर की डिलीवरी वाला क्रूड ऑयल अनुबंध 1.28 प्रतिशत टूटकर 8,532 रुपये प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। हाल ही में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर होने के दौरान MCX पर कच्चे तेल का भाव 10,000 रुपये प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर गया था, जहां से अब इसमें उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है। इसका आप पर असर कच्चे तेल में नरमी से वैश्विक स्तर पर ईंधन कीमतों और आयात लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद है। • भारत में: कच्चे तेल के 90 डॉलर से नीचे आने से देश के तेल आयात बिल और चालू खाता घाटे पर दबाव घटेगा। अगर यह गिरावट बनी रहती है, तो घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में स्थिरता या कटौती की संभावना बढ़ सकती है। • घरेलू उपभोक्ताओं पर: ईंधन की लागत घटने से माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स खर्च में राहत मिल सकती है। इससे दैनिक उपभोग की वस्तुओं और खाद्य पदार्थों पर मुद्रास्फीति का दबाव कम होने में मदद मिलेगी। • कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए: एमसीएक्स पर 19 अक्टूबर अनुबंध 8,532 रुपये पर आ चुका है, जो हाल के 10,000 रुपये के उच्च स्तर से काफी नीचे है। वायदा कारोबारियों को अपनी पोजीशन में स्टॉप-लॉस और मार्जिन का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होगी। • ऊर्जा कंपनियों के लिए: तेल विपणन कंपनियों के रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है। आयात पर निर्भर पेट्रोकेमिकल और पेंट कंपनियों के इनपुट लागत में कमी आएगी। ऐसा क्यों हुआ कच्चे तेल में यह गिरावट वाशिंगटन और तेहरान के मध्य कूटनीतिक चर्चाओं के फिर से सक्रिय होने और आपूर्ति मार्गों के खुलने की संभावना के कारण दर्ज हुई है। • अमेरिका-ईरान सीधी बातचीत: अमेरिकी प्रतिनिधियों और ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत शुरू होने से सैन्य टकराव की आशंकाओं में कमी आई है। राजनयिक समाधान की गुंजाइश बनते ही सट्टेबाजी पर आधारित रिस्क प्रीमियम बाजार से घटने लगा। • होर्मुज जलडमरूमध्य का संभावित रास्ता: ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि प्रतिबंधों में ढील मिलने पर सात दिनों में प्रमुख समुद्री मार्ग को सुचारू किया जा सकता है। वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है। • सऊदी अरब की वैकल्पिक पाइपलाइन: सऊदी अरब अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन से निर्यात पुनः शुरू करने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ रहा है। इससे खाड़ी क्षेत्र में किसी भी संकट के दौरान आपूर्ति का वैकल्पिक सहारा तैयार होने का भरोसा बढ़ा है। सवाल-जवाब 1. बुधवार को WTI क्रूड का भाव किस स्तर पर पहुंच गया? बुधवार की सुबह WTI क्रूड 1.26 प्रतिशत गिरकर 89.38 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। 2. ब्रेंट और मुरबान क्रूड में कितनी गिरावट दर्ज की गई? ब्रेंट क्रूड 0.77 प्रतिशत फिसलकर 98.49 डॉलर और मुरबान क्रूड 1.23 प्रतिशत गिरकर 108.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। 3. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए क्या शर्त रखी है? ईरानी अधिकारी के मुताबिक यदि वॉशिंगटन तेल निर्यात रोकने वाली नाकेबंदी हटाने के कदम उठाता है, तो सात दिनों में इसे खोला जा सकता है। 4. एमसीएक्स पर 19 अक्टूबर डिलीवरी वाले क्रूड ऑयल का ताजा भाव क्या रहा? एमसीएक्स पर 19 अक्टूबर अनुबंध 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,532 रुपये प्रति बैरल के भाव पर आ गया। https://trendkia.com/business/us-aura-iran-varta-se-kachche-tela-men-narami-90-dolara-prati-bairala-ke-niche-phisale-dama-36884 TrendKia — Har trend, sabse pehle.