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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े के पार पहुंचा, ब्याज लागत और मुद्रास्फीति पर बढ़ा दबाव",
  "summary": "अमेरिकी खजाने के नए आंकड़ों के अनुसार देश का कुल राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम परिवारों पर ब्याज दरों और मुद्रास्फीति का बोझ बढ़ने की चिंता गहरा गई है।",
  "content": "अमेरिकी खजाना विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका का कुल राष्ट्रीय सकल कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुका है। इस नए आंकड़े के सामने आते ही वित्तीय बाजारों, अर्थशास्त्रियों और आम परिवारों के बीच चिंताएं बढ़ गई हैं। यह वित्तीय बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। निवेशक और बाजार विशेषज्ञ इस बात का बारीकी से आकलन कर रहे हैं कि कर्ज का यह विशाल दायरा आर्थिक विकास, मुद्रास्फीति की दर और अमेरिकी सरकार की भावी वित्तीय नीतियों को किस तरह प्रभावित करेगा।\n\nऐतिहासिक आंकड़ों के पार और कर्ज का तेजी से बढ़ना\nअमेरिकी ट्रेजरी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों में देश का कुल सकल राष्ट्रीय कर्ज 40.047 ट्रिलियन डॉलर दर्ज किया गया है। वर्ष 2017 में दर्ज 20 ट्रिलियन डॉलर के स्तर की तुलना में यह आंकड़ा महज नौ वर्षों में दोगुना हो चुका है। कर्ज में वृद्धि की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें अंतिम 1 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी केवल पांच महीनों में हुई है। मार्च 2026 में अमेरिकी कर्ज 39 ट्रिलियन डॉलर था, जो इसके कुछ ही समय बाद बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया।\n\nकमेटी फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फेडरल बजट की अध्यक्ष माया मैकगिनियस ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सकल कर्ज पिछले दस वर्षों में दोगुना हो गया है और बीस साल से भी कम समय में यह चौगुना हो चुका है। आज कर्ज के 40 ट्रिलियन डॉलर के नए मील के पत्थर तक पहुंचने की पुष्टि हो गई है। किसी वैश्विक महाशक्ति के वित्तीय पतन का इस तरह अनुमानित होना बेहद स्तब्ध करने वाला है।\n\nइतिहास पर नजर डालें तो अमेरिका को अपने कर्ज का पहला 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा छूने में लगभग 200 साल लगे थे, जो वर्ष 1981 में पूरा हुआ था। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति रीगन ने टेलीविजन के जरिए राष्ट्र को सीधे संबोधित करते हुए सख्त चेतावनी दी थी कि अगर एक राष्ट्र के रूप में हमें किसी चेतावनी की आवश्यकता थी, तो इसे वही चेतावनी माना जाना चाहिए। हालांकि आज स्थिति यह है कि अमेरिका 250वें वर्ष में प्रवेश करते हुए हर साल केवल कर्ज के ब्याज भुगतान पर ही 1981 के उस कुल कर्ज से अधिक राशि खर्च कर रहा है।\n\nप्रति व्यक्ति $1,20,000 का बोझ और आम परिवारों पर असर\nअमेरिका की लगभग 34 करोड़ की कुल आबादी के आधार पर यदि 40 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज की गणना की जाए, तो प्रति व्यक्ति औसत कर्ज लगभग 1,20,000 डॉलर बैठता है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि प्रति व्यक्ति कर्ज का यह अनुमानित आंकड़ा अमेरिका में एक एकल-परिवार वाले मकान की औसत कीमत से भी अधिक है। इस प्रकार के आकलनों का उपयोग यह दर्शाने के लिए किया जा रहा है कि आम नागरिक के दैनिक जीवन पर इस कर्ज का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है।\n\nपेटर जी. पेटरसन फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल ए. पीटरसन ने इस वित्तीय दबाव का विश्लेषण करते हुए बताया कि हम जितना अधिक कर्ज लेते हैं, उतना ही अधिक ब्याज हमें चुकाना पड़ता है, जो अब राष्ट्रीय रक्षा बजट की लागत से भी आगे निकल गया है। कर्ज में जुड़ने वाला प्रत्येक ट्रिलियन डॉलर उच्च ब्याज दरों और मुद्रास्फीति को बढ़ाता है, जिससे सभी अमेरिकियों के मॉर्गेज, कार लोन और क्रेडिट कार्ड के बिल महंगे हो जाते हैं। इसके साथ ही कर्ज आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाता है, जिससे मजदूरी में वृद्धि धीमी हो जाती है और जीवन यापन की लागत लगातार बढ़ती जाती है।\n\nअर्थशास्त्रियों ने यह भी रेखांकित किया है कि अत्यधिक सरकारी उधार घरेलू स्तर पर आपातकालीन स्थितियों और विदेश में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान देश की वित्तीय क्षमता को सीमित कर सकता है।\n\nसार्वजनिक कर्ज बनाम सरकारी आंतरिक हिस्सेदारी\nट्रेजरी द्वारा जारी 40.047 ट्रिलियन डॉलर के कुल सकल कर्ज को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जाता है, जिसमें सार्वजनिक कर्ज और अंतर-सरकारी धारिता शामिल है। कुल कर्ज का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक कर्ज के रूप में है, जिसकी राशि लगभग 32.2 ट्रिलियन डॉलर है। इस हिस्से में निजी कंपनियां, अमेरिकी राज्य, स्थानीय निकाय, संस्थागत निवेशक और विदेशी सरकारें शामिल हैं। शेष 7.8 ट्रिलियन डॉलर अंतर-सरकारी दायित्वों का हिस्सा है, जिसमें सोशल सिक्योरिटी जैसे महत्वपूर्ण सरकारी ट्रस्ट फंड और कार्यक्रम शामिल हैं।\n\nअमेरिकी सरकारी बॉन्ड रखने वाले शीर्ष गैर-अमेरिकी देशों में जापान, ब्रिटेन और चीन प्रमुख हैं। जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, जापान 1.116 ट्रिलियन डॉलर की अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिभूतियों के साथ सबसे बड़ा विदेशी धारक था। इसके बाद ब्रिटेन के पास 939.9 बिलियन डॉलर और चीन के पास 633.4 बिलियन डॉलर की अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियां थीं। विदेशी स्वामित्व का यह बड़ा हिस्सा यह दिखाता है कि वैश्विक बाजारों में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की मांग कितनी महत्वपूर्ण है।\n\nयह प्रश्न अक्सर उठाया जाता है कि क्या अमेरिका को 40 ट्रिलियन डॉलर का यह पूरा कर्ज एक साथ चुकाना होगा। व्यवहारिक रूप से, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड का समय-समय पर पुनर्वित्त (रिफाइनेंस) किया जाता है। उदाहरण के लिए, जापान की 1.1 ट्रिलियन डॉलर की धारिता को किसी एक नकद भुगतान के रूप में वापस नहीं किया जाता है। इसके बजाय, अमेरिकी सरकार पुरानी परिपक्व (मैच्योर) प्रतिभूतियों के स्थान पर नए बिल, नोट्स और बॉन्ड जारी करती है। इस पूरी प्रक्रिया को कर्ज का रोलओवर कहा जाता है।\n\nजीडीपी के मुकाबले कर्ज का अनुपात और वैश्विक तुलना\nकेवल कर्ज का आकार किसी देश की ऋण चुकाने की क्षमता का पूरा विवरण नहीं देता है। अर्थशास्त्री देश के कुल उत्पादन की तुलना में कर्ज के बोझ को मापने के लिए कर्ज-से-जीडीपी अनुपात (ऋण और सकल घरेलू उत्पाद का अनुपात) का विश्लेषण करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के ट्रैकर के अनुसार, अमेरिका का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 125.8 प्रतिशत दर्ज किया गया है। आईएमएफ की सूची में शामिल 100 प्रतिशत से अधिक अनुपात वाले 19 देशों में अमेरिका 9वें स्थान पर आता है।\n\nइस सूची में जापान 204.4 प्रतिशत के अनुपात के साथ सबसे शीर्ष पर है। इसके बाद सिंगापुर 171.9 प्रतिशत और सूडान 169.1 प्रतिशत के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि अमेरिका और जापान की तुलना करते समय विशेषज्ञ ध्यान दिलाते हैं कि दोनों देशों की वित्तीय संरचना अलग है। जापान के कुल कर्ज का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा उसके घरेलू बैंकों के पास है, जिससे तनाव के समय विदेशी निवेशकों पर उसकी निर्भरता कम रहती है। इसके अलावा, जापान की घरेलू बचत दर उसकी जीडीपी के लगभग एक-तिहाई के करीब है, जो अमेरिकी बचत दर की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है।\n\n50 ट्रिलियन डॉलर का खतरा और सुधार के उपाय\nयदि नीतिगत सुधार लागू नहीं किए गए तो भविष्य में स्थिति और बिगड़ने की चेतावनी दी गई है। आबादी के वृद्ध होने और स्वास्थ्य सेवा लागतों के लगातार बढ़ने के कारण सरकारी खर्च में तेजी से उछाल आ रहा है। माइकल ए. पीटरसन ने चेतावनी दी है कि यदि हमने अपने बजट में सुधार नहीं किया, तो हम महज 6 वर्षों में 50 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज के आंकड़े को छू लेंगे।\n\nवित्तीय स्थिति को स्थिर करने के लिए विशेषज्ञों ने तत्काल कदम उठाने की सिफारिश की है। माया मैकगिनियस के अनुसार, वित्तीय पाठ्यक्रम को रातों-रात नहीं बदला जा सकता, लेकिन पहला कदम नए उधार पर पूरी तरह रोक लगाने (नो न्यू बरोइंग) का होना चाहिए। इसके अलावा, दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के समर्थन से जीडीपी के 3 प्रतिशत तक वार्षिक घाटे का लक्ष्य तय किया जाना चाहिए और सोशल सिक्योरिटी जैसे ट्रस्ट फंडों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक द्विदलीय राजकोषीय आयोग का गठन किया जाना चाहिए। पीटरसन का कहना है कि चीन, रूस और ईरान जैसे प्रतिस्पर्धी देश भले ही अमेरिका को अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर करते देखना चाहें, लेकिन यह एक ऐसी समस्या है जिसे अमेरिका बिना किसी बाहरी देश से बातचीत किए खुद हल कर सकता है।\n\nअमेरिकी ट्रेजरी की बाजार तरलता और बायबैक रणनीति\nसरकारी ऋण बाजार में स्थिरता बनाए रखने और दीर्घकालिक बॉन्ड बाजार में तरलता (लिक्विडिटी) को समर्थन देने के लिए अमेरिकी खजाना विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने 10-वर्ष से 20-वर्ष की अवधि वाले और 20-वर्ष से 30-वर्ष की अवधि वाले कूपन बॉन्ड खंड में बायबैक संचालन को बढ़ाने का निर्णय लिया है।\n\nअमेरिकी ट्रेजरी ने घोषणा की है कि बाजार सहायता संचालन के तहत इस तरलता सहायता बायबैक के मौजूदा आकार को 2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 4 ट्रिलियन डॉलर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य द्वितीयक बाजार में बॉन्ड की सुचारू खरीद-बिक्री सुनिश्चित करना और ब्याज दरों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: अमेरिकी कर्ज बढ़ने से डॉलर मजबूत हो सकता है, जिससे भारतीय रुपये पर दबाव आ सकता है और भारत में आयातित सामान और कच्चे तेल की लागत बढ़ सकती है।\n\nग्लोबल निवेशकों और आम नागरिकों के लिए: अमेरिकी ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं, जिससे होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की दरों में बढ़ोतरी होगी और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमेरिकी राष्ट्रीय कर्ज कितना हो गया है?\nअमेरिकी खजाना विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार अमेरिका का कुल राष्ट्रीय सकल कर्ज 40.047 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है।\n\n2. प्रति व्यक्ति अमेरिकी नागरिक पर कितना कर्ज का बोझ है?\n34 करोड़ की आबादी के हिसाब से अमेरिकी राष्ट्रीय कर्ज प्रति व्यक्ति लगभग 1,20,000 डॉलर बैठता है।\n\n3. अमेरिका पर सबसे ज्यादा कर्ज किस देश का है?\nजून 2026 के आंकड़ों के अनुसार जापान 1.116 ट्रिलियन डॉलर के साथ अमेरिका का सबसे बड़ा विदेशी कर्जदाता है, जिसके बाद ब्रिटेन और चीन का स्थान आता है।\n\n4. क्या अमेरिका को 40 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज एक साथ चुकाना होगा?\nनहीं, अमेरिकी सरकार अपने कर्ज को पुराने बॉन्ड की परिपक्वता पर नए बॉन्ड जारी करके रिफाइनेंस करती है, जिसे बॉन्ड रोलओवर कहा जाता है।\n\n5. अमेरिका का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात कितना है?\nआईएमएफ के ट्रैकर के अनुसार अमेरिका का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 125.8 प्रतिशत है, जो इसे दुनिया में 9वें स्थान पर रखता है।\n\n6. सुधार न होने पर 6 साल बाद अमेरिका का कर्ज कितना हो सकता है?\nविशेषज्ञों की चेतावनी के अनुसार यदि बजटीय सुधार नहीं किए गए तो अगले 6 वर्षों में अमेरिकी कर्ज बढ़कर 50 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-08-20",
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