# अमेरिकी वित्त मंत्रालय का ईरान पर बड़ा आर्थिक प्रहार, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दिया 'जीरो लीकेज' प्रतिबंधों का अल्टीमेटम

> अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर ईरान के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बड़े कड़े कदमों का ऐलान किया है, जिसमें दुनिया भर के देशों को तेहरान से बैंकिंग और व्यापारिक रिश्ते खत्म करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-08-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/us-treasury-ka-iran-para-bara-arthika-prahara-donald-trump-prashasana-ne-diya-jiro-likeja-pratibndhon-ka-altimetama-21435 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिका, ईरान प्रतिबंध, स्कॉट बेसेंट, डोनाल्ड ट्रंप, वैश्विक अर्थव्यवस्था, अमेरिकी वित्त मंत्रालय, विदेशी मुद्रा बाजार, सोना

अमेरिकी सरकार ने दुनिया भर में फैले ईरान के वित्तीय और व्यापारिक नेटवर्क को निशाना बनाते हुए व्यापक आर्थिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक संवाददाता सम्मेलन में इस आक्रामक अभियान की औपचारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन तेहरान के खिलाफ एक समन्वित आर्थिक मोर्चा खोल रहा है। इस रणनीति का मुख्य लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में ईरान की पहुंच को पूरी तरह समाप्त करना और उसके विदेशी बैंकिंग संपर्कों को तोड़ना है।

## जीरो लीकेज नीति और राष्ट्राध्यक्षों से सीधी बातचीत
वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, अमेरिका प्रतिबंधों को लागू करने में किसी भी प्रकार की ढील न देने के लिए 'जीरो लीकेज' दृष्टिकोण अपना रहा है। इस सिलसिले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्वयं दुनिया के विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं से टेलीफोन पर बात कर रहे हैं। वे वैश्विक नेताओं पर जोर दे रहे हैं कि वे तेहरान के साथ अपने सभी प्रकार के आर्थिक और व्यापारिक संबंध तुरंत समाप्त करें। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने हर देश के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय कर दी है, जिसके भीतर उन्हें अपने क्षेत्रों में संचालित ईरानी बैंक शाखाओं को बंद करना होगा और चिन्हित गतिविधियों पर रोक लगानी होगी।

स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी कि यदि कोई विदेशी सरकार तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो अमेरिका अपनी एकतरफा शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए खुद कड़े कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यह दबाव दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर भी समान रूप से लागू होता है। वॉशिंगटन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चीन सहित कोई भी देश अमेरिकी वित्तीय प्रतिबंधों के दायरे से बाहर नहीं है।

## शैडो फ्लैट और ब्रोकर नेटवर्क पर 60 कड़े प्रतिबंध
संवाददाता सम्मेलन से पहले, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने एक विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी किया, जिसमें ईरान से जुड़े लगभग 60 निकायों, व्यक्तियों और जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई। यह कार्रवाई मुख्य रूप से बिचौलिया कंपनियों के उस जटिल नेटवर्क पर केंद्रित है जो विभिन्न देशों में ईरान के गुप्त 'शैडो फ्लैट' जहाजों का संचालन और वित्तपोषण करती हैं। ये संस्थाएं और जहाज संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग, चीन, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और यूरोप के कई देशों में फैले हुए हैं।

वॉशिंगटन के कड़े रुख को रेखांकित करते हुए बेसेंट ने कहा कि अमेरिका के पास ईरान को लेकर असीमित धैर्य नहीं है और तेहरान को तुष्टीकरण के जरिए साधने के प्रयास अब काम नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक लेनदेन करने वाली संस्थाओं या देशों को अमेरिकी शक्ति के पूर्ण प्रभाव का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका को उम्मीद है कि उसके सहयोगी और अन्य वैश्विक साझेदार भी तेहरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से अलग-थलग करने के लिए इसी तरह के सख्त कदम उठाएंगे।

## मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर की स्थिति
इन बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में विभिन्न मुद्राओं के विनिमय दर में स्पष्ट हलचल देखी गई। अमेरिकी डॉलर ने प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले मजबूती दर्ज की, जिसमें कैनेडियन डॉलर के खिलाफ डॉलर सबसे मजबूत स्थिति में नजर आया। मुद्रा बाजार के विभिन्न जोड़ों के प्रदर्शन में डॉलर की बढ़त का असर साफ तौर पर दिखाई दिया।

सप्ताह की शुरुआत में GBP/USD जोड़ी ने अपनी हालिया रिकवरी का हिस्सा गंवा दिया और mild गिरावट के रुख के साथ 1.3600 के निचले स्तरों पर आ गई। निवेशक अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़ों और जैक्सन होल सम्मेलन से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, EUR/USD जोड़ी में भी नरमी बनी रही और यह सोमवार को डॉलर की मजबूती के बीच फिसलकर 1.1660 के दैनिक निचले स्तर तक पहुंच गई, जबकि कारोबारी अमेरिकी मनी मार्केट की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

## सोने में मजबूती और अमेरिकी बांड बायबैक अभियान
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में शुरुआती बढ़त के बाद आंशिक गिरावट आई, लेकिन इसके बावजूद पीली धातु मजबूती बनाए रखने में सफल रही। अमेरिकी डॉलर में तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में मामूली गिरावट के बीच सोना प्रति ट्रॉय औंस $4,600 के स्तर से ऊपर मजबूती से कारोबार करता रहा।

दूसरी तरफ, अमेरिकी बॉन्ड बाजार में एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव देखा गया। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अपने नियमित कैलेंडर से हटकर बुधवार को 12:32 GMT पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। इसके तहत 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड क्षेत्र में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक परिचालन का आकार दोगुना करने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से प्रति ऑपरेशन की अधिकतम सीमा $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दी जाएगी। यह संशोधित लिक्विडिटी बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक जारी रहेगा।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** ईरान पर अमेरिका के आक्रामक रुख और नए प्रतिबंधों से कच्चे तेल के वैश्विक आपूर्ति चक्र में व्यवधान की आशंका बढ़ सकती है, जिससे भारत के आयात बिल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव पड़ सकता है।

**वैश्विक निवेशकों के लिए:** मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और सोने की $4,600 से ऊपर की स्थिति भू-राजनीतिक अनिश्चितता के संकेत देती है, जिससे शेयर बाजार के निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनानी पड़ सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान के खिलाफ क्या घोषणा की है?
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने वैश्विक स्तर पर ईरान के वित्तीय नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग संपर्कों को पूरी तरह से काटने के लिए एक बड़े आक्रामक आर्थिक अभियान की घोषणा की है।

### 2. ईरान से जुड़े किन निकायों और जहाजों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं?
अमेरिका ने लगभग 60 ईरान-संबद्ध व्यक्तियों, निकायों और 'शैडो फ्लैट' जहाजों को लक्षित करने वाली बिचौलिया कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जो यूएई, हांगकांग, चीन, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और यूरोप में फैली हुई हैं।

### 3. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस नीति में क्या भूमिका निभा रहे हैं?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों से सीधी बातचीत कर रहे हैं और उन पर तेहरान के साथ सभी प्रकार के आर्थिक और बैंकिंग संबंध तुरंत खत्म करने का दबाव बना रहे हैं।

### 4. अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक योजना में क्या बदलाव किया गया है?
अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले बॉन्ड सेक्टर में अपने लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक की सीमा $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन कर दी है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक लागू रहेगी।

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