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  "title": "उत्तर प्रदेश का बड़ा धमाका, ब्रिक्स देशों को भेजा 5.36 अरब डॉलर का सामान",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के MSME सेक्टर ने वैश्विक बाजार में धूम मचा दी है, जहां अकेले ब्रिक्स देशों को 51.46 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात किया गया है।",
  "content": "ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार में उत्तर प्रदेश की ऊंची उड़ान\nउत्तर प्रदेश में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और मजबूत व्यापारिक नीतियों के चलते निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सफलता देखने को मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अकेले ब्रिक्स (BRICS) देशों के साथ उत्तर प्रदेश का निर्यात 5.36 अरब डॉलर यानी लगभग 51.46 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया है। TrendKia के अनुसार, उत्तर प्रदेश लगातार ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी देशों के साथ अपने आर्थिक, तकनीकी और निवेश संबंधी रिश्तों को मजबूत बना रहा है, जिसका सीधा फायदा अब राज्य के निर्यात प्रदर्शन में दिखाई देने लगा है।\n\nनिर्यात के आंकड़े और मुख्य उत्पाद\nउत्तर प्रदेश के MSME मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने इस संबंध में बताया कि राज्य से कई प्रमुख वस्तुओं का निर्यात दुनिया के विभिन्न देशों में किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से अत्याधुनिक मशीनरी, कपड़े, चमड़े के उत्पाद, कालीन और कीमती पत्थर शामिल हैं। कुल निर्यात के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें से करीब 3.938 अरब डॉलर मूल्य का सामान ब्रिक्स के कोर सदस्य देशों को भेजा गया है, जबकि 1.429 अरब डॉलर का निर्यात ब्रिक्स के सहयोगी देशों को किया गया है। इस व्यापारिक सफलता को रेखांकित करने के लिए आयोजित सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ MSME विभाग के अधिकारियों ने भी शिरकत की।\n\nMSME सेक्टर बना रोजगार का सबसे बड़ा जरिया\nभूपेंद्र चौधरी के अनुसार, उत्तर प्रदेश का MSME सेक्टर राज्य में नई नौकरियों के सृजन, नवाचार और समग्र आर्थिक विकास का सबसे प्रमुख आधार बनकर उभरा है। वर्तमान में राज्य में लगभग 96 लाख MSME इकाइयां पूरी तरह सक्रिय हैं, जो करीब 1.65 करोड़ लोगों को आजीविका और रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं।\n\nओडीओपी और विभिन्न योजनाओं से मिला संबल\nराज्य सरकार की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय हुनर और पारंपरिक कला को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का बेहतरीन काम किया है। इस विशेष योजना के तहत 20,000 से भी अधिक उद्यमियों को लगभग 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सहायता दी गई है, जिससे राज्य में 3.16 लाख रोजगार के नए मौके तैयार हुए हैं।\n\nइसके अलावा, 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' के तहत 4.41 लाख से अधिक पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक टूलकिट और विशेष ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। राज्य सरकार ने युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' भी लॉन्च किया है, जिसके तहत बिना किसी गारंटी के ब्याज मुक्त लोन दिए जा रहे हैं। इस अभियान का बड़ा लक्ष्य आगामी 10 वर्षों में राज्य में 10 लाख नई माइक्रो यूनिट्स स्थापित करना है। साथ ही, औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए PLEDGE योजना के अंतर्गत नए MSME पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिसमें से अब तक 12 जिलों में पार्कों की स्थापना को हरी झंडी मिल चुकी है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: मजबूत स्थानीय विनिर्माण और बढ़ते निर्यात से देश के समग्र विदेशी मुद्रा भंडार और व्यापार संतुलन को मजबूती मिलेगी।\n• उत्तर प्रदेश में: एमएसएमई क्षेत्र में मिलने वाली सरकारी सहायता और ब्याज मुक्त लोन से स्थानीय युवाओं, कारीगरों और नए व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. उत्तर प्रदेश ने ब्रिक्स देशों को कुल कितने मूल्य का निर्यात किया है?\nउत्तर प्रदेश ने ब्रिक्स देशों को कुल 5.36 अरब डॉलर (लगभग 51.46 हजार करोड़ रुपये) मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया है।\n\n2. ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी देशों को किए गए निर्यात का अलग-अलग आंकड़ा क्या है?\nकुल निर्यात में से लगभग 3.938 अरब डॉलर का सामान मुख्य ब्रिक्स सदस्य देशों को और 1.429 अरब डॉलर का सामान ब्रिक्स के सहयोगी देशों को निर्यात किया गया है।\n\n3. उत्तर प्रदेश से मुख्य रूप से किन वस्तुओं का निर्यात किया जा रहा है?\nराज्य से मुख्य रूप से मशीनरी, कपड़े, चमड़े के उत्पाद, कालीन और कीमती पत्थरों का विदेशों में निर्यात किया जा रहा है।\n\n4. उत्तर प्रदेश के MSME सेक्टर में कितनी इकाइयां काम कर रही हैं और इनसे कितने लोगों को रोजगार मिला है?\nराज्य में लगभग 96 लाख MSME इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिनसे करीब 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है।\n\n5. 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' का क्या लक्ष्य है?\nइस योजना के तहत युवाओं को बिना गारंटी के ब्याज मुक्त लोन देकर आगामी 10 वर्षों में 10 लाख नई माइक्रो यूनिट्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।",
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  "category": "व्यापार",
  "publishedAt": "2026-06-20",
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