# उत्तर प्रदेश के भदोही कारपेट एक्सपो में छाई श्रीनगर की 1.72 करोड़ रुपये की सिल्क कालीन

> भदोही में आयोजित कारपेट मेले में श्रीनगर की हस्तनिर्मित रेशमी कालीन आकर्षण का केंद्र बनी, जिसकी कीमत 1 करोड़ 72 लाख रुपये है और जिसे तैयार होने में 6 से 9 महीने लगते हैं।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/uttar-pradesh-ke-bhadohi-karapeta-eksapo-men-chhai-srinagar-ki-1-72-karora-rupaye-ki-silka-kalina-45083 · **Language:** Hindi
**Tags:** भदोही, कारपेट एक्सपो, श्रीनगर, कश्मीरी कालीन, हस्तशिल्प, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में लगे अंतरराष्ट्रीय कारपेट एक्सपो में इस बार जम्मू कश्मीर के श्रीनगर से आई एक बेहद खास कालीन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस एक्सपो में प्रदर्शित सबसे महंगी कालीन की कीमत करीब 1 करोड़ 72 लाख रुपये रखी गई है, जिसे देखने और परखने के लिए दूर-दूर से लोग और खरीदार पहुंच रहे हैं। हाथ से बुनी गई रेशमी कालीन अपनी बारीकी और नायाब हुनर के लिए इस प्रदर्शनी में चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।

## श्रीनगर के कारीगरों की नायाब हस्तकला और खासियत
इस एक्सपो में शामिल जय सी एक्सपोर्ट्स के प्रतिनिधि वसीम ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे श्रीनगर के रहने वाले हैं और यह कालीन पूरी तरह कश्मीर में ही तैयार की जाती है। उनके अनुसार, इस तरह की महीन बुनाई करने वाले विशेषज्ञ बुनकर केवल कश्मीर में ही उपलब्ध हैं। दुनिया भर में इस स्तर की कारीगरी बहुत दुर्लभ मानी जाती है, जिसके कारण बुनाई पर आने वाला खर्च भी काफी बढ़ जाता है। इस फर्म की सबसे महंगी कालीन का मूल्य 1 करोड़ 72 लाख रुपये तय किया गया है, जिसकी गुणवत्ता और रेशमी बुनावट को खरीदारों द्वारा खूब सराहा जा रहा है।

## खरीदारों की पसंद और पसंदीदा रंगों का चलन
प्रदर्शनी में आए खरीदारों के बीच हल्के रंगों की मांग खास तौर पर देखी जा रही है। वसीम ने बताया कि इस बार पेस्टल टोन्स और सी-ग्रीन शेड्स को खरीदार काफी पसंद कर रहे हैं। मेले में मौजूद सबसे बड़ा कारपेट भी इसी फर्म के पास प्रदर्शित है। अलग-अलग रंगों और सूक्ष्म नक्काशी वाले ये कालीन अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों तरह के ग्राहकों को लुभा रहे हैं।

## ऑर्डर प्रक्रिया और दिल्ली स्थित वितरण नेटवर्क
इस फर्म की पूरी मैन्युफैक्चरिंग इकाई श्रीनगर में स्थापित है, जबकि इसका मुख्य कार्यालय और वेयरहाउस दिल्ली के निज़ामुद्दीन ईस्ट में जांसंस के नाम से संचालित होता है। श्रीनगर में उत्पादन पूरा होने के बाद तैयार माल को दिल्ली भेजा जाता है, जहां से मांग के आधार पर इसे विभिन्न बाजारों में पहुंचाया जाता है। वसीम के अनुसार, यदि कोई खरीदार इन विशेष कालीनों का ऑर्डर देता है, तो कालीन के आकार और डिजाइन के आधार पर इसे तैयार कर निर्यात करने में लगभग 6 से 9 महीने का समय लग जाता है।

## इसका आप पर असर
भदोही मेले में प्रदर्शित इस महंगी कालीन से हस्तशिल्प बाजार और पारंपरिक कारीगरों के महत्व का पता चलता है।

- **भारत में:** देश में उच्च श्रेणी के हस्तनिर्मित कश्मीरी उत्पादों की वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है। इससे पारंपरिक बुनकरों और निर्यातक फर्मों के व्यापार को बड़ा प्रोत्साहन मिलता है।
- **भदोही में:** उत्तर प्रदेश के भदोही में लगने वाले अंतरराष्ट्रीय एक्सपो का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विभिन्न राज्यों के शीर्ष निर्माताओं के आने से स्थानीय बाजार और व्यापारिक साझेदारियों को गति मिलती है।
- **कारीगरों पर प्रभाव:** महीने भर चलने वाली जटिल बुनाई से कुशल बुनकरों के काम की कीमत बढ़ती है। प्रीमियम ऑर्डर मिलने से स्थानीय दस्तकारों को बेहतर पारिश्रमिक प्राप्त होता है।
- **खरीदारों के लिए:** विशेष हस्तनिर्मित कालीन खरीदने के लिए अग्रिम योजना और समय देना आवश्यक होता है। ऑर्डर देने के बाद तैयार उत्पाद पाने में ग्राहकों को 6 से 9 महीने का इंतजार करना पड़ता है।

## ऐसा क्यों हुआ
भदोही एक्सपो में इस कालीन के इतने ऊंचे मूल्य और चर्चा के पीछे दुर्लभ सामग्री और विशिष्ट निर्माण प्रक्रिया है।

- **सामग्री और कौशल:** यह कालीन पूरी तरह प्राकृतिक रेशम और कुशल कारीगरों के हाथों से तैयार की जाती है। इस स्तर की बारीक बुनाई करने वाले विशेषज्ञ केवल कश्मीर में ही मौजूद हैं।
- **लंबे समय की मेहनत:** कालीन को तैयार करने में कई महीनों की निरंतर मेहनत लगती है। अत्यधिक बारीक काम होने की वजह से बुनाई का खर्च काफी अधिक हो जाता है।
- **आपूर्ति शृंखला का ढांचा:** उत्पाद की संपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग केवल श्रीनगर में होती है। इसके बाद दिल्ली के वेयरहाउस से इसे मांग के अनुसार एक्सपोर्ट और सप्लाई किया जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. भदोही कारपेट एक्सपो में प्रदर्शित सबसे महंगी कालीन की कीमत कितनी है?
इस एक्सपो में प्रदर्शित सबसे महंगी कालीन की कीमत 1 करोड़ 72 लाख रुपये है।

### 2. यह महंगी कालीन किस कंपनी द्वारा प्रदर्शित की गई है?
यह कालीन श्रीनगर की फर्म जय सी एक्सपोर्ट्स द्वारा प्रदर्शित की गई है।

### 3. इस कालीन को बनाने में कौन सी सामग्री इस्तेमाल की जाती है?
यह कालीन पूरी तरह हाथ से शुद्ध सिल्क के जरिए तैयार की जाती है।

### 4. ऑर्डर मिलने के बाद ऐसी कालीन तैयार करने में कितना समय लगता है?
आकार और डिजाइन के आधार पर इसे तैयार कर निर्यात करने में लगभग 6 से 9 महीने का समय लगता है।

### 5. एक्सपो में खरीदारों द्वारा कौन से रंग सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं?
खरीदारों द्वारा मुख्य रूप से पेस्टल टोन्स और सी-ग्रीन रंग सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं।

### 6. इस फर्म का मुख्य वेयरहाउस और कार्यालय कहां स्थित है?
फर्म का वेयरहाउस और शाखा दिल्ली के निज़ामुद्दीन ईस्ट में जांसंस नाम से स्थित है, जबकि उत्पादन श्रीनगर में होता है।

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