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  "type": "article",
  "title": "उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में महंगी हुई सीएनजी, उन्नाव में सर्वाधिक सवा दो रुपये प्रति किलो का इजाफा",
  "summary": "ग्रीन गैस लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, आगरा, उन्नाव, अयोध्या और सुल्तानपुर में सीएनजी की कीमतें बढ़ा दी हैं, जहां प्रति किलोग्राम 2.25 रुपये तक की वृद्धि 1 नवंबर से प्रभावी हो गई है।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में वाहन चालकों को ईंधन के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है, जहां सीएनजी के खुदरा दामों में 2.25 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। राज्य के विभिन्न जनपदों में प्राकृतिक गैस वितरण का कार्य संभालने वाली प्रमुख कंपनी ग्रीन गैस लिमिटेड ने यह मूल्य वृद्धि 1 नवंबर से प्रभावी कर दी है। ईंधन वितरण कंपनी का कहना है कि वैश्विक बाजार में आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितताओं और आगामी शीतकालीन सत्र के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ने के कारण रिगैसीफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी आरएलएनजी की खरीद लागत में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिसके चलते यह संशोधन करना अनिवार्य हो गया था।\n\nराज्य के इन पांच जिलों के वाहन चालकों पर सीधा असर\nग्रीन गैस लिमिटेड देश की दो महारत्न सरकारी ऊर्जा कंपनियों, इंडियन ऑयल और गेल का एक संयुक्त उद्यम है। यह उद्यम मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के पांच प्रमुख जिलों की ईंधन जरूरतों को पूरा करता है, जिनमें प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित आगरा, उन्नाव, अयोध्या और सुल्तानपुर शामिल हैं। इस ताज़ा मूल्य संशोधन के कारण इन पांचों शहरों में दैनिक यात्रा करने वाले लाखों निजी वाहन मालिकों, ऑटो रिक्शा चालकों, टैक्सी ऑपरेटरों और वाणिज्यिक परिवहन सेवाओं पर सीधा आर्थिक भार बढ़ गया है।\n\nजिलेवार नई दरें और उन्नाव में सबसे बड़ी बढ़ोतरी\nइस ताजा मूल्य संशोधन के तहत अलग-अलग शहरों में दरें भिन्न अनुपात में बढ़ाई गई हैं, जिसमें सबसे तीखा असर उन्नाव के उपभोक्ताओं पर पड़ा है। उन्नाव में सीएनजी के दाम में सबसे ज्यादा 2.25 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके बाद वहां का भाव 103.75 रुपये से उछलकर 106 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। वहीं अन्य चार जिलों में प्रति किलोग्राम 1 रुपये का सीधा इजाफा दर्ज किया गया है।\n\nराजधानी लखनऊ और ताजनगरी आगरा में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के बाद सीएनजी की खुदरा कीमत 107 रुपये से बढ़कर 108 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। धार्मिक नगरी अयोध्या और पड़ोसी जिले सुल्तानपुर में भी प्रति किलोग्राम 1 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते इन दोनों जनपदों में सीएनजी की पुरानी दर 105 रुपये से बढ़कर अब नई दर के अनुसार संशोधित होकर लागू हो चुकी है। सभी पांचों जनपदों में पंपों पर यह नई दरें प्रभावशील कर दी गई हैं।\n\nअक्टूबर के बाद लगातार दूसरे महीने बढ़ीं कीमतें\nसीएनजी उपभोक्ताओं के लिए यह लगातार दूसरा महीना है जब ईंधन कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया है। इससे ठीक पहले अक्टूबर के महीने में भी ग्रीन गैस लिमिटेड ने दरों में 2 रुपये से लेकर 3.25 रुपये प्रति किलोग्राम तक का भारी इजाफा किया था। उस दौरान अयोध्या और सुल्तानपुर में सबसे ज्यादा 3.25 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी। कंपनी ने उस समय इनपुट गैस की बढ़ती लागत, वैश्विक बाजार में स्पॉट एलएनजी के महंगे होने और मुद्रा विनिमय दर में आने वाले उतार-चढ़ाव को मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण बताया था। लगातार दूसरे महीने हुई इस बढ़ोतरी ने शहरी आवागमन और माल ढुलाई के खर्च को काफी बढ़ा दिया है।\n\nइसका आप पर असर\nउत्तर प्रदेश के पांच जिलों में सीएनजी महंगी होने से दैनिक यात्रियों, कैब चालकों और जरूरी सामान की ढुलाई करने वाले वाहनों का दैनिक परिचालन खर्च बढ़ जाएगा।\n\n• उत्तर प्रदेश में: लखनऊ, आगरा, अयोध्या, सुल्तानपुर और उन्नाव में चलने वाली टैक्सियों, ऑटो और सीएनजी बसों के किराये पर ऊपर की ओर दबाव बनेगा। वाहन चालकों को 1 नवंबर से प्रति किलोग्राम पर 1 रुपये से लेकर 2.25 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा।\n• उन्नाव में: इस जिले के उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा प्रति किलो 2.25 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। वहां नई कीमत 106 रुपये प्रति किलोग्राम होने से स्थानीय माल ढुलाई और दैनिक आवागमन तुरंत महंगा हो गया है।\n• लखनऊ और आगरा में: इन दोनों बड़े शहरों में सीएनजी की कीमत 108 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। इससे निजी कार मालिकों और राइड-हेलिंग ड्राइवरों के मासिक ईंधन बजट में सीधी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।\n• व्यावसायिक ऑपरेटरों के लिए: लगातार दूसरे महीने दरें बढ़ने के कारण डिलीवरी वैन और हल्के वाणिज्यिक वाहनों की परिचालन लागत बढ़ गई है। आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर वस्तुओं की परिवहन लागत बढ़ने का असर अंतिम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह मूल्य वृद्धि मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति संबंधी बाधाओं और आगामी मौसम के चलते कच्चे माल की ऊंची खरीद लागत के कारण की गई है।\n\n• कच्चे माल की बढ़ती लागत: कंपनी के अनुसार वैश्विक स्तर पर सप्लाई से जुड़ी अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, जिसके चलते आरएलएनजी की खरीद काफी महंगी हो गई है। जब थोक गैस खरीद की लागत बढ़ती है, तो वितरक कंपनियों को खुदरा बिक्री दरों में संशोधन करना पड़ता है।\n• सर्दियों में मांग में तेजी: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सर्दियों के आगमन के साथ ही हीटिंग और ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए प्राकृतिक गैस की वैश्विक मांग में उछाल आता है। मांग बढ़ने से थोक भाव चढ़ जाते हैं, जिसका असर घरेलू इनपुट कीमतों पर साफ दिखाई देता है।\n• अक्टूबर का पिछला असर: इससे पहले अक्टूबर के महीने में भी इनपुट गैस की ऊंची लागत, स्पॉट एलएनजी के महंगे होने और मुद्रा विनिमय दरों में अस्थिरता के कारण कीमतें 3.25 रुपये तक बढ़ाई गई थीं। आपूर्ति व्यवस्था में लगातार बनी लागत चुनौतियों के कारण कंपनियों को नवंबर में पुनः दरें बढ़ानी पड़ीं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. उत्तर प्रदेश के किन शहरों में सीएनजी की कीमतें बढ़ाई गई हैं?\nग्रीन गैस लिमिटेड ने लखनऊ, आगरा, उन्नाव, अयोध्या और सुल्तानपुर में सीएनजी की दरों में बढ़ोतरी की है।\n\n2. सीएनजी के नए दाम कब से प्रभावी हुए हैं?\nसभी पांचों संबंधित जिलों में सीएनजी की नई दरें 1 नवंबर से आधिकारिक रूप से लागू हो चुकी हैं।\n\n3. किस जिले में सीएनजी के दाम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है?\nउन्नाव में सबसे अधिक 2.25 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है, जिससे वहां नई कीमत 106 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।\n\n4. लखनऊ और आगरा में सीएनजी की नई कीमत क्या है?\nलखनऊ और आगरा दोनों शहरों में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद नई कीमत 108 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।\n\n5. अयोध्या और सुल्तानपुर में सीएनजी की प्रति किलो कितनी बढ़ोतरी हुई है?\nअयोध्या और सुल्तानपुर दोनों शहरों में सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है, जहां पुरानी दर 105 रुपये थी।\n\n6. कंपनी ने सीएनजी के दाम बढ़ाने की क्या वजह बताई है?\nकंपनी के मुताबिक सर्दियों में बढ़ती मांग और वैश्विक स्तर पर आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के कारण आरएलएनजी की खरीद लागत बढ़ गई है।",
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  "publishedAt": "2026-11-01",
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