वाराणसी से उड़ा देश का पहला 'हब एंड स्पोक' विमान, अब विदेशी एयरपोर्ट पर रुके बिना पहुंचेंगे यात्री केंद्र सरकार ने वाराणसी से 'हब एंड स्पोक' मॉडल की शुरुआत की है, जिसके तहत छोटे शहरों के यात्री अब दुबई या सिंगापुर में रुके बिना भारत के बड़े एयरपोर्ट से सीधे दुनिया भर के लिए जुड़ सकेंगे। विदेश जाने वाले भारतीय यात्रियों को अब दुबई, लंदन या सिंगापुर के एयरपोर्ट पर घंटों ट्रांजिट में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्र सरकार ने भारतीय विमानन क्षेत्र को दुनिया के मुकाबले मजबूत बनाने और छोटे शहरों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ने के मकसद से 'हब एंड स्पोक' मॉडल को आखिरकार जमीन पर उतार दिया है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हुई है। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि यह पहल भारत के दूर-दराज के इलाकों को वैश्विक अवसरों के और करीब ले आएगी। इस मॉडल के पीछे सरकार की सोच साफ है, घरेलू यात्रियों को विदेशी एयरपोर्ट पर ट्रांजिट करने के बजाय भारत के ही बड़े हवाई अड्डों को ग्लोबल एविएशन हब की तरह इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना। आखिर इस बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी? आंकड़े बताते हैं कि भारत से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले सालाना करीब 2.5 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में से 85 प्रतिशत यानी तकरीबन 1.7 करोड़ लोग भारतीय एयरपोर्ट के बजाय विदेशी हब के रास्ते सफर करते हैं। इतना ही नहीं, करीब 35 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय यात्री दुबई, लंदन और सिंगापुर जैसे शहरों से होते हुए अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ते हैं। सरकार इसी रुझान को पलटना चाहती है। मकसद यह है कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों को दुनिया के बड़े एविएशन हब में तब्दील किया जाए। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा के मुताबिक इस मॉडल से न सिर्फ छोटे शहरों को फायदा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए मौके भी खुलेंगे। 'इजी कनेक्ट' सेवा कैसे काम करेगी? इस नई व्यवस्था के तहत वाराणसी जैसे 'स्पोक' एयरपोर्ट पर ही यात्री को दो अलग-अलग बोर्डिंग पास थमा दिए जाएंगे, जिन पर 'D' (डोमेस्टिक) और 'I' (इंटरनेशनल) के साफ संकेत होंगे। सबसे बड़ी राहत यह है कि विदेश जाने वाले यात्रियों के कस्टम और इमिग्रेशन की सारी औपचारिकताएं उनके पहले प्रस्थान बिंदु यानी वाराणसी में ही पूरी कर ली जाएंगी। इससे दिल्ली जैसे 'हब' एयरपोर्ट पर उन्हें दोबारा लंबी कतार में नहीं लगना पड़ेगा। यात्री का सामान भी हब एयरपोर्ट पर एयरसाइड ऑपरेशन के जरिए सीधे इंटरनेशनल फ्लाइट में पहुंचा दिया जाएगा। यानी बीच के पड़ाव पर अपना बैग दोबारा उठाने और जमा करने का झंझट खत्म। भारत आने वाले यात्रियों के लिए यही प्रक्रिया उल्टी दिशा में चलेगी और उनका कस्टम व इमिग्रेशन उनके आखिरी ठिकाने यानी स्पोक एयरपोर्ट पर ही पूरा होगा। इन शहरों तक जल्द पहुंचेगी सुविधा वाराणसी से सुबह 9:30 बजे उड़ान भरकर सुबह 10:50 बजे दिल्ली पहुंचने वाली इस पहली फ्लाइट के यात्री आगे दुबई, कोलंबो, जेद्दा और फुकेत समेत नौ अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए जुड़े। एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने बताया कि आने वाले महीनों में इस 'इजी कनेक्ट' सेवा को अमृतसर, अहमदाबाद, कोच्चि, गोवा, हैदराबाद, चेन्नई, पटना, वडोदरा और विशाखापत्तनम तक बढ़ाया जाएगा। उड्डयन मंत्री नायडू ने यह भी साफ किया कि एयर इंडिया के अलावा जल्द ही इंडिगो भी इस 'हब एंड स्पोक' मॉडल के तहत अपनी उड़ानें शुरू करने वाली है। इससे भारतीय विमानन बाजार में मुकाबला और यात्रियों के लिए सहूलियतें दोनों बढ़ेंगी। इसका आप पर असर • भारत में: विदेश जाने वाले यात्रियों को अब दुबई या सिंगापुर में ट्रांजिट करने के बजाय भारत के बड़े एयरपोर्ट से सीधे कनेक्शन मिलेगा, जिससे समय और लंबी कतारों से राहत मिलेगी। • वाराणसी में: शहर के यात्री अब यहीं कस्टम और इमिग्रेशन निपटाकर नौ अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक सीधे जुड़ सकेंगे, और सेवा के विस्तार से रोजगार के नए मौके भी बनेंगे। सवाल-जवाब 1. 'हब एंड स्पोक' मॉडल की शुरुआत कहां से हुई? इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हुई है। 2. इस मॉडल का मुख्य मकसद क्या है? मकसद यह है कि घरेलू यात्री विदेशी एयरपोर्ट पर ट्रांजिट करने के बजाय भारत के बड़े हवाई अड्डों को ग्लोबल एविएशन हब की तरह इस्तेमाल करें। 3. 'इजी कनेक्ट' सेवा में यात्री को क्या सुविधा मिलेगी? स्पोक एयरपोर्ट पर ही दो बोर्डिंग पास और कस्टम-इमिग्रेशन पूरा हो जाएगा, और सामान सीधे इंटरनेशनल फ्लाइट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा, जिससे हब एयरपोर्ट पर दोबारा कतार में नहीं लगना पड़ेगा। 4. वाराणसी से पहली फ्लाइट किस समय रवाना हुई? यह फ्लाइट वाराणसी से सुबह 9:30 बजे उड़ान भरकर सुबह 10:50 बजे दिल्ली पहुंची। 5. अभी कितने भारतीय यात्री विदेशी हब से ट्रांजिट करते हैं? सालाना करीब 2.5 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में से 85 प्रतिशत यानी तकरीबन 1.7 करोड़ यात्री विदेशी हब के रास्ते सफर करते हैं। 6. यह सेवा आगे किन शहरों में शुरू होगी? आने वाले महीनों में इसे अमृतसर, अहमदाबाद, कोच्चि, गोवा, हैदराबाद, चेन्नई, पटना, वडोदरा और विशाखापत्तनम तक बढ़ाया जाएगा। 7. क्या एयर इंडिया के अलावा कोई और एयरलाइन भी इसमें शामिल होगी? हां, जल्द ही इंडिगो भी इस 'हब एंड स्पोक' मॉडल के तहत अपनी उड़ानें शुरू करने वाली है। https://trendkia.com/business/varanasi-se-ura-desha-ka-pahala-haba-enda-spoka-vimana-aba-videshi-eyaraporta-para-ruke-bina-pahunchenge-yatri-3013 TrendKia — Har trend, sabse pehle.