# विदेशी और अनिवासी निवेशकों को सेबी का तोहफा, डिजिटल केवाईसी से भारत आए बिना शुरू होगा निवेश

> पूंजी बाजार नियामक सेबी ने भारत से बाहर रहने वाले निवेशकों के लिए केवाईसी नियमों को आसान बनाते हुए डिजिटल सत्यापन की अनुमति दी है। यह व्यवस्था 3 दिसंबर से प्रभावी होगी, जिससे एनआरआई और विदेशी नागरिकों को व्यक्तिगत रूप से भारत आने की बाध्यता नहीं रहेगी।

**Type:** article · **Category:** व्यापार · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/business/videshi-aura-anivasi-niveshakon-ko-sebi-ka-tohapha-dijitala-kyc-se-india-ae-bina-shuru-hoga-nivesha-56687 · **Language:** Hindi
**Tags:** सेबी, डिजिटल केवाईसी, अनिवासी भारतीय, विदेशी निवेशक, शेयर बाजार, वित्तीय नियम, केआरए, पूंजी बाजार

पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने भारत से बाहर रहने वाले व्यक्तियों के लिए निवेश नियमों को बेहद सरल और सुलभ बना दिया है। भारतीय वित्तीय परिसंपत्तियों में पूंजी लगाने के इच्छुक अनिवासी भारतीयों, भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों और विदेशी निवेशकों के लिए ग्राहक पहचान प्रक्रिया यानी केवाईसी के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ऐसे पात्र निवेशकों को पहचान सत्यापन के लिए प्रत्यक्ष तौर पर भारत आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे दुनिया के किसी भी कोने से अपने घर बैठे पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। नियामक का यह नया ढांचा इसी साल 3 दिसंबर से पूरे देश में लागू होने जा रहा है।

## डिजिटल दस्तावेजों और विदेशी पते को मिली आधिकारिक स्वीकृति
संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत बाजार मध्यस्थों को अपने पात्र विदेशी ग्राहकों से इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों द्वारा दस्तावेज और आवश्यक विवरण स्वीकार करने की अनुमति दे दी गई है। अब निवेशक अपने वैध पासपोर्ट की प्रतिलिपि और जहां जरूरी हो, वहां ओसीआई कार्ड की प्रति सीधे डिजिटल माध्यम से जमा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त सेबी ने पते के प्रमाण के रूप में भारत के बजाय विदेश के स्थानीय निवास प्रमाण पत्र को भी वैध मान लिया है। ग्राहकों की सुविधा के लिए फॉर्म को डिजिटल अथवा भौतिक, दोनों में से किसी भी प्रारूप में दाखिल करने की छूट दी गई है। निवेशक अपने नमूना हस्ताक्षर भी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेज सकते हैं, बशर्ते वीडियो आधारित व्यक्तिगत सत्यापन सत्र के दौरान उन हस्ताक्षरों का मिलान और सत्यापन कर लिया जाए।

## सख्त निगरानी के साथ वीडियो सत्यापन और सुरक्षा मानक
पूरी प्रक्रिया को कागजरहित बनाते हुए नियामक ने धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए कड़े सुरक्षा तंत्र भी स्थापित किए हैं। वीडियो आधारित व्यक्तिगत सत्यापन के दौरान बाजार मध्यस्थ के अधिकृत अधिकारी की सक्रिय उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। पहचान सत्यापन की विश्वसनीयता परखने के लिए पूरी प्रक्रिया का समवर्ती ऑडिट यानी कंकरेंट ऑडिट कराया जाएगा। इसके अलावा ग्राहकों की विस्तृत पृष्ठभूमि और जोखिम प्रोफाइल का विश्लेषण करने का अंतिम दायित्व संबंधित वित्तीय मध्यस्थ पर ही होगा। जोखिम श्रेणी के अनुसार मध्यस्थों को अतिरिक्त जांच उपाय भी लागू करने होंगे। जैसे ही सत्यापन पूरा होगा, संबंधित मध्यस्थ को तीन कार्यदिवस के भीतर समस्त रिकॉर्ड केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों के पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने होंगे।

## मध्यस्थों के बीच रिकॉर्ड साझा करने की नई व्यवस्था
प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक और क्रांतिकारी बदलाव किया गया है। अब एक बाजार मध्यस्थ द्वारा तैयार किए गए केवाईसी रिकॉर्ड का उपयोग अन्य मध्यस्थ भी बिना किसी रुकावट के कर सकेंगे। निवेशक किसी एक संस्था के पास सत्यापित रिकॉर्ड के आधार पर दूसरे मध्यस्थ के साथ आसानी से प्रतिभूति लेनदेन कर सकेंगे, भले ही सभी निजी विवरणों का दोबारा अलग से सत्यापन न हुआ हो। मध्यस्थों को किसी भी सेबी-पंजीकृत संस्था या अन्य वित्तीय नियामकों द्वारा विनियमित संस्थानों के सत्यापित रिकॉर्ड पर भरोसा करने की पूरी छूट दी गई है। इसके लिए केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री और केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों में संग्रहित रिकॉर्ड का उपयोग किया जा सकेगा। यह सुव्यवस्थित ढांचा एफएटीएफ के मानकों का अनुपालन करने वाले देशों के मौजूदा निवेशकों की दोबारा होने वाली केवाईसी यानी री-केवाईसी प्रक्रिया पर भी समान रूप से प्रभावी होगा।

## एफएटीएफ के मानकों का अनुपालन न करने वाले देशों पर प्रतिबंध बरकरार
नियामक ने यह पूरी तरह स्पष्ट किया है कि यह सरलीकृत डिजिटल सुविधा सभी भौगोलिक क्षेत्रों के लिए बिना शर्त उपलब्ध नहीं है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ के वित्तीय सुरक्षा नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन न करने वाले अधिकार क्षेत्रों में रहने वाले निवेशकों को इस छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा। ऐसे असंगत देशों के निवेशकों को सामान्य जांच और मौजूदा सख्त नियमों से ही गुजरना होगा। इस नीतिगत बदलाव से विदेशी पूंजी प्रवाह में तेजी आने और वैश्विक निवेशकों के लिए भारतीय शेयर बाजार में प्रवेश की बाधाएं दूर होने की उम्मीद है।

## इसका आप पर असर
अनिवासी भारतीयों और विदेशी नागरिकों के लिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश खाता खोलना अब बेहद सुगम और कागजरहित हो जाएगा।

- **भारत में:** घरेलू शेयर बाजार और मध्यस्थों के लिए विदेशी पूंजी जुटाना तेज और आसान होगा। इससे ब्रोकरेज हाउसों और संपत्ति प्रबंधकों के पास विदेशी खातों के प्रसंस्करण में लगने वाले समय और प्रशासनिक लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
- **अनिवासी भारतीयों के लिए:** अब सत्यापन के लिए लंबी और खर्चीली भारत यात्रा करने अथवा दूतावासों के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं रहेगी। विदेशी पते और पासपोर्ट की डिजिटल प्रतियों के जरिए घर बैठे 3 दिसंबर से सीधा निवेश खाता खोला जा सकेगा।
- **दस्तावेजी प्रक्रिया में:** एक बार तैयार किया गया सत्यापन रिकॉर्ड अन्य वित्तीय मध्यस्थों के साथ भी साझा किया जा सकेगा। निवेशकों को हर नई निवेश फर्म या ब्रोकर के पास अलग से पूरी कागजी जांच कराने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
- **समय सीमा और सुरक्षा:** पूरी सत्यापन प्रक्रिया तीन कार्यदिवसों के भीतर आधिकारिक डेटाबेस पर दर्ज की जाएगी। वीडियो सत्यापन और अनिवार्य समवर्ती ऑडिट से निवेशकों की डिजिटल पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
बाजार नियामक ने यह कदम विदेशी पूंजी प्रवाह की राह में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं को समाप्त करने और सत्यापन प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से उठाया है।

- **भौतिक सत्यापन की जटिलता:** पहले विदेशी निवेशकों और एनआरआई को सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के लिए भारत की प्रत्यक्ष यात्रा करनी पड़ती थी या जटिल कागजी औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता था। इस भारी असुविधा के कारण कई संभावित वैश्विक निवेशक भारतीय बाजार से दूरी बना लेते थे।
- **डिजिटल अवसंरचना का विस्तार:** केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री और सुरक्षित वीडियो सत्यापन तकनीकों के विकास ने बिना किसी सुरक्षा समझौते के दूरस्थ सत्यापन को व्यावहारिक बना दिया है। तकनीकी प्रगति ने नियामकों को कागजी सत्यापन के बजाय पूर्ण डिजिटल सत्यापन की अनुमति देने का भरोसा दिया।
- **वैश्विक वित्तीय मानकों का समन्वय:** वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियामक ने इन नए नियमों को एफएटीएफ के अनुपालन मानकों से सीधे जोड़ दिया है। इससे स्वच्छ और विनियमित पूंजी को बढ़ावा मिलता है जबकि जोखिम भरे अधिकार क्षेत्रों पर सख्त नियंत्रण कायम रहता है।

## सवाल-जवाब

### 1. सेबी का नया केवाईसी नियम कब से लागू होगा?
यह नया संशोधित नियम इसी वर्ष 3 दिसंबर से औपचारिक रूप से प्रभावी हो जाएगा।

### 2. क्या अब विदेशी निवेशकों को केवाईसी के लिए भारत आना पड़ेगा?
नहीं, पात्र विदेशी निवेशकों और अनिवासी भारतीयों को अब भारत आने की आवश्यकता नहीं होगी और वे घर बैठे डिजिटल माध्यम से सत्यापन पूरा कर सकेंगे।

### 3. किन दस्तावेजों को डिजिटल रूप से जमा करने की अनुमति दी गई है?
पात्र निवेशक अपने पासपोर्ट की प्रति, लागू होने पर ओसीआई कार्ड और पते के प्रमाण के रूप में अपने विदेशी आवास प्रमाण पत्र को डिजिटल रूप से जमा कर सकते हैं।

### 4. क्या वीडियो सत्यापन के दौरान अधिकारी का मौजूद रहना अनिवार्य है?
हाँ, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वीडियो आधारित व्यक्तिगत सत्यापन के दौरान मध्यस्थ के एक अधिकृत अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।

### 5. सत्यापन पूरा होने के बाद रिकॉर्ड कब तक अपलोड करना होगा?
बाजार मध्यस्थों को केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण होने के तीन कार्यदिवस के भीतर सभी संबंधित रिकॉर्ड केआरए पर अपलोड करने होंगे।

### 6. क्या सभी देशों के निवासियों को यह डिजिटल छूट मिलेगी?
नहीं, यह छूट केवल एफएटीएफ के मानकों का अनुपालन करने वाले देशों के लिए है; अनुपालन न करने वाले देशों के निवेशकों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।

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