बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से वॉरेन बफे का हटना, जानिए हॉवर्ड बफे को मिलेगी कितनी सैलरी और संपत्ति दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके बेटे हॉवर्ड बफे को नया उत्तराधिकारी बनाते हुए कमान सौंपी गई है। ग्लोबल शेयर बाजार के दिग्गज और दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में शुमार वॉरेन बफे ने अपने पद से हटने का बड़ा फैसला लिया है। उनके इस कदम के साथ ही बर्कशायर हैथवे में एक छह दशक लंबे युग का औपचारिक रूप से समापन हो गया है। 96 साल की उम्र में उन्होंने अपनी खरबों डॉलर की इस दिग्गज कंपनी के चेयरमैन का पद छोड़ दिया है। उनकी जगह अब उनके बेटे हॉवर्ड बफे को कंपनी की कमान सौंपी गई है। हॉवर्ड बफे को मिली नई जिम्मेदारी वॉरेन बफे द्वारा छोड़े गए चेयरमैन पद को अब उनके बड़े बेटे हॉवर्ड ग्राहम बफे संभालेंगे। हॉवर्ड पिछले करीब 33 साल से बर्कशायर हैथवे के बोर्ड से जुड़े हुए हैं और कंपनी के कामकाज को गहराई से समझते हैं। नई भूमिका मिलने के बाद उनका मुख्य फोकस पिता द्वारा स्थापित की गई कॉर्पोरेट संस्कृति और निवेश के पुराने तौर-तरीकों को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ाने पर रहेगा। वेतन और संपत्ति को लेकर चर्चाएं कमान सौंपे जाने के बाद निवेशकों और बाजार के जानकारों के बीच यह सवाल लगातार बना हुआ है कि क्या हॉवर्ड को उनके पिता की विशाल संपत्ति का पूरा हिस्सा मिलेगा या फिर चेयरमैन के रूप में उन्हें कितनी सैलरी दी जाएगी। हालांकि कंपनी के पारदर्शी नियमों के तहत कामकाज होता रहा है, लेकिन उत्तराधिकार मिलने के बाद इन वित्तीय पहलुओं पर सबकी नजर बनी हुई है। शेयर बाजार पर ऐतिहासिक प्रभाव वॉरेन बफे ने अपने 61 साल के लंबे निवेश सफर के दौरान शेयरों के जरिए भारी कमाई की और कुल 96 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बनाई। उन्हें दुनिया भर में शेयर बाजार का सबसे बड़ा 'बिग बुल' माना जाता है। उनके इस ऐतिहासिक फेरबदल से वैश्विक निवेशकों के बीच चर्चा का माहौल गर्म है, क्योंकि बाजार में उनकी हर गतिविधि का सीधा असर पड़ता है। इसका आप पर असर यह नेतृत्व परिवर्तन वैश्विक वित्तीय बाजारों और शेयरधारकों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। • भारत में: भारतीय निवेशक और शेयर बाजार विशेषज्ञ इस घटनाक्रम पर पैनी नजर रख रहे हैं क्योंकि वैश्विक बाजारों में बड़े बदलावों का असर घरेलू सूचकांकों पर भी पड़ता है। • निवेशकों के लिए: कंपनी की भविष्य की रणनीतियों और नेतृत्व शैली में बदलाव से लंबी अवधि के शेयरधारकों के पोर्टफोलियो पर असर पड़ सकता है। • बाजार की धारणा: दिग्गज निवेशक के हटने से वैश्विक स्तर पर निवेशकों की भावनाएं कुछ समय के लिए सतर्क हो सकती हैं। • नीतिगत बदलाव: कंपनी के नए चेयरमैन के कार्यभार संभालने से प्रशासनिक फैसलों और पूंजी आवंटन के तौर-तरीकों में बदलाव आ सकता है। ऐसा क्यों हुआ वॉरेन बफे द्वारा चेयरमैन पद छोड़ने का मुख्य कारण उनकी अत्यधिक आयु और लंबे समय से चल रही उत्तराधिकार की योजना थी। • उम्र का असर: 96 वर्ष की आयु तक पहुंचने के बाद प्रबंधन और दैनिक गतिविधियों से धीरे-धीरे दूरी बनाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया थी। • उत्तराधिकार की तैयारी: कंपनी ने पिछले कई वर्षों से सुचारू हस्तांतरण के लिए बोर्ड स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी थीं। • लंबा कार्यकाल: 61 वर्षों तक लगातार शीर्ष पद संभालने के बाद अब नेतृत्व सौंपने का यह सही समय माना गया। सवाल-जवाब 1. वॉरेन बफे ने किस पद से इस्तीफा दिया है? वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। 2. बर्कशायर हैथवे का नया चेयरमैन किसे बनाया गया है? उनके बड़े बेटे हॉवर्ड ग्राहम बफे को बर्कशायर हैथवे का नया चेयरमैन बनाया गया है। 3. हॉवर्ड बफे कितने समय से कंपनी से जुड़े हैं? हॉवर्ड बफे पिछले करीब 33 साल से कंपनी के बोर्ड से जुड़े हुए हैं। 4. वॉरेन बफे की उम्र कितनी है? वॉरेन बफे 96 वर्ष के हैं। https://trendkia.com/business/warren-buffett-steps-down-as-berkshire-hathaway-chairman-handing-over-leadership-to-his-son-howard-buffett-33332 TrendKia — Har trend, sabse pehle.